इस साल सामान्य से 13% कम बारिश, सर्दियों में भी गर्मी बढ़ने का अनुमान। कम मिट्टी की नमी और घटते जल भंडार से खेती पर दबाव बढ़ने की आशंका। भारत में 2026 का मॉनसून कम बारिश के साथ विदा हुआ है। जून से सितंबर के बीच देश में सामान्य से 13% कम बारिश दर्ज की…
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जलवायु विज्ञान से जुडी कहानियाँ
साँसों का सवाल, 32 में 2 का हाल
सेहत के स्कोरकार्ड पर भारत की जलवायु योजना को मिले 32 में सिर्फ़ 2 अंकयह पर्चा जाँचा है ग्लोबल क्लाइमेट एंड हेल्थ अलायंस (GCHA) ने। यह 300 से ज़्यादा स्वास्थ्य पेशेवर संगठनों और स्वास्थ्य से जुड़े नागरिक संगठनों का गठबंधन है। आज, 14 अक्टूबर 2026 को, उसने हेल्दी NDC स्कोरकार्ड जारी किया। सवाल सीधा है:…
UNGA में जलवायु का एजेंडा: नेपाल की आपदा से Loss and Damage तक, दुनिया की नजर अब COP31 पर
संयुक्त राष्ट्र महासभा का नया सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब जलवायु संकट की कीमत अब केवल तापमान, उत्सर्जन या मौसम के आंकड़ों में नहीं दिखाई देती। नेपाल में पिछले महीने हुई विनाशकारी ग्लेशियर आपदा ने इस बहस को सीधे उन लोगों की जिंदगी और नुकसान से जोड़ दिया है, जो जलवायु संकट…
नेपाल की भयावह हिमालयी आपदा के पीछे जलवायु परिवर्तन की कितनी भूमिका? वैज्ञानिक विश्लेषण ने खोली पहाड़ की बदलती कहानी
26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास लांगटांग लिरुंग पर्वत से बर्फ और चट्टान का एक विशाल हिस्सा टूटकर नीचे आया। इसके बाद पानी, बर्फ और मलबे की एक विनाशकारी धारा ने नीचे की बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस आपदा में 1,300 से अधिक लोगों की मौत हुई और 5,000 से ज्यादा…
नेपाल को जलवायु न्याय चाहिए, लेकिन अपने फैसलों का हिसाब भी
मृणमय चटराज नेपाल को जलवायु न्याय चाहिए। बिल्कुल चाहिए।जिस देश का वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में हिस्सा करीब 0.1 फीसदी है, अगर वही बदलती जलवायु की भारी कीमत चुका रहा है, तो दुनिया के बड़े प्रदूषक देशों से सवाल पूछना उसका हक है।लेकिन नेपाल की हालिया तबाही के बाद एक दूसरा सवाल भी पूछना पड़ेगा।…
असम में बाढ़ महज़ बारिश की कहानी नहीं, बदलती जलवायु ने बिगाड़ा स्वरूप
हर साल मानसून के साथ असम में बाढ़ की खबरें भी आने लगती हैं। नदियां उफान पर होती हैं, गांव डूब जाते हैं, लाखों लोगों को घर छोड़कर राहत शिविरों में जाना पड़ता है। आम तौर पर इसकी वजह भारी बारिश को माना जाता है। लेकिन नई ब्रीफिंग बताती है कि अब असम की बाढ़…
क्या यूरोप का कार्बन टैक्स भारत के लिए खतरा नहीं? क्या बन सकता है अवसर भी? नई रिपोर्ट ने बदली बहस की दिशा
यूरोपीय संघ (EU) के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) को लेकर भारत में पिछले कुछ वर्षों से लगातार चिंता जताई जाती रही है। सरकार से लेकर उद्योग जगत तक, यह आशंका रही कि यूरोप का यह नया कार्बन टैक्स भारतीय इस्पात उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को कमजोर कर देगा और निर्यात महंगा हो जाएगा। लेकिन…
दवा की अगली बड़ी खोज कहीं जंगल में तो नहीं छिपी?
उष्णकटिबंधीय जंगल बचाना क्यों है हमारी सेहत का भी सवाल जब भी जंगलों की बात होती है, चर्चा अक्सर ऑक्सीजन, जैव विविधता या जलवायु परिवर्तन तक सीमित रह जाती है। लेकिन एक नया विश्लेषण बताता है कि उष्णकटिबंधीय जंगल केवल पृथ्वी के फेफड़े ही नहीं हैं, बल्कि भविष्य की जीवनरक्षक दवाओं का सबसे बड़ा भंडार…
ग्रीन स्टील नहीं होगी महंगी, अगर स्वच्छ बिजली और ग्रीन हाइड्रोजन बढ़ें साथ-साथ: नई रिपोर्ट
स्टील बनाना दुनिया के सबसे प्रदूषणकारी औद्योगिक कामों में से एक है। भारत जैसे देश के लिए चुनौती और भी बड़ी है। एक तरफ़ तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को स्टील चाहिए, दूसरी तरफ़ कार्बन उत्सर्जन भी घटाना है। लेकिन क्या ग्रीन स्टील बनाना बहुत महंगा पड़ेगा? TransitionZero की नई रिपोर्ट कहती है, शायद नहीं। अगर…
दिल्ली में तापमान 42 डिग्री था… लेकिन शरीर को लगा 51 डिग्री। आखिर ये नया ‘हीट इंडेक्स’ है क्या?
दिल्ली वालों ने पिछले कुछ दिनों में मौसम की खबरों में एक नया आंकड़ा सुना। “फील्स लाइक टेम्परेचर 50 डिग्री के पार पहुंच गया।” कई लोगों ने सोचा, “अरे… थर्मामीटर तो 42 डिग्री दिखा रहा है। फिर 50 डिग्री कहां से आ गया?” दरअसल, यहां कोई नया तापमान नहीं मापा जा रहा। थर्मामीटर अब भी…