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Category: जलवायु नीति

असम में सोलर प्रोजेक्ट रुका, हुई आदिवासी संघर्ष की जीत

Posted on June 4, 2025

आख़िरकार ज़मीन की लड़ाई ने रंग दिखाया। कार्बी आंगलोंग की पहाड़ियों में बसे हजारों आदिवासी परिवारों की जंग ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) को झुका दिया है। बैंक ने 500 मेगावाट के जिस सोलर पार्क प्रोजेक्ट के लिए 434 मिलियन डॉलर की फंडिंग मंज़ूर की थी, उसे अब रद्द कर दिया गया है। यह सिर्फ़…

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नीति खुली, राह फिर भी उलझी: ग्रीन एनर्जी की असली कसौटी

Posted on May 28, 2025

भारत में ग्रीन पावर खरीदना अब पहले से कहीं ज़्यादा आसान है—कम से कम कागज़ों पर। 2022 में केंद्र सरकार ने Green Energy Open Access Rules लागू किए, जिनका मक़सद था: कंपनियों को रिन्यूएबल एनर्जी का सीधा रास्ता दिखाना, और देश को 2070 के नेट ज़ीरो लक्ष्य की ओर तेज़ी से ले जाना। अब 100…

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स्टील की पटरी पर टिके हैं धरती के सपनों की रेल, इंजन है भारत

Posted on May 20, 2025

ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की रिपोर्ट बताती है, “ग्रीन स्टील” की दिशा में पूरी दुनिया की चाल अब भारत की दिशा पर निर्भर है। एक समय था जब…लोहा, यानी आयरन—धरती के गर्भ से निकलने वाला वो मजबूत, तपता हुआ तत्व—जब आग और कोयले की भट्ठियों में झोंका जाता, तो निकलती थी स्टील।दुनिया भर की इमारतें, रेल…

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अन्तरिक्ष की उड़ान ले रही जलवायु की जान

Posted on April 28, 2025

मयूरी सिंह सोचिए — एक तरफ़ दुनिया भयंकर गर्मी, बाढ़ और खाने के संकट से जूझ रही है, और दूसरी तरफ़ चंद अमीर लोग कुछ मिनटों के लिए अंतरिक्ष घूमने निकल पड़े हैं।ये दौड़ सिर्फ़ शौक़ की नहीं है, ये जलवायु अन्याय और गैर-जिम्मेदारी की एक ज़िंदा मिसाल बन चुकी है। अभी हाल ही में…

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दुनियाभर के कारोबारी बोले – अब नहीं रुकेगा सौर-विंड का सफर, 2035 तक चाहिए सिर्फ़ रिन्यूएबल बिजली

Posted on April 22, 2025

दुनियाभर के कारोबारी बोले – अब नहीं रुकेगा सौर-हवा का सफर, 2035 तक चाहिए सिर्फ़ रिन्यूएबल बिजली एक नए वैश्विक सर्वे में दुनिया के 15 देशों के बिज़नेस लीडर्स ने साफ़ कहा है – अब फॉसिल फ्यूल्स से हटकर रिन्यूएबल एनर्जी की तरफ तेज़ी से बढ़ना वक्त की ज़रूरत है। ये सर्वे दुनिया भर की…

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बिल्डिंग से ज़्यादा अब बात मलबे की है — और सरकार ने ये बात अब क़ानून बना दी है।

Posted on April 21, 2025

मयूरी अब अगर आपने कोई बिल्डिंग गिराई या नया प्रोजेक्ट शुरू किया है, तो “क्या करेंगे मलबे का?” इस सवाल का जवाब आपके पास होना चाहिए — और वो भी लिखित में! दरअसल सरकार ने हाल ही में Construction and Demolition Waste Management Rules, 2024 लागू कर दिए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से ज़मीन…

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“ट्रम्प के टैरिफ्स: ग्लोबल ट्रेड में भूचाल, क्या भारत के लिए छिपा है एक मौका?”

Posted on April 9, 2025

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की एक सिग्नेचर ने फिर दुनिया भर के व्यापार समीकरणों को हिला कर रख दिया है। 2 अप्रैल को व्हाइट हाउस के रोज़ गार्डन से ट्रम्प ने ‘लिबरेशन डे’ की घोषणा करते हुए करीब 60 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ्स लगाने का एलान किया। इस कदम ने ग्लोबल मार्केट्स में…

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बढ़ती गर्मी, बढ़ती AC की मांग: क्या ऊर्जा-कुशल AC भारत को बिजली संकट से बचा सकते हैं?

Posted on March 26, 2025

भारत में इस साल गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ने की ठान ली है। मार्च में ही तापमान 40°C के पार जा चुका है, और आने वाले महीनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। भीषण लू और उमस भरी गर्मी से बचने के लिए AC की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन यह बढ़ती मांग बिजली…

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IPCC की बैठक शुरू, लेकिन अमेरिका नदारद—वैश्विक जलवायु सहयोग पर उठे सवाल

Posted on February 25, 2025

हांगझोउ, चीन में इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) का 62वां पूर्ण सत्र शुरू हो चुका है, जिसमें जलवायु परिवर्तन पर सातवीं आकलन रिपोर्ट (AR7) और कार्बन डाइऑक्साइड रिमूवल टेक्नोलॉजीज पर रिपोर्ट तैयार करने का खाका तय किया जाएगा। इस बैठक में 195 सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं, लेकिन अमेरिका की गैरमौजूदगी ने वैश्विक…

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बजट 2025: एमएसएमई के लिए जलवायु वित्त को मजबूत करने की दिशा में कदम

Posted on February 24, 2025

नमिता विकास, संस्थापक और प्रबंध निदेशक, ऑक्टस ईएसजीस्वप्ना पाटिल, प्रबंधक, इंडिया, एसएमई क्लाइमेट हब एमएसएमई: अर्थव्यवस्था की रीढ़ और जलवायु परिवर्तन की चुनौती छोटे और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी होते हैं। भारत में इनका योगदान जीडीपी का 30% है। 2025-26 के केंद्रीय बजट में एमएसएमई को बढ़ावा…

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