साल 2024 का साल एशिया के लिए सिर्फ गर्म नहीं था, ये एक जलवायु चेतावनी की घंटी जैसा था—कभी धधकते शहर, कभी पिघलते ग्लेशियर, तो कभी डूबते खेत। वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गनाइज़ेशन (WMO) की ताज़ा रिपोर्ट State of the Climate in Asia 2024 बताती है कि एशिया अब पूरी दुनिया से लगभग दोगुनी रफ्तार से गरम…
Category: जलवायु परिवर्तन
बैकअप से आगे की बात, BESS के साथ
जब सूरज ढल जाए, BESS साथ निभाए कुछ इंकलाब नारे लेकर आते हैं। और कुछ सिर झुकाए, काम में लगे रहते हैं—बिना तमगे की चाहत के, बस अपना फ़र्ज़ निभाते हुए। Battery Energy Storage Systems, यानी BESS, ऐसी ही एक चुपचाप चलने वाली ताक़त है। ना चर्चा, ना तमाशा, पर जिसकी गैरमौजूदगी में पूरी रिन्यूएबल…
बंद पड़ी कोयला खदानों में अब सूरज बोलेगा – मेरी बारी!
नई रिपोर्ट में सामने आया 300 गीगावॉट का जबरदस्त मौका दुनिया भर में जो कोयला खदानें या तो बंद हो चुकी हैं या इस दशक के अंत तक बंद हो जाएंगी, अगर उन्हें सौर ऊर्जा के लिए इस्तेमाल किया जाए — तो इतनी बिजली बन सकती है कि पूरा जर्मनी एक साल तक रोशन रहे!…
बॉन सम्मेलन की तैयारी: जलवायु संकट, फाइनेंस और फॉसिल फ्यूल पर दुनिया की नज़र
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की मध्य वर्ष की बैठक (UNFCCC Bonn Climate Conference) सोमवार 16 जून से शुरू हो रही है। 26 जून तक चलने वाली ये बातचीत इस वक्त हो रही है जब हाल ही में मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी कि 2029 से पहले 1.5°C तापमान सीमा के टूटने की…
जलवायु परिवर्तन की चाल से झुलस रहा है भारत
उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत इन दिनों भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है और भारत मौसम विभाग (IMD) ने लगातार पांच दिनों तक रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम की ये मार सिर्फ तापमान की नहीं, बल्कि जलवायु…
एक लगाओ, दस वापस पाओ — जलवायु संकट में कमाई का मौका!
अब तक हमने जलवायु परिवर्तन की बात डर से जोड़ते हुए की है — कि बाढ़ आएगी, आग लगेगी, बीमारियाँ बढ़ेंगी, और हमारी ज़िंदगी बदल जाएगी। लेकिन अब वक़्त है नज़रिया बदलने का। क्योंकि सिर्फ़ डर बेचने से न तो सियासत चलती है, न समाज बदलता है। सोचिए अगर आपको पता चले कि आज आप…
असम में सोलर प्रोजेक्ट रुका, हुई आदिवासी संघर्ष की जीत
आख़िरकार ज़मीन की लड़ाई ने रंग दिखाया। कार्बी आंगलोंग की पहाड़ियों में बसे हजारों आदिवासी परिवारों की जंग ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) को झुका दिया है। बैंक ने 500 मेगावाट के जिस सोलर पार्क प्रोजेक्ट के लिए 434 मिलियन डॉलर की फंडिंग मंज़ूर की थी, उसे अब रद्द कर दिया गया है। यह सिर्फ़…
हिमालय की बर्फ़ खा गया ‘ब्लैक कार्बन’: दो दशक में बढ़ा 4°C तापमान, पानी संकट गहराने का ख़तरा
हिमालय की बर्फ़ तेजी से पिघल रही है। वजह? हमारे चूल्हों से उठता धुआं, खेतों में जलाई जा रही पराली, और गाड़ियों से निकलता धुआं — यानी ‘ब्लैक कार्बन’। दिल्ली की एक रिसर्च संस्था Climate Trends की नई रिपोर्ट बताती है कि पिछले 20 सालों में हिमालयी इलाकों में बर्फ़ की सतह का तापमान औसतन…
गर्मी की मार पर AI का वार
जब डेटा, अल्गोरिदम और देसी समझ मिलकर शहरों को हीटवेव से बचाने निकलेजब शहर जल रहे हों और सिस्टम सो रहा हो, तब डेटा बोलता है किसी मोहल्ले की गली में लगे पानी के नल के नीचे बैठे रिक्शेवाले से पूछो—हीटवेव क्या होती है? वो आपको थर्मल इंडेक्स नहीं बताएगा, लेकिन कहेगा, “साँस लेना भी…
नीति खुली, राह फिर भी उलझी: ग्रीन एनर्जी की असली कसौटी
भारत में ग्रीन पावर खरीदना अब पहले से कहीं ज़्यादा आसान है—कम से कम कागज़ों पर। 2022 में केंद्र सरकार ने Green Energy Open Access Rules लागू किए, जिनका मक़सद था: कंपनियों को रिन्यूएबल एनर्जी का सीधा रास्ता दिखाना, और देश को 2070 के नेट ज़ीरो लक्ष्य की ओर तेज़ी से ले जाना। अब 100…