13 जुलाई को भारत के सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों ने कुछ समय के लिए 103.7 गीगावाट बिजली उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया। इसके दो दिन बाद, 15 जुलाई को यह उपलब्धि फिर दोहराई गई। उस दिन उत्पादन पहले 102.42 गीगावाट और फिर 100.9 गीगावाट तक पहुंचा। उसी दोपहर कुछ मिनटों के लिए देश…
Category: रिन्युब्ल
चल पड़ी पहली हाइड्रोजन ट्रेन … मगर मंज़िल महज़ रेलवे नहीं
अगर मैं आपसे पूछूं कि भारत ने हाइड्रोजन ट्रेन क्यों बनाई, तो शायद पहला जवाब होगा. ताकि डीज़ल की जगह एक साफ़ ईंधन इस्तेमाल हो सके। जवाब सही है। लेकिन पूरी कहानी नहीं। असल सवाल यह है कि जब भारतीय रेलवे का लगभग पूरा ब्रॉडगेज नेटवर्क पहले ही बिजली से चलने लगा है, तो फिर…
सोलर की जीत पक्की, फंडिंग की जंग बाकी
शाम ढल चुकी है। शहर रोशनी से भर गया है। कहीं सोलर से आई बिजली है, कहीं अब भी कोयले से। लेकिन इस रोशनी के पीछे एक और कहानी चल रही है, जो अक्सर दिखाई नहीं देती। यह कहानी है पैसे की। Institute for Energy Economics and Financial Analysis की एक नई रिपोर्ट इस छिपी…
सोलर की दुनिया में कमज़ोर देश आगे, ताकतवर पीछे
दुनिया जब तेल की कीमतों और युद्ध के असर से जूझ रही है, उसी वक्त एक अलग कहानी भी ख़ामोशी से बन रही है। ये कहानी उन देशों की है, जिन्हें हम अक्सर “कमजोर” या “विकासशील” कह देते हैं, लेकिन क्लाइमेट के मोर्चे पर वही देश अब रफ्तार तय कर रहे हैं।Ember की नई रिपोर्ट…
क्लाइमेट के मोर्चे पर स्टील सेक्टर फेल. स्कोरकार्ड ने खोली पोल
दुनिया की ऊंची-ऊंची इमारतें, पुल, रेल और फैक्ट्रियां जिस स्टील पर खड़ी हैं, उसी स्टील सेक्टर की क्लाइमेट तैयारी अब सवालों के घेरे में है। क्लाइमेट वाच द्वारा जारी नए “कॉरपोरेट स्कोरकार्ड” ने एक साफ और असहज तस्वीर सामने रखी है, जिसमें दुनिया की 18 बड़ी स्टील कंपनियों में से एक भी ऐसी नहीं है…
दिखने लगा EVs का असर, 2025 में ईरान के 70% निर्यात के बराबर तेल की बचत
दुनिया की सड़कों पर एक शांत बदलाव चल रहा है, और अब उसके असर आंकड़ों में साफ दिखने लगे हैं। 2025 में वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों ने मिलकर करीब 1.7 मिलियन बैरल प्रति दिन तेल की खपत टाल दी, जो लगभग ईरान के कुल तेल निर्यात के 70% के बराबर है। यह आकलन ग्लोबल…
अब रात में भी उगेगा सूरज? अंतरिक्ष से धूप बेचने की तैयारी
कल्पना कीजिए।रात के 9 बजे हैं। शहर में अंधेरा है। लेकिन किसी सोलर फार्म पर अचानक दिन जैसा उजाला हो जाता है। न कोई सूरज उगा है।न कोई बिजली का बल्ब जला है। यह रोशनी सीधे अंतरिक्ष से आ रही है। सुनने में साइंस फिक्शन लगता है, लेकिन अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में एक स्टार्टअप इसे…
ईरान तनाव से एशिया की ऊर्जा चिंता बढ़ी
रिन्यूएबल एनर्जी की ओर तेज़ी से बढ़ना अब आर्थिक मजबूरी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे ऊर्जा बाज़ार पर दिखने लगा है। ईरान के आसपास हालात बिगड़ने और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के रास्ते को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल और गैस की कीमतों में तेज़ उछाल आया है। ऊर्जा अर्थशास्त्र पर काम…
सस्ती यूरिया की भारी कीमत. बढ़ता खर्च, बिगड़ती मिट्टी
₹1 लाख करोड़ से ऊपर पहुँची यूरिया सब्सिडी, गैस आयात पर बढ़ती निर्भरता पर उठे सवाल भारत में उर्वरक सब्सिडी लंबे समय से किसानों के लिए राहत का बड़ा साधन रही है। लेकिन अब यही व्यवस्था सरकार के बजट, मिट्टी की सेहत और ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बढ़ा रही है। एक नई फैक्टशीट के अनुसार…
इलेक्ट्रिसिटी ट्रांज़िशन पर नई रिपोर्ट: 21 राज्य, 21 रफ्तार
दिल्ली में रात भर पंखा चलता है. कर्नाटक में सोलर पार्क चमक रहे हैं. बिहार स्मार्ट मीटर लगा रहा है.राजस्थान ग्रीन टैरिफ सस्ता कर रहा है. भारत की बिजली कहानी अब एक जैसी नहीं रही. यह कई राज्यों की अलग.अलग रफ्तार वाली कहानी बन चुकी है. नई संयुक्त रिपोर्ट, Institute for Energy Economics and Financial Analysis यानी IEEFA और Ember की, बताती…