उत्तर प्रदेश में सोलर पैनल अब सिर्फ बड़े सोलर पार्कों की कहानी नहीं रह गए हैं। सितंबर 2026 में प्रदेश में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए। यानी पूरे महीने में औसतन हर दिन 2,493 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सितंबर में हुई मासिक स्थापना के मामले में उत्तर…
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सोलर-बैटरी से अब कोयले जैसी भरोसेमंद बिजली, 25 साल तक ₹5.25 प्रति यूनिट की कीमत तय
भारत में सौर और पवन ऊर्जा अब सिर्फ दिन में मिलने वाली सस्ती बिजली तक सीमित नहीं रह सकती। एक नई नीलामी और उसके आधार पर किए गए अध्ययन से संकेत मिलता है कि बैटरी स्टोरेज के साथ रिन्यूएबल एनर्जी को कोयले जैसी लगातार और भरोसेमंद बिजली के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा…
बिजली सिर्फ़ बड़े बिजलीघरों से नहीं आएगी. भारत में छतों पर सौर ऊर्जा की असली ताकत अब सामने आ रही है
भारत में जब भी बिजली की बात होती है, चर्चा अक्सर बड़े सोलर पार्क, विशाल पवन ऊर्जा परियोजनाओं और लंबी ट्रांसमिशन लाइनों की होती है। लेकिन क्या बिजली का भविष्य सिर्फ़ बड़े बिजलीघरों में छिपा है? नई रिपोर्ट कहती है, शायद नहीं।Institute for Energy Economics and Financial Analysis (IEEFA) की नई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में…
सौर और पवन ऊर्जा हुई 100 गीगावाट पार, अब बिजली ग्रिड पर असली परीक्षा का वार
13 जुलाई को भारत के सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों ने कुछ समय के लिए 103.7 गीगावाट बिजली उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया। इसके दो दिन बाद, 15 जुलाई को यह उपलब्धि फिर दोहराई गई। उस दिन उत्पादन पहले 102.42 गीगावाट और फिर 100.9 गीगावाट तक पहुंचा। उसी दोपहर कुछ मिनटों के लिए देश…
चल पड़ी पहली हाइड्रोजन ट्रेन … मगर मंज़िल महज़ रेलवे नहीं
अगर मैं आपसे पूछूं कि भारत ने हाइड्रोजन ट्रेन क्यों बनाई, तो शायद पहला जवाब होगा. ताकि डीज़ल की जगह एक साफ़ ईंधन इस्तेमाल हो सके। जवाब सही है। लेकिन पूरी कहानी नहीं। असल सवाल यह है कि जब भारतीय रेलवे का लगभग पूरा ब्रॉडगेज नेटवर्क पहले ही बिजली से चलने लगा है, तो फिर…
सोलर की जीत पक्की, फंडिंग की जंग बाकी
शाम ढल चुकी है। शहर रोशनी से भर गया है। कहीं सोलर से आई बिजली है, कहीं अब भी कोयले से। लेकिन इस रोशनी के पीछे एक और कहानी चल रही है, जो अक्सर दिखाई नहीं देती। यह कहानी है पैसे की। Institute for Energy Economics and Financial Analysis की एक नई रिपोर्ट इस छिपी…
सोलर की दुनिया में कमज़ोर देश आगे, ताकतवर पीछे
दुनिया जब तेल की कीमतों और युद्ध के असर से जूझ रही है, उसी वक्त एक अलग कहानी भी ख़ामोशी से बन रही है। ये कहानी उन देशों की है, जिन्हें हम अक्सर “कमजोर” या “विकासशील” कह देते हैं, लेकिन क्लाइमेट के मोर्चे पर वही देश अब रफ्तार तय कर रहे हैं।Ember की नई रिपोर्ट…
क्लाइमेट के मोर्चे पर स्टील सेक्टर फेल. स्कोरकार्ड ने खोली पोल
दुनिया की ऊंची-ऊंची इमारतें, पुल, रेल और फैक्ट्रियां जिस स्टील पर खड़ी हैं, उसी स्टील सेक्टर की क्लाइमेट तैयारी अब सवालों के घेरे में है। क्लाइमेट वाच द्वारा जारी नए “कॉरपोरेट स्कोरकार्ड” ने एक साफ और असहज तस्वीर सामने रखी है, जिसमें दुनिया की 18 बड़ी स्टील कंपनियों में से एक भी ऐसी नहीं है…
दिखने लगा EVs का असर, 2025 में ईरान के 70% निर्यात के बराबर तेल की बचत
दुनिया की सड़कों पर एक शांत बदलाव चल रहा है, और अब उसके असर आंकड़ों में साफ दिखने लगे हैं। 2025 में वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों ने मिलकर करीब 1.7 मिलियन बैरल प्रति दिन तेल की खपत टाल दी, जो लगभग ईरान के कुल तेल निर्यात के 70% के बराबर है। यह आकलन ग्लोबल…
अब रात में भी उगेगा सूरज? अंतरिक्ष से धूप बेचने की तैयारी
कल्पना कीजिए।रात के 9 बजे हैं। शहर में अंधेरा है। लेकिन किसी सोलर फार्म पर अचानक दिन जैसा उजाला हो जाता है। न कोई सूरज उगा है।न कोई बिजली का बल्ब जला है। यह रोशनी सीधे अंतरिक्ष से आ रही है। सुनने में साइंस फिक्शन लगता है, लेकिन अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में एक स्टार्टअप इसे…