निशान्त दुनिया के जिस सबसे तेज़ जानवर को साल 1952 में भारत में विलुप्त घोषित किया गया, उसी जानवर का सत्तर साल बाद मध्य प्रदेश के श्योपुर ज़िले में कुनो-पालपुर नेशनल पार्क (केएनपी) में एक नया घर मिलेगा। और इसी के साथ देश कि पारिस्थितिकी के शुरू होंगे अच्छे दिन। यहाँ जिस जानवर की बात…
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अब वाराणसी करेगा कार्बन क्रेडिट से कमाई
प्रधान मंत्री का संसदीय क्षेत्र बनेगा यूपी का पहला और देश का 7वां शहर जहां कार्बन क्रेडिट से होगी कमाई – योगी सरकार कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए उठा रही प्रामाणिक कदम – आम जनता का स्वास्थ्य सुधारेगा कार्बन क्रेडिट, स्मार्ट सिटी की बढ़ेगी आय – वाराणसी स्मार्ट सिटी को इससे 50 लाख से…
अब सुनिए साफ हवा के बोल और धुन
निशान्त आज का दिन ख़ास है। आज, सितंबर सात, को हर साल साफ हवा और नीले आसमान को समर्पित अंतर्राष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। मगर इस साल साफ हवा और नीले आसमान को मिलेंगे बोल और धुन। दरअसल आज संयुक्त राष्ट्र-समर्थित वैश्विक समूह, #AirQualityAsia ने धरती के सबसे प्रदूषित हॉटस्पॉट्स में से एक, दक्षिण एशिया के लिए साफ…
इलेक्ट्रिक डिलिवरी वाहन वायु प्रदूषण निपटान में हो सकते हैं कारगर
सस्टेनेबल मोबिलिटी नेटवर्क और सीएमएसआर कंसल्टेंट्स के एक ताजा सर्वे से जाहिर हुआ है कि उपभोक्ता वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ई-कॉमर्स तथा डिलीवरी कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाते हुए देखना चाहते हैं।यह सर्वे मुंबई, पुणे, दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु तथा चेन्नई जैसे छह बड़े शहरों में 9048 उपभोक्ताओं…
जलवायु परिवर्तन अनुकूलन परियोजनाओं में लैंगिक संवेदनशीलता को नहीं मिलती प्राथमिकता
दुनिया के हर कोने में न सिर्फ़ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को महसूस किया जा रहा है, बल्कि उससे जुड़े जोखिम और मौजूदा कमजोरियों को कम करने के लिए अनुकूलन परियोजनाओं को लागू भी किया जा रहा है। मगर क्या इन अनुकूलन परियोजनाओं में जेंडर की कोई भूमिका रहती है? इसी सवाल का जवाब तलाशते…
चरम मौसम में अब नहीं कुछ खास, जलवायु परिवर्तन ने बनाया इसे आम सी बात
यह एक ज्ञात तथ्य है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून में कई परिवर्तन हुए हैं। राज्य द्वारा संचालित भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 2022 में 1902 के बाद से दूसरी सबसे बड़ी चरम घटनाएं देखी गई हैं। जबकि बाढ़ और सूखे की घटनाओं में वृद्धि हुई है, इस बात के और…
पवन ऊर्जा से चल सकती है देश में एनेर्जी ट्रांज़िशन की गाड़ी
केंद्र और राज्य सरकारें सही दिशा में काम करें तो वर्ष 2026 तक वायु ऊर्जा देश की कुल स्वच्छ ऊर्जा क्षमता में कर सकती है 23.7 गीगावॉट वृद्धि में मदद भारत में एनेर्जी ट्रांज़िशन को बल देने में पवन ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत अगले पांच वर्षों में 23.7 GW कि उत्पादन क्षमता जोड़ सकता है। मगर इसे संभव बनाने के लिए सक्षम नीतियां, सुविधाजनक साधन, और सही संस्थागत हस्तक्षेप ज़रूरी होंगे। इन…
भारत का नेट ज़ीरो होना रोज़गार सृजन के साथ देगा अर्थव्यवस्था को मज़बूती
गेटिंग एशिया टू नेट जीरो से संबंधित हाई लेवल पॉलिसी कमिशन का कहना है कि भारत जलवायु से संबंधित अपनी संकल्पबद्धताओं को पूरा करके और उन्हें बढ़ाकर वित्त संबंधी जोखिमों को खत्म कर सकता है और स्वच्छ ऊर्जा में रूपांतरण को बहुत बेहतर बना सकता है। एक ताजा अध्ययन के मुताबिक प्रदूषणकारी तत्वों के उत्सर्जन…
न्यायसंगत एनेर्जी ट्रांज़िशन के लिए यह ज़िला बन सकता है मिसाल
उड़ीसा का एक ज़िला है अंगुल। यह ज़िला देश के 12% कोयला उत्पादन के लिए जिम्मेदार है और यहाँ उड़ीसा के कुल कोयला उत्पादन का 56 प्रतिशत कोयला उत्पादित होता है।इस ज़िले की देश के कोयला उत्पादन में भूमिका के दृष्टिगत, इंटरनेशनल फॉरम फॉर एनवायरनमेंट , सस्टेनेबिलिटी, एंड टेक्नालजी या iForest ने एक मूल्यांकन किया…
क्या है विद्युत संशोधन विधेयक 2022 में ख़ास, क्यों हो रहा है इसका विरोध, क्या कहना है विशेषज्ञों का?
अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने लोकसभा में विद्युत संशोधन विधेयक 2022 पेश किया और कहा कि यह विधेयक अर्थव्यवस्था के विकास के लिए है। फिलहाल ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने विधेयक पर चर्चा के लिए इसे संसद की स्थायी समिति को भेजने का अनुरोध किया है।सरकार का कहना है कि यह बिल पावर…