अगर किसी देश को अपने एमिशन घटाने हैं, तो क्या वह उन सेक्टरों को नज़रअंदाज़ कर सकता है जो चुपचाप सबसे तेज़ी से बढ़ रहे हैं? भारत के लिए जवाब साफ है. नहीं. इसी पृष्ठभूमि में स्मार्ट फ्रेट सेंटर इंडिया, TERI और IIM-Bangalore ने मिलकर एक व्हाइटपेपर जारी किया है.नाम थोड़ा तकनीकी है. Institutionalizing Freight…
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प्रदूषण से जुड़ी ख़बरें
ग्लोबल कार्बन बजट रिपोर्ट ने चेताया, 1.5°C की सीमा अब लगभग पार
जब पूरी दुनिया जलवायु संकट से निपटने के नए रास्ते तलाश रही है, ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट की नई रिपोर्ट ने एक बार फिर चेतावनी दी है। वर्ष 2025 में जीवाश्म ईंधनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) एमिशन में 1.1% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह 38.1 अरब टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। रिपोर्ट कहती है कि ऊर्जा…
डेढ़ साल से चीन का कार्बन एमिशन लगभग स्थिर, आगे गिरावट के आसार
दुनिया के सबसे बड़े कार्बन एमिटर चीन में आखिरकार हवा का रुख बदल रहा है। मार्च 2024 से लगातार 18 महीनों से चीन का कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) एमिशन या तो स्थिर है या मामूली गिरावट पर। अब 2025 की तीसरी तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि यह रुझान कायम है। एमिशन में कोई बढ़ोतरी नहीं…
कार्बन बॉर्डर टैक्स: भारत के लिए राहत के संकेत, पर अनिश्चितता बरकरार
यूरोपीय संघ (EU) के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज़्म (CBAM) को लेकर भारत और यूरोप के बीच महीनों से जारी तनाव के बीच, एक नई स्टडी ने तस्वीर का एक संतुलित पक्ष दिखाया है। ब्रसेल्स स्थित थिंक टैंक Sandbag की नई रिपोर्ट के अनुसार, CBAM के शुरुआती चरण में भारतीय निर्यातकों पर पड़ने वाला वित्तीय असर…
कार्बन कैप्चर का खेल, धरती के लिए फेल
सोचिए, अगर घर में आग लगी हो और हम धुएं को खिड़की से बाहर निकालने की मशीन खरीद लें, पर आग बुझाने की कोशिश ही न करें, तो क्या घर बचेगा? यही हाल है कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (CCS) तकनीक का, जिस पर अब एशिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ दांव लगाने की सोच रही हैं।…
मैदान में तेल का खेल: FIFA, ICC का आरामको से मेल
दुनिया के सबसे बड़े खेल संगठन, जो लाखों-करोड़ों लोगों की धड़कनों से जुड़े हैं, FIFA, ICC और Formula 1, आज कठघरे में खड़े हैं। वजह है उनकी अरबों डॉलर की डील्स सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के साथ। लंदन से आई खबर बताती है कि दस प्रमुख मानवाधिकार और जलवायु संगठनों ने इन स्पोर्ट्स बॉडीज़…
फैशन का काला सच: कोयले से बनते कपड़े, मज़दूरों की मजबूरी
सोचो, एक छोटा सा कमरा है। खिड़की बंद है, बाहर सूरज तप रहा है और अंदर भट्ठी जैसी गर्मी है। पसीने से तरबतर मज़दूर रंगाई की मशीन के पास खड़ा है। धुएं की गंध उसकी साँसों में घुल चुकी है। यही है वो हकीकत, जिसे फैशन इंडस्ट्री बड़ी चतुराई से अपने चमकते-दमकते शो-रूम्स और विज्ञापनों के पीछे छुपा…
बाउंसर बन चुकी है गर्मी: क्रिकेट पर मंडराता जलवायु संकट
IPL के एक तिहाई मैच ऐसी गर्मी में खेले गए जो खिलाड़ियों की सेहत के लिए ख़तरनाक मानी जाती है IPL 2025 के मैच तो लोगों ने खूब देखे होंगे, लेकिन अब जो रिपोर्ट आई है, वो चिंता बढ़ाने वाली है। रिपोर्ट कहती है कि इस साल IPL के करीब आधे मैच ऐसे मौसम में…
अब AI सुनेगी, समझेगी हवा को…
IIT Kanpur और IBM की साझेदारी से उत्तर प्रदेश में AI बनाएगी साफ़ सांसों के नक्शे हम अक्सर हवा को महसूस तो करते हैं, पर क्या हम उसे सुन और समझ पाते हैं? न हमें धुएं की चीख़ सुनाई देती है, न उसमें घुले ज़हरीले कणों की फुसफुसाहट।कभी शिकायत करते हैं कि दम घुट रहा…
आपका सादा खाना भी काफ़ी ‘ओइली’ है!
क्या आप जानते हैं कि आपका सादा खाना भी काफ़ी ‘ओइली’ है?नहीं, हम घी या सरसों तेल की बात नहीं कर रहे—हम बात कर रहे हैं उस कच्चे तेल की जिसकी कीमत इज़राइल-ईरान जैसे युद्धों से तय होती है, और जिसकी लत में डूबी है आज की पूरी खाद्य प्रणाली। आज चावल से लेकर चिप्स…