राजस्थान के किसी गांव की सुबह सोचिए.चरवाहा अपने मवेशियों को लेकर निकलता है.घास पहले जितनी घनी नहीं.हवा सूखी है.और गर्मी कुछ ज़्यादा लग रही है. यह सिर्फ एक मौसम का उतार.चढ़ाव नहीं.नई वैज्ञानिक स्टडी कहती है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो इस सदी के अंत तक दुनिया के 36 से 50 प्रतिशत…
Category: जलवायु विज्ञान
जलवायु विज्ञान से जुडी कहानियाँ
तापमान 30 डिग्री पार, कॉफी संकट गहरा रहा है
सुबह की कॉफी अब सिर्फ स्वाद नहीं, तापमान की कहानी है.30 डिग्री सेल्सियस.यही वह सीमा है जहां से कॉफी पौधों पर हीट स्ट्रेस शुरू होता है. नई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार जलवायु परिवर्तन ने दुनिया के प्रमुख कॉफी उत्पादक क्षेत्रों में ऐसे गर्म दिनों की संख्या तेज़ी से बढ़ा दी है, जो कॉफी फसल…
दुनिया में रिन्यूएबल्स की रफ्तार तेज़, मगर अमीर देशों में कम है क्रेज़
दुनिया भर में हवा और सूरज से बिजली बनाने की रफ्तार पहले से कहीं तेज हो गई है। लेकिन इस तेज़ी की कहानी में एक अहम मोड़ है। नेतृत्व अब अमीर देशों के हाथ में नहीं, बल्कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के पास जाता दिख रहा है। ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर (GEM) की Global Wind and Solar 2025…
भविष्य की तकनीक पर दांव, आज की कटौती गायब, कार्बन रिमूवल पर ऑक्सफोर्ड की सख़्त चेतावनी
दुनिया जब रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का सामना कर रही है, उसी वक्त एक अहम सवाल तेज़ी से उभर रहा है। क्या हम भविष्य की तकनीकों के भरोसे आज की एमिशन कटौती को टाल सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं की एक नई स्टडी साफ़ कहती है, यह रास्ता न सिर्फ़ ख़तरनाक है बल्कि अंतरराष्ट्रीय…
डावोस में दुनिया की सियासत गरम, लेकिन ऊर्जा और जलवायु पर बहस ने बदला एजेंडा
स्विट्ज़रलैंड के डावोस में शुरू हुआ वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम 2026 इस बार सिर्फ़ ग्लोबल एलीट की सालाना मुलाक़ात नहीं है। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब दुनिया एक साथ कई मोर्चों पर अस्थिरता झेल रही है। अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाज़ी, वेनेज़ुएला में राजनीतिक उथल पुथल, ईरान को लेकर बढ़ती…
गर्मी का कहर और जनता का डर, 70% भारतीय कहते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग हीटवेव बढ़ा रही है
भारत का मौसम अब सिर्फ तापमान नहीं है. यह एक अनुभव है, एक बातचीत है, एक चेतावनी है. और अब पहली बार, यह बातचीत नक्शों पर दर्ज हो चुकी है. येल क्लाइमेट फोरम द्वारा जारी किए गए नए क्लाइमेट ओपिनियन मैप्स भारत के 634 जिलों और 34 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में फैली जलवायु…
क्लाइमेट चेंज की मार, हेल्थ पर वार, रिपोर्ट ने दिखाया फंडिंग का भार
गर्मी बढ़ रही है, बिमारियाँ भी। मगर इलाज के लिए पैसा नहीं। adelphi की नई रिपोर्ट बताती है कि जिस वक्त जलवायु संकट हमारी सांसें, हमारी धड़कनें और हमारे शरीरों पर असर डाल रहा है, उसी वक्त दुनिया की हेल्थ फंडिंग अब भी ‘क्लाइमेट ब्लाइंड’ बनी हुई है। रिपोर्ट का कहना है कि 2050 तक…
जलवायु की दौड़ में फंडिंग पीछे रह गई: UN रिपोर्ट ने बताया कितना बड़ा है एडेप्टेशन का फासला
दुनिया के तापमान तेज़ी से बढ़ रहे हैं, तूफान और सूखा अब मौसम नहीं, ज़िंदगियों का सवाल बन चुके हैं, मगर इस जंग में सबसे अहम हथियार, यानी क्लाइमेट एडेप्टेशन फाइनेंस, अब भी पीछे छूट रहा है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की नई रिपोर्ट Adaptation Gap Report 2025: “Running on Empty” ने चेताया है…
रसोई में शुरू हुआ एनर्जी ट्रांज़िशन: बिजली से खाना पकाना अब गैस से सस्ता
भारत में अब रसोई की आग बदलने की बारी है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली से खाना पकाना (ई-कुकिंग) न सिर्फ़ साफ़ और सुविधाजनक है, बल्कि एलपीजी और पीएनजी, दोनों से सस्ता भी है। IEEFA (Institute for Energy Economics and Financial Analysis) द्वारा जारी अध्ययन में बताया गया है कि भारत में ई-कुकिंग का…
किसानों की अनुकूलन को मदद कम, सब्सिडी ज़्यादा
दुनिया भर में छोटे किसान – जो आधी से ज़्यादा खाद्य कैलोरी पैदा करते हैं – जलवायु संकट की मार झेल रहे हैं।लेकिन उनकी मदद के लिए जितनी रकम चाहिए, दुनिया उतना पैसा किसी और चीज़ पर नहीं, बल्कि हानिकारक कृषि सब्सिडियों पर खर्च कर रही है। नए विश्लेषण के मुताबिक, छोटे किसानों के जलवायु…