भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की चर्चा अक्सर पेट्रोल-डीजल की बचत, प्रदूषण कम करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने तक सीमित रहती है। लेकिन अगर कोई कहे कि इलेक्ट्रिक मालवाहक गाड़ियां ड्राइवरों की कमाई भी बढ़ा सकती हैं, तो शायद पहली बार में यकीन करना मुश्किल हो। नई रिपोर्ट कहती है कि ऐसा संभव है। Smart Freight…
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चल पड़ी पहली हाइड्रोजन ट्रेन … मगर मंज़िल महज़ रेलवे नहीं
अगर मैं आपसे पूछूं कि भारत ने हाइड्रोजन ट्रेन क्यों बनाई, तो शायद पहला जवाब होगा. ताकि डीज़ल की जगह एक साफ़ ईंधन इस्तेमाल हो सके। जवाब सही है। लेकिन पूरी कहानी नहीं। असल सवाल यह है कि जब भारतीय रेलवे का लगभग पूरा ब्रॉडगेज नेटवर्क पहले ही बिजली से चलने लगा है, तो फिर…
दिखने लगा EVs का असर, 2025 में ईरान के 70% निर्यात के बराबर तेल की बचत
दुनिया की सड़कों पर एक शांत बदलाव चल रहा है, और अब उसके असर आंकड़ों में साफ दिखने लगे हैं। 2025 में वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों ने मिलकर करीब 1.7 मिलियन बैरल प्रति दिन तेल की खपत टाल दी, जो लगभग ईरान के कुल तेल निर्यात के 70% के बराबर है। यह आकलन ग्लोबल…
भारी निवेश के बावजूद 2030 के लक्ष्य के लिए ईवी सेक्टर में एकीकृत निवेश ढांचा ज़रूरी
सड़क पर इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ दिख रही हैं.तीन पहिया ईवी ने शहरों की लास्ट माइल डिलीवरी बदल दी है.प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारें अब स्टेटस सिंबल भी हैं. लेकिन कागज़ पर रखे आंकड़े एक अलग कहानी कहते हैं. Institute for Energy Economics and Financial Analysis यानी IEEFA की 25 फरवरी 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार 2020 से…
2032 तक इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग के लिए भारत की कुल सौर-वायु क्षमता का सिर्फ 3% होगा काफी
भारत की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्रांति को साफ ऊर्जा से चार्ज करने के लिए भारी बिजली उत्पादन की नहीं, बल्कि बेहतर प्लानिंग और स्मार्ट पॉलिसी की ज़रूरत है। ऊर्जा थिंक टैंक ‘एम्बर’ की नई रिपोर्ट बताती है कि अगर सही नीतिगत बदलाव किए जाएं और चार्जिंग ढांचे को समय के अनुसार ढाला जाए, तो साल…
बैकअप से आगे की बात, BESS के साथ
जब सूरज ढल जाए, BESS साथ निभाए कुछ इंकलाब नारे लेकर आते हैं। और कुछ सिर झुकाए, काम में लगे रहते हैं—बिना तमगे की चाहत के, बस अपना फ़र्ज़ निभाते हुए। Battery Energy Storage Systems, यानी BESS, ऐसी ही एक चुपचाप चलने वाली ताक़त है। ना चर्चा, ना तमाशा, पर जिसकी गैरमौजूदगी में पूरी रिन्यूएबल…
इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के लिए भारत बना सबसे बड़ा बाजार
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के नवीनतम ग्लोबल इलेक्ट्रिक वेहिकिल आउटलुक के अनुसार, भारत इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (3डब्ल्यू) के मामले में, चीन को पछाड़ते हुए, दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन गया है. रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में भारत की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें सरकारी प्रोत्साहन और नीति…
केंद्रीय बजट 2024-25: जलवायु कार्रवाई के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता साफ़
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अंतरिम बजट पेश किया, जिसमें ऐसे व्यापक उपायों का उल्लेख किया गया जो ग्रीन एनेर्जी, पर्यावरणीय स्थिरता और जलवायु कार्रवाई के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। बजट ऊर्जा क्षेत्र पर रणनीतिक ध्यान केंद्रित करता है, जो एक अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के प्रति जागरूक भविष्य की…
साल 2030 तक सड़कों पर होंगी दस गुना इलैक्ट्रिक कारें: वर्ल्ड एनेर्जी आउटलूक 2023
ऊर्जा जगत में साल 2030 तक बहुत कुछ बदलने वाला है। और यह बदलाव होगा मौजूदा नीतियों के चलते। वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक की ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो आने वाले कुछ सालों में सड़कों पर लगभग 10 गुना अधिक इलेक्ट्रिक कारें होंगी, और रिन्यूबल एनेर्जी सोरसेज़ दुनिया के ऊर्जा स्रोतों का लगभग आधा हिस्सा बनाएंगे।…
इस डैशबोर्ड पर मिलेंगे देश की इलेक्ट्रिक गाड़ियों के सभी आंकड़े
देश के वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक गाडि़यों (ईवी) की पैठ लगातार बढ़ रही है। ऐसे में क्लाइमेट थिंकटैंक ‘क्लाइमेट ट्रेंड्स’ ने ‘क्लाइमेट डॉट’ के साथ मिलकर आज ‘ईवी डैशबोर्ड’ जारी किया। क्लाइमेट ट्रेंड्स की निदेशक आरती खोसला ने इसको जारी करते हुए कहा की – यह अनोखा डैशबोर्ड सरकार के ‘वाहन’ पोर्टल की मदद से…