प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जर्मनी में हुए जी-7 सम्मेलन में मौजूदगी ने जहां एक ओर दुनिया के पटल पर भारत की प्रासंगिकता को एक बार फिर साबित किया, वहीं प्रधानमंत्री ने इस वैश्विक मंच का भरपूर फायदा उठाते हुए दुनिया को न सिर्फ़ शांति का संदेश दिया बल्कि यह भी साफ़ किया कि जलवायु गुणवत्ता के प्रति भारत का निश्चय उसके…
Author: Climate कहानी
भ्रूण ने किया अपनी सरकार के खिलाफ़ जलवायु निष्क्रियता का मुक़दमा
जहां भारत में बड़े अपने तजुर्बों से नसीहत देते हैं कि कोर्ट-कचहरी और मुकदमेबाज़ी से बचना चाहिए, वहीं कोरिया से, इस नसीहत के ठीक उलट, एक हैरान करने वाली ख़बर आ रही है। दरअसल कोरिया में एक बीस हफ़्ते के भ्रूण ने अपनी सरकार की नीतियों के खिलाफ़ मुकदमा किया है। वादी का कहना है…
मॉनसून अनिश्चितता के चलते खाद्य सुरक्षा रणनीति पर पुनर्विचार ज़रूरी
भारत की अर्थव्यवस्था पर मानसून का निर्णायक प्रभाव पड़ता है। भारत की कृषि अर्थव्यवस्था अब भी काफी हद तक मॉनसून की गतिविधियों पर निर्भर करती है। भारत का 40% से ज्यादा बुआई क्षेत्र सिंचाई के लिए बारिश के पानी पर निर्भर है। इस साल भारत में मानसून की आमद समय से हुई लेकिन रफ्तार पकड़ने…
भारत और बांग्लादेश में हुई अत्यधिक वर्षा और बाढ़ सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन के कारण
भारत के उत्तर-पूर्व के क्षेत्रों में हुई भारी मॉनसून की बारिश और नदियों में उसके बाद बढ़े जलस्तर के कारण हाल ही में भारत और बांग्लादेश में सीमा से सटे कुछ प्रमुख क्षेत्रों में बाढ़ आई। इसके चलते लाखों लोग फंसे हुए हैं और एक मानवीय संकट पैदा हो रहा है। देश और विदेश में…
भारत में 184 बिलियन डॉलर के कार्बन सघन स्टील उत्पाद निवेश दांव पर
दुनिया में स्टील और लोहे के डीकार्बनाइजेशन सम्बन्धी प्रयासों पर नजर रखने वाली संस्था ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर ने अपनी नयी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि वैश्विक स्टील निर्माता इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) के मुकाबले ब्लास्ट फर्नेस (बीएफ) आधारित क्षमता का अधिक निर्माण कर रहे हैं। यह तुलनात्मक रूप से अधिक स्वच्छ और पर्यावरण के…
जलवायु परिवर्तन ने भारत में किया 50 लाख को विस्थापित: संयुक्त राष्ट्र
एक बेहद चिंताजनक घटनाक्रम में संयुक्त राष्ट्र की हालिया जारी रिपोर्ट से पता चला है कि वर्ष 2021 में जलवायु परिवर्तन तथा आपदाओं के चलते अकेले भारत में लगभग 50 लाख लोगों को देश में ही अपना घर छोड़कर कहीं और विस्थापित होना पड़ा।दरअसल ‘यूएन रिफ्यूजी एजेंसी’ (यूएनएचसीआर) की वार्षिक ‘ग्लोबल ट्रेंड्स रिपोर्ट’ की मानें…
खो दिया है दुनिया ने कोविड के बाद ग्रीन रिकवरी का मौका
जहां एक ओर इस बात की उम्मीद थी कि कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया भर में ग्रीन रिकवरी होगी, वहीं REN21 की रिन्यूएबल्स 2022 ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट (जीएसआर 2022) की मानें तो पता चलता है कि पृथ्वी ने यह मौका खो दिया है। यह रिपोर्ट एक स्पष्ट चेतावनी देती है कि वैश्विक स्तर पर क्लीन एनेर्जी…
आगामी COP की कर रहा है ज़मीन तैयार बॉन का जलवायु सम्मेलन
फिलहाल जब आप और हम भारत में भीषण गर्मी से त्रस्त हैं, जर्मनी के बॉन शहर में दुनिया भर के तमाम देश देश एक बेहतर कल के लिए अपनी जलवायु प्रतिक्रिया पर चर्चा और सुधार करने के लिए एक साथ आए हैं। दरअसल, ग्लासगो में COP26 के सात महीने बाद, दुनिया भर के देशों ने…
बांग्लादेश दे रहा खाद्य सुरक्षा पर महंगी कोयला बिजली को तरजीह
जहां एक ओर खाद्य सुरक्षा दुनिया के लगभग सभी देशों की प्राथमिकता है, वहीं पड़ोसी देश बांग्लादेश से इस संदर्भ में एक हैरान करने वाली खबर आ रही है। दरअसल हाल ही में बांग्लादेश ने जीवाश्म ईंधन की बढ़ती लागत के कारण गरीबों के लिए खाद्य सब्सिडी को कम करने का फैसला लिया। इसी क्रम में ग्रोथवॉच इंडिया…
इस RWA’ संगठन ने नगर निगम चुनाव से पहले रखी बेहतर हवा और गवर्नेंस की मांग
देश के तमाम नागरिक संगठनों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए दिल्ली नगर निगम के आसन्न चुनाव से पहले देश की राजधानी के यूनाइटेड रेजिडेंट्स ज्वाइंट एक्शन (ऊर्जा) ने नगर निगम की नयी सरकार के लिये अपनी मांगों की सूची जारी की है। ऊर्जा देश की राजधानी के 2500 से ज्यादा रेजिडेंट्स वेलफेयर…