कई सालों तक जलवायु परिवर्तन को भविष्य का संकट कहा जाता रहा।एक ऐसा खतरा जो आने वाली पीढ़ियों को झेलना पड़ेगा।लेकिन अब वैज्ञानिक कह रहे हैं कि वह भविष्य दरअसल हमारे वर्तमान में आ चुका है। धरती गर्म हो रही है। और सिर्फ़ गर्म नहीं हो रही, बल्कि पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से गर्म…
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बिजली संकट से देश बच जाए अगर AC की एफिशियंसी दोगुनी हो जाए
भारत में मई की रातें अब पहले जैसी नहीं रही। रात के ग्यारह बजे भी दीवारें गर्म रहती हैं। पंखा चलता रहता है, मगर हवा में राहत नहीं होती। नोएडा की किसी सोसाइटी में इन्वर्टर की बीप सुनाई देती है। लखनऊ के किराए के कमरे में बच्चा करवट बदलता है। अहमदाबाद में कोई बुज़ुर्ग बालकनी…
अब तो रातें भी नहीं ठंडी, क्यों हो गई है भारत की गर्मी और खतरनाक
उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा 48 डिग्री तक पहुंच चुका है। दोपहर की सड़कें खाली हैं। हवा चलती भी है तो जैसे किसी ने हेयर ड्रायर चेहरे पर चला दिया हो। मगर इस बार कहानी सिर्फ दिन की गर्मी की नहीं है। असली डर रात में छुपा है। रात, जो कभी राहत हुआ करती…
कोयले के प्लांट बढ़े, मगर दुनिया ने कम जलाया कोयला
दुनिया अजीब मोड़ पर खड़ी है।एक तरफ नए कोयला बिजलीघर अब भी बन रहे हैं। दूसरी तरफ उन्हीं देशों में कोयले से बनने वाली बिजली घट रही है। यानी प्लांट बढ़ रहे हैं, लेकिन कोयला पहले जितना जल नहीं रहा। यही तस्वीर सामने आई है Global Energy Monitor की नई रिपोर्ट Boom and Bust 2026 में।…
रिसाव जो दिखता नहीं, असर जो रुकता नहीं: मीथेन की कहानी
दुनिया इस वक्त ऊर्जा संकट और क्लाइमेट संकट, दोनों के बीच खड़ी है। एक तरफ गैस की कमी की चिंता है, दूसरी तरफ वही गैस हवा में बेवजह उड़ रही है। यह विरोधाभास अब और साफ दिखने लगा है। International Energy Agency की नई रिपोर्ट Global Methane Tracker 2026 इसी कहानी को सामने लाती है।…
दुनिया ये 100 सबसे गर्म शहरों में 97 भारत से
अप्रैल की दोपहर है। सड़क पर हवा चल रही है, लेकिन ठंडक नहीं, जैसे किसी ने गर्म हवा को ही पंखे पर चढ़ा दिया हो। इसी बीच एक आंकड़ा आता है, जो इस गर्मी को सिर्फ एहसास नहीं, एक सच्चाई बना देता है। 28 अप्रैल 2026 को AQI.in के रियल टाइम डेटा के मुताबिक, दुनिया…
धूप में लोकतंत्र, पसीने में फैसला
चेन्नई के एक बूथ पर सुबह के नौ बजे हैं। बूथ अधिकारी की कमीज़ पीठ से चिपकी हुई है। बाहर कतार में खड़े लोग छाया ढूंढ रहे हैं, जहां छाया है ही नहीं। हवा में नमी इतनी है कि पसीना सूखता नहीं, बस शरीर पर ठहर जाता है। यह सिर्फ गर्मी नहीं है। यह वही…
क्लाइमेट के मोर्चे पर स्टील सेक्टर फेल. स्कोरकार्ड ने खोली पोल
दुनिया की ऊंची-ऊंची इमारतें, पुल, रेल और फैक्ट्रियां जिस स्टील पर खड़ी हैं, उसी स्टील सेक्टर की क्लाइमेट तैयारी अब सवालों के घेरे में है। क्लाइमेट वाच द्वारा जारी नए “कॉरपोरेट स्कोरकार्ड” ने एक साफ और असहज तस्वीर सामने रखी है, जिसमें दुनिया की 18 बड़ी स्टील कंपनियों में से एक भी ऐसी नहीं है…
हर 6 में से 1 इंसान हर दिन झेल रहा गर्मी. क्लाइमेट चेंज अब रोज़मर्रा की हकीकत
दिसंबर से फरवरी का समय आमतौर पर दुनिया के कई हिस्सों में ठंड का होता है। लेकिन हाल के महीनों में यह पैटर्न बदलता दिखा है। एक नए वैश्विक विश्लेषण के अनुसार, इस अवधि में बड़ी आबादी ऐसे तापमान में रह रही थी, जिस पर जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट प्रभाव था। अमेरिका स्थित शोध संस्था…
सिमट रहे हैं चरागाह, मंडरा रहा है मवेशियों की दुनिया पर जलवायु संकट
राजस्थान के किसी गांव की सुबह सोचिए.चरवाहा अपने मवेशियों को लेकर निकलता है.घास पहले जितनी घनी नहीं.हवा सूखी है.और गर्मी कुछ ज़्यादा लग रही है. यह सिर्फ एक मौसम का उतार.चढ़ाव नहीं.नई वैज्ञानिक स्टडी कहती है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो इस सदी के अंत तक दुनिया के 36 से 50 प्रतिशत…