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Category: ऊर्जा

ऊर्जा से जुड़ी कहानियाँ

कोयला बिजली: नए निवेशों की रफ्तार धीमी, पुराने प्लांटों को बंद करने पर स्थिति असपष्ट  

Posted on April 6, 2023

ग्लोबल एनेर्जी मॉनिटर के नौवें वार्षिक सर्वे की मानें तो भविष्य में अपने कोयले के इस्तेमाल को लेकर भारत वैश्विक स्तर पर मिले जुले संकेत भेजता रहा है।   कोल प्लांट पाइप लाइन पर होने वाले इस सर्वे के मुताबिक़ जहां एक ओर नयी कोयला बिजली परियोजनाओं की कमीशनिंग बीते वर्षों में अपने निचले स्तर पर रही है, वहीं नई परियोजनाओं के लिए प्लान भी बन रहे हैं और पुराने कम आउटपुट और एफ़िशियेन्सी वाले प्लांटों को बंद करने की कोई स्पष्ट योजना नहीं दिख रही।  रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत ने 2022 में केवल 3.5 गीगावाट (GW) नई कोयला बिजली क्षमता पर खर्च किया है। 2020 में होने वाली महामारी की मंदी को छोड़ दें तो, यह 2014 के उच्च…

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सफल एनेर्जी ट्रांज़िशन के लिए 2030 तक 35 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश ज़रूरी 

Posted on March 30, 2023

विश्व एनेर्जीट्रांज़िशन आउटलुक को पूर्वावलोकन  इस दिशा में प्रगति की नाटकीय कमी की चेतावनी देता है, साथ ही करता है 1.5 डिग्री सेल्सियस जलवायु लक्ष्य को बनाए रखने के लिए एनेर्जीट्रांज़िशन में सामरिक बदलाव की मांग  वैश्विक संकटों के प्रभाव से वैश्विक एनेर्जी ट्रांज़िशन अपनी ट्रैक से हट चुका है। बर्लिन एनर्जी ट्रांजिशन डायलॉग (बीईटीडी) में आईआरईएनए के महानिदेशक फ्रांसेस्को ला कैमरा द्वारा पेश किया गया, वर्ल्ड एनर्जी ट्रांजिशन आउटलुक 2023 प्रीव्यू  साफ तौर पर एनर्जी…

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विंड एनेर्जी कि सप्लाई चेन में निवेश अब बन गया है ज़रूरी  

Posted on March 28, 2023

पवन बिजली उद्योग 2025 तक, ओनशोर या तटवर्ती और ऑफशोर या अपतटीय, दोनों बाज़ारों में तेज़ी से आगे बढ़ते हुए वर्ष 2027 तक 680 गीगावाट की रिकॉर्ड स्थापना की उम्मीद कर रहा है। सप्लाई चेन की रुकावटों को दूर करने के लिया नीति निर्माताओं को 2026 से काम करने की ज़रूरत है। इसकी सप्लाई चेन में रुकावट की वजह से 2030 के जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने…

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न्यायसंगत एनेर्जी ट्रांज़िशन में प्राइवेट फायनेंस की भूमिका महत्वपूर्ण : अमिताभ कांत

Posted on March 24, 2023

न्यायसंगत एनेर्जी ट्रांज़िशन पर एक बार फिर ध्यान खींचने के इरादे से इंटरनेशनल फोरम फॉर एनवायरनमेंट, सस्टेनेबिलिटी, एंड टेक्नालजी (iForest) ने दिल्ली में इस विषय के तमाम नीतिगत और वित्तीय पहलुओं पर बात करने के लिए पहला ग्लोबल जस्ट ट्रांज़िशन डायलॉग आयोजित किया। इस आयोजन का उद्देश्य जस्ट ट्रांज़िशन, या न्यायसंगत एनेर्जी ट्रांज़िशन, के राष्ट्रीय…

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न्‍यायसंगत एनेर्जी ट्रांज़िशन फायनेंसिंग में निभा सकता है भारत महत्‍वपूर्ण भूमिका: विशेषज्ञ

Posted on March 22, 2023

जी20 देशों के अध्‍यक्ष के रूप में भारत के पास वैश्विक स्‍तर पर न्‍यायसंगत ट्रांज़िशन के वित्‍तपोषण तथा कई अन्‍य पहलुओं पर महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने का मौका है। इन पहलुओं में लो कॉस्ट लॉन्ग टर्म रेजीलियंस इन्वेस्टमेंट और जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली क्षति की भरपाई के लिये आमदनी के नए जरिए तलाशने के…

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ऊर्जा क्षमता वृद्धि में अगर सौर नंबर वन, तो नंबर दो पर पवन

Posted on March 18, 2023

वैश्विक ऊर्जा थिंक टैंक एम्बर के नए विश्लेषण से पता चलता है कि 2022 में भारत की बिजली क्षमता में वृद्धि का बहुमत (92%) सौर और पवन से चलित था। इस साल, जी20 शिखर सम्मेलन के होने से पहले यह मज़बूत वृद्धि देश के जलवायु नेतृत्व ग्रहण करने के लिए मंच तैयार करती है। कोयला…

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क्लीन एनेर्जी को तरजीह दिये बिना पीएफसी/आरईसी का मुनाफ़ा और विकास मुश्किल

Posted on March 17, 2023

ऊर्जा क्षेत्र की देश की अग्रिणी सार्वजनिक गैर बैंकिंग वित्‍तीय कम्‍पनियां (एनबीएफसी) पीएफसी और आरईसी नई प्रौद्योगिकियों (पवन बिजली सौर ऊर्जा बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक वाहन आदि) के हिसाब से खुद को पर्याप्त रूप से बदल नहीं पाई हैं जिसके चलते इनके विकास और मुनाफ़ा कमाने की दर ठहरी हुई है। दरअसल ये दोनों ही…

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अगले सात साल में दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन मार्केट होगा भारत

Posted on March 4, 2023

एक नए अध्ययन से पता चला है कि देश में कार्बन एमिशन कम करने की गतिविधियों पर होने वाले खर्चे में 28 फीसद की कमी आयी है। इतना ही नहीं, विशेषज्ञों का मानना है साल 2030 तक भारत दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन बाज़ार बन जाएगा।दरअसल साल 2020-21 में लागू किए गए इस कार्बन मार्केट…

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साफ ऊर्जा अपनाने से सालाना 19.5 बिलियन डॉलर बचा सकता है भारत

Posted on January 24, 2023

भारत ने वर्ष 2025 तक 76 गीगावॉट यूटिलिटी स्केल सौर और पवन बिजली उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। इससे भारत 19.5 बिलियन डॉलर (1588 बिलियन रुपए) बचा सकता है। ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर के ताजा अध्ययन में यह बात सामने आई है। ग्लोबल सोलर पावर ट्रैकर और ग्लोबल विंड पावर ट्रैकर के आंकड़ों के हिसाब से भारत को…

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Just Transition Difficult

बीते 17 सालों में कोयला बिजली उत्पादन को नहीं मिला सार्वजनिक बैंकों की फंडिंग का ख़ास साथ  

Posted on December 16, 2022

सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी (सीएफए) की नई रिपोर्ट ‘द कोल टेल : ट्रैकिंग इन्वेस्टमेंट्स इन कोल फायर्ड थर्मल पावर प्लांट्स इन इंडिया’ ने देश में कोयले से चलने वाले बिजली घरों को दी गई वित्तीय सहायता का खुलासा करते हुए बताया है कि साल 2005 से 2022 के बीच भारत में 84 राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं ने 1000 मेगा वाट या उससे ज्यादा की क्षमता…

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