भारत ने स्वच्छ ऊर्जा की दौड़ में एक और बड़ी छलांग लगाई है। तय समय से पाँच साल पहले ही देश ने अपनी कुल बिजली क्षमता का 50% हिस्सा गैर-फॉसिल (यानी कोयला और गैस से हटकर) स्रोतों से हासिल कर लिया है। अब एक नई स्टडी बता रही है कि अगर आने वाले सालों में…
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2032 तक इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग के लिए भारत की कुल सौर-वायु क्षमता का सिर्फ 3% होगा काफी
भारत की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्रांति को साफ ऊर्जा से चार्ज करने के लिए भारी बिजली उत्पादन की नहीं, बल्कि बेहतर प्लानिंग और स्मार्ट पॉलिसी की ज़रूरत है। ऊर्जा थिंक टैंक ‘एम्बर’ की नई रिपोर्ट बताती है कि अगर सही नीतिगत बदलाव किए जाएं और चार्जिंग ढांचे को समय के अनुसार ढाला जाए, तो साल…
2030 तक भारत में 70% चौबीस घंटे स्वच्छ बिजली संभव, हर साल 9 हज़ार करोड़ की बचत
अगर भारत की कंपनियाँ हर घंटे के हिसाब से कार्बन-फ्री बिजली खरीदने लगें, तो देश 2030 तक 52 गीगावॉट तक चौबीस घंटे मिलने वाली स्वच्छ बिजली जोड़ सकता है। यह भारत की कुल अनुमानित बिजली मांग का 5% हिस्सा होगा — और उसमें से 70% पूरी तरह स्वच्छ स्रोतों से हासिल किया जा सकेगा। इस…
बैकअप से आगे की बात, BESS के साथ
जब सूरज ढल जाए, BESS साथ निभाए कुछ इंकलाब नारे लेकर आते हैं। और कुछ सिर झुकाए, काम में लगे रहते हैं—बिना तमगे की चाहत के, बस अपना फ़र्ज़ निभाते हुए। Battery Energy Storage Systems, यानी BESS, ऐसी ही एक चुपचाप चलने वाली ताक़त है। ना चर्चा, ना तमाशा, पर जिसकी गैरमौजूदगी में पूरी रिन्यूएबल…
बंद पड़ी कोयला खदानों में अब सूरज बोलेगा – मेरी बारी!
नई रिपोर्ट में सामने आया 300 गीगावॉट का जबरदस्त मौका दुनिया भर में जो कोयला खदानें या तो बंद हो चुकी हैं या इस दशक के अंत तक बंद हो जाएंगी, अगर उन्हें सौर ऊर्जा के लिए इस्तेमाल किया जाए — तो इतनी बिजली बन सकती है कि पूरा जर्मनी एक साल तक रोशन रहे!…
नीति खुली, राह फिर भी उलझी: ग्रीन एनर्जी की असली कसौटी
भारत में ग्रीन पावर खरीदना अब पहले से कहीं ज़्यादा आसान है—कम से कम कागज़ों पर। 2022 में केंद्र सरकार ने Green Energy Open Access Rules लागू किए, जिनका मक़सद था: कंपनियों को रिन्यूएबल एनर्जी का सीधा रास्ता दिखाना, और देश को 2070 के नेट ज़ीरो लक्ष्य की ओर तेज़ी से ले जाना। अब 100…
स्टील की पटरी पर टिके हैं धरती के सपनों की रेल, इंजन है भारत
ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की रिपोर्ट बताती है, “ग्रीन स्टील” की दिशा में पूरी दुनिया की चाल अब भारत की दिशा पर निर्भर है। एक समय था जब…लोहा, यानी आयरन—धरती के गर्भ से निकलने वाला वो मजबूत, तपता हुआ तत्व—जब आग और कोयले की भट्ठियों में झोंका जाता, तो निकलती थी स्टील।दुनिया भर की इमारतें, रेल…
दुनियाभर के कारोबारी बोले – अब नहीं रुकेगा सौर-विंड का सफर, 2035 तक चाहिए सिर्फ़ रिन्यूएबल बिजली
दुनियाभर के कारोबारी बोले – अब नहीं रुकेगा सौर-हवा का सफर, 2035 तक चाहिए सिर्फ़ रिन्यूएबल बिजली एक नए वैश्विक सर्वे में दुनिया के 15 देशों के बिज़नेस लीडर्स ने साफ़ कहा है – अब फॉसिल फ्यूल्स से हटकर रिन्यूएबल एनर्जी की तरफ तेज़ी से बढ़ना वक्त की ज़रूरत है। ये सर्वे दुनिया भर की…
सदी के अंत तक तापमान में 3.1°C की वृद्धि संभव: संयुक्त राष्ट्र
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की नई रिपोर्ट एक गंभीर चेतावनी देती है: 1.5°C के जलवायु लक्ष्य को प्राप्त करना अभी भी तकनीकी रूप से संभव है, लेकिन इसके लिए G20 देशों को एक ऐतिहासिक कदम उठाकर 2030 तक ग्रीनहाउस गैसों के एमिशन को आधा करना होगा। “नो मोर हॉट एयर… प्लीज़!” शीर्षक वाली यह…