एक अध्ययन में पाया गया है कि अगर पवन, सौर और जल विद्युत उत्पादन में कोई वृद्धि नहीं होती तो जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन चार प्रतिशत बढ़ जाता।दरअसल एनर्जी थिंक टैंक एम्बर द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में पाया गया है कि 2022 की पहली छमाही में अकेले रिन्यूबल एनेर्जी ने वैश्विक बिजली की मांग…
चलिए पढ़ा जाये
ला नीना के चलते हुई भारत में सामान्य से अधिक बारिश
चार महीने तक चलने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून आधिकारिक तौर पर 30 सितंबर को समाप्त हो गया। एक शांत शुरुआत के बाद, देश में भरपूर बारिश के साथ मानसून का मौसम एक अच्छे मोड़ पर समाप्त हुआ। हालांकि, बदलती जलवायु परिस्थितियों के कारण मॉनसून की बढ़ती परिवर्तनशीलता बारिश पर हावी रही। जैसा कि अनुमान लगाया गया…
पोप फ्रांसिस का यह पत्र पहले बना आंदोलन, अब एक फिल्म!
ऑस्कर विजेता निर्माताओं द्वारा बनाई यह फीचर फिल्म पोप फ्रांसिस की व्यक्तिगत कहानी की न सिर्फ एक अनदेखी झलक पेश करती है बल्कि वैश्विक जलवायु न्याय के लिए दबाव भी बनाती है पारिस्थितिक संकट को रोकने के लिए मानवता की शक्ति पर एक नई फीचर वृत्तचित्र फिल्म हाल ही में वैटिकन सिटी में एक वैश्विक…
दिल्ली हो सकती है पूरी तरह से रिन्यूबल एनेर्जी पर निर्भर, अगर…
रिन्यूएबल एनर्जी नामक पत्रिका में हाल ही में प्रकाशित एक लेख से इस बात की प्रबल संभावना जाहिर हुई है कि दिल्ली वर्ष 2050 तक जीवाश्म ईंधन से छुटकारा पाकर 100% अक्षय ऊर्जा पर निर्भरता का लक्ष्य हासिल कर सकती है। अपनी तरह के इस पहले शोध में दिल्ली जैसे उत्तर भारतीय महानगर में 100% अक्षय ऊर्जा प्रणालियों…
‘पराली जलाने की समस्या के समाधान में लगेंगे 4-5 साल’
साल का वो समय आ चुका है जब धान की कटाई और पराली जलाने का मौसम शुरू हो रहा है। और ऐसा होने के साथ ही दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में वायु प्रदूषण पर बहस फिर से जोर पकड़ रही है। मगर इस बार जो बात हमेशा से अलग है और जिसके चलते इन क्षेत्रों…
प्रश्न जलवायु का, उत्तर प्रदेश में!
निशान्त जब ग्लासगो में प्रधान मंत्री मोदी ने COP 26 के दौरान जलवायु परिवर्तन के खिलाफ़ वैश्विक जंग के संदर्भ में अंग्रेज़ी के शब्द LIFE के अक्षरों में छिपे एक मंत्र ‘लाइफ़स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ का उल्लेख किया था, तब वो महज़ उनके चिर-परिचित अंदाज़ वाला शब्दों का खेल नहीं था।सोचने बैठिए तो पता चलेगा कि…
क्लाइमेट जस्टिस बने प्रायोरिटी टॉप, वरना COP जैसे मंच हैं फ्लॉप
मिस्र के शर्म-अल-शेख में आगामी नवम्बर में आयोजित होने जा रहे संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी27) से पहले विशेषज्ञों ने क्लाइमेट जस्टिस पर खास जोर देते हुए कहा है कि अगर इस पहलू पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो सीओपी जैसे तमाम मंच बेमानी माने जाएंगे। सीओपी27 से पहले जलवायु परिवर्तन के कारण…
रिन्यूबल एनेर्जी क्षेत्र में महिला श्रम शक्ति में आई गिरावट
महामारी के बाद इस क्षेत्र में भारत ने वापसी की, मगर महिलाओं की भागीदारी अब तक के सबसे निचले स्तर पर डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूबल एनेर्जी (डीआरई/DRE) उद्योग में रोजगार से जुड़े एक सबसे व्यापक अनुसंधान से पता चलता है कि इस क्षेत्र में बढ़ती मांग के चलते हजारों औपचारिक और अनौपचारिक नौकरियों का सृजन हो रहा…
कार्बन मुक्त नेट ज़ीरो अर्थव्यवस्था के लिए सख्त नियम ज़रूरी
दुनिया के पांच महाद्वीपों के 10 में 8 बड़े बिजनेस लीडर्स का मानना है कि ‘नेट जीरो’ के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने और अर्थव्यवस्था को व्यापक तौर पर कार्बनमुक्त बनाने के लिए सशक्त नियमों की जरूरत है। यह निष्कर्ष हाल में ही किए गए एक सर्वे से निकलते हैं। कैम्ब्रिज इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबिलिटी लीडरशिप…
गुजरात और राजस्थान दे रहे देश में एनेर्जी ट्रांज़िशन को बल
इस साल के अंत तक भारत ने अपने लिए 175 गीगावाट की रिन्यूबल एनेर्जी क्षमता स्थापना का लक्ष्य रखा था। मगर बीती अगस्त तक भारत ने इस लक्ष्य का दो तिहाई हासिल किया है। मतलब दिसंबर तक लक्ष्य का एक तिहाई हासिल करना बाकी है। फिलहाल इस दो तिहाई के आंकड़े को हासिल करने में…