रिन्यूबल एनर्जी की चर्चाओं में आमतौर पर बात सोलर की होती है, विंड की होती है, नेट जीरो की होती है. लेकिन इस बार COP 30 की चर्चाओं के बीच एक लाइन बार-बार सुनाई दी. “अगर ग्रिड नहीं बढ़ेगा, तो रिन्यूएबल के गीगावॉट भी काम नहीं आएंगे.”
इसी चिंता को सामने रखते हुए जर्मनी और ग्लोबल रिन्यूएबल्स अलायंस ने एक संयुक्त मंत्री-स्तरीय कार्यक्रम में दुनिया भर की सरकारों और संस्थाओं के साथ मिलकर ग्रिड और ऊर्जा स्टोरेज पर अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक फंडिंग पैकेज पेश किया.
“बिना ग्रिड के एनर्जी ट्रांजिशन रुकेगा” जर्मनी का साफ संदेश
जर्मनी के मंत्री कार्स्टन श्नाइडर ने कहा कि दुनिया जितनी तेजी से रिन्यूएबल जोड़ रही है, ग्रिड उसका साथ नहीं दे पा रहा. उन्होंने कहा कि जर्मनी ग्रिड प्लानिंग, सप्लाई चेन और बड़े निवेशों के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता देगा. उनका कहना था कि “कई देश सोलर लगा लेते हैं पर बिजली पहुंचाने के लिए लाइनें ही नहीं होतीं.”
COP29 की स्टोरेज प्रतिज्ञा को आगे बढ़ाता COP30
अज़रबैजान के मंत्री मुक़्तार बाबायेव ने कहा कि पिछले साल दुनिया ने 2030 तक ऊर्जा स्टोरेज को छह गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा था. इस साल का फोकस उसी मोमेंटम को आगे बढ़ाने पर है. “स्टोरेज की कमी सबसे बड़ा bottleneck है और अब इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.”
सबसे बड़ा संकेत. 148 अरब डॉलर हर साल
Utilities for Net Zero Alliance ने पुष्टि की कि वह हर साल एनर्जी ट्रांजिशन पर 148 बिलियन डॉलर खर्च करेगी. इससे लगभग एक ट्रिलियन डॉलर की ग्रिड और स्टोरेज परियोजनाओं का रास्ता खुल जाएगा. यह अकेला ऐलान ही विश्व ऊर्जा परिदृश्य को बदल सकता है.
एशिया की सबसे बड़ी पहल. 12 अरब डॉलर का ASEAN Power Grid
एशियाई विकास बैंक, विश्व बैंक और ASEAN देशों ने मिलकर 12 बिलियन डॉलर का क्षेत्रीय ग्रिड कनेक्टिविटी फंड लॉन्च किया. दक्षिण-पूर्व एशिया में यह पहली बार है जब इतनी बड़ी रकम सिर्फ ग्रिड को मजबूत करने के लिए रखी गई है.
फिलांथ्रॉपी भी मैदान में
Global Grids Catalyst ने 2026 के लिए 7 मिलियन डॉलर, और एक “ग्रिड्स इनक्यूबेशन फंड” के लिए 2 मिलियन डॉलर देने का ऐलान किया. संगठन ने कहा कि दुनिया अब समझने लगी है कि “ग्रिड असल में सबसे बड़ा bottleneck है.”
लैटिन अमेरिका के लिए नया ट्रांसमिशन प्लेटफॉर्म
इंटर-अमेरिकन डेवलपमेंट बैंक ने लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में ग्रिड अपग्रेड के लिए नया Power Transmission Acceleration Platform लॉन्च किया. जर्मनी ने शुरुआत में इसमें 15 मिलियन यूरो का योगदान दिया.
अमेरिका की सब-नेशनल पॉलिटिक्स भी सक्रिय हुई
कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूज़म ने भी COP29 की ग्लोबल ग्रिड्स और स्टोरेज प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर कर दिए. साथ ही ब्राज़ील के पाँच राज्यों ने भी इस ग्लोबल प्लेज में शामिल होकर देश की बिजली व्यवस्था को मज़बूत करने का संकल्प लिया.
यूके का सबसे बड़ा ग्रिड अपग्रेड
ब्रिटेन की SSE कंपनी ने 33 बिलियन पाउंड का पाँच साल का ग्रिड–अपग्रेड कार्यक्रम घोषित किया. यह यूके की बिजली व्यवस्था में दशकों का सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है.
चेतावनी भी दी गई. काम अभी भी अधूरा है
ग्लोबल रिन्यूएबल्स अलायंस के CEO ब्रूस डगलस ने कहा कि इन बड़े ऐलानों के बावजूद अभी भी जरूरत और वास्तविक फंडिंग के बीच बहुत बड़ा अंतर है. खासकर उन देशों में, जहां निवेश सबसे ज्यादा जरूरी है. उनका कहना था कि “अगर सरकारें और डेवलपमेंट बैंक decisive तरीके से आगे नहीं आए, तो रिन्यूएबल की बढ़त ग्रिड की सीमाओं में अटक जाएगी.”