हवा और सूरज से बनने वाली बिजली को लेकर एक दलील अक्सर सुनने को मिलती है. कि ये ऊर्जा भरोसेमंद नहीं है, बैकअप चाहिए, और आखिरकार बिजली महँगी हो जाती है. लेकिन ज़मीन पर मौजूद आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं. दिसंबर 2025 में प्रकाशित ज़ीरो कार्बन एनालिटिक्स की एक नई रिपोर्ट में यह…
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भारत की सोलर फैक्ट्रियाँ पकड़ रहीं रफ़्तार, पर आधी क्षमता अब भी ठप
भारत में सोलर मैन्युफैक्चरिंग का माहौल इन दिनों अजीब तरह की दो आवाज़ें सुन रहा है. एक तरफ जश्न, क्योंकि देश ने पहली बार polysilicon और wafer जैसे मुश्किल हिस्सों में भी वास्तविक क्षमता खड़ी करना शुरू किया है. दूसरी तरफ एक चिंता, क्योंकि ये क्षमता अभी अपनी पूरी ताकत से चल ही नहीं पा…
सोलर और विंड ने थाम दी कोयले की रफ्तार, पहली बार जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन में नहीं कोई बढ़ोतरी
दुनिया की ऊर्जा कहानी में 2025 एक ऐतिहासिक साल बनता दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा थिंक टैंक Ember की नई रिपोर्ट बताती है कि इस साल के पहले नौ महीनों में जितनी नई बिजली की मांग बढ़ी, उतनी ही सौर और पवन ऊर्जा से पूरी हो गई। यानी पहली बार जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन…
समंदर से उठी उम्मीद की हवा: 2030 तक तीन गुना बढ़ेगी दुनिया की ऑफशोर विंड क्षमता
जलवायु संकट के इस दौर में, जब ज़मीन पर कई एनर्जी प्रोजेक्ट्स सुस्त पड़ रहे हैं, एक उम्मीद की हवा समंदर से उठ रही है।Ember की नई रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में ऑफशोर विंड पावर 2030 तक तीन गुना बढ़ने की राह पर है, भले ही अमेरिका में हाल की अनिश्चितताओं ने इस सेक्टर…
किसानों की अनुकूलन को मदद कम, सब्सिडी ज़्यादा
दुनिया भर में छोटे किसान – जो आधी से ज़्यादा खाद्य कैलोरी पैदा करते हैं – जलवायु संकट की मार झेल रहे हैं।लेकिन उनकी मदद के लिए जितनी रकम चाहिए, दुनिया उतना पैसा किसी और चीज़ पर नहीं, बल्कि हानिकारक कृषि सब्सिडियों पर खर्च कर रही है। नए विश्लेषण के मुताबिक, छोटे किसानों के जलवायु…
एनर्जी सेक्टर में उगा रिन्यूबल का सूरज‘: सूर्य घर योजना’ से रफ्तार तो बढ़ी, पर राह अभी लंबी है
भारत में अब छतें सिर्फ़ बारिश नहीं, सूरज भी पकड़ रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्या घर योजना (PMSGY) ने देश के रेज़िडेंशियल रूफटॉप सोलर सेक्टर को नई दिशा दी है। लॉन्च के महज़ एक साल में 4,946 मेगावॉट क्षमता स्थापित की जा चुकी है, और अब तक ₹9,280 करोड़ (लगभग 1.05 बिलियन डॉलर) की सब्सिडी जारी…
कार्बन कैप्चर का खेल, धरती के लिए फेल
सोचिए, अगर घर में आग लगी हो और हम धुएं को खिड़की से बाहर निकालने की मशीन खरीद लें, पर आग बुझाने की कोशिश ही न करें, तो क्या घर बचेगा? यही हाल है कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (CCS) तकनीक का, जिस पर अब एशिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ दांव लगाने की सोच रही हैं।…
रिन्यूबल एनर्जी को लेकर फैली भ्रांतियाँ टूट रहीं, ताज़ा रिपोर्ट में सामने आए तथ्य
रिन्यूबल एनर्जी को लेकर अब भी कई पुराने मिथक लोगों की सोच पर हावी हैं-जैसे कि सोलर और विंड एनर्जी महँगी है, भरोसेमंद नहीं है या फिर पर्यावरण के लिए खतरनाक साबित होती है। लेकिन ज़ीरो कार्बन एनालिटिक्स (ZCA) की नई रिपोर्ट ने इन धारणाओं को तथ्यों के साथ खारिज किया है। रिपोर्ट कहती है…
सिर्फ “दुनिया की फैक्ट्री” नहीं, बल्कि “दुनिया की ग्रीन फैक्ट्री” बन रहा है चीन
चीन अब सिर्फ “दुनिया की फैक्ट्री” नहीं, बल्कि “दुनिया की ग्रीन फैक्ट्री” भी बनता जा रहा है। ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि चीनी कंपनियों ने विदेशों में क्लीन-टेक्नोलॉजी यानी बैटरी, सोलर, विंड टर्बाइन और इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली फैक्ट्रियों में 227 अरब डॉलर से ज़्यादा का निवेश कर दिया है। अगर ऊपरी अनुमान देखें तो ये रकम 250 अरब डॉलर तक पहुँचती…
सोलर-स्टोरेज कॉम्बो से मिलेगी सस्ती बिजली, होगी 60 हज़ार करोड़ की बचत
भारत ने स्वच्छ ऊर्जा की दौड़ में एक और बड़ी छलांग लगाई है। तय समय से पाँच साल पहले ही देश ने अपनी कुल बिजली क्षमता का 50% हिस्सा गैर-फॉसिल (यानी कोयला और गैस से हटकर) स्रोतों से हासिल कर लिया है। अब एक नई स्टडी बता रही है कि अगर आने वाले सालों में…