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Tag: climate change

बेंगलुरू की बाढ़: प्रकृति की छाती पर शहरीकरण के नाच का नतीजा  

Posted on September 14, 2022

बेंगलुरु में हाल ही में हुई भीषण वर्षा के बाद हुई जल भराव की खबरों ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी। तमाम लोगों को अपना घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और इंटरनेट पर इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तमाम मीम्स और मज़ाक़ वायरल होते रहे। स्थिति वाकई कई मायनों में हास्यास्पद थी, मगर…

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अब चीता लाएगा पारिस्थितिकी के अच्छे दिन

Posted on September 11, 2022

निशान्त दुनिया के जिस सबसे तेज़ जानवर को साल 1952 में भारत में विलुप्त घोषित किया गया, उसी जानवर का सत्तर साल बाद मध्य प्रदेश के श्योपुर ज़िले में कुनो-पालपुर नेशनल पार्क (केएनपी) में एक नया घर मिलेगा। और इसी के साथ देश कि पारिस्थितिकी के शुरू होंगे अच्छे दिन। यहाँ जिस जानवर की बात…

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चरम मौसम में अब नहीं कुछ खास, जलवायु परिवर्तन ने बनाया इसे आम सी बात

Posted on August 31, 2022

यह एक ज्ञात तथ्य है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून में कई परिवर्तन हुए हैं। राज्य द्वारा संचालित भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 2022 में 1902 के बाद से दूसरी सबसे बड़ी चरम घटनाएं देखी गई हैं। जबकि बाढ़ और सूखे की घटनाओं में वृद्धि हुई है, इस बात के और…

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Indian Banks

भारत का नेट ज़ीरो होना रोज़गार सृजन के साथ देगा अर्थव्यवस्था को मज़बूती

Posted on August 26, 2022

गेटिंग एशिया टू नेट जीरो से संबंधित हाई लेवल पॉलिसी कमिशन का कहना है कि भारत जलवायु से संबंधित अपनी संकल्पबद्धताओं को पूरा करके और उन्हें बढ़ाकर वित्त संबंधी जोखिमों को खत्म कर सकता है और स्वच्छ ऊर्जा में रूपांतरण को बहुत बेहतर बना सकता है। एक ताजा अध्ययन के मुताबिक प्रदूषणकारी तत्वों के उत्सर्जन…

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न्यायसंगत एनेर्जी ट्रांज़िशन के लिए यह ज़िला बन सकता है मिसाल

Posted on August 24, 2022

उड़ीसा का एक ज़िला है अंगुल। यह ज़िला देश के 12% कोयला उत्पादन के लिए जिम्मेदार है और यहाँ उड़ीसा के कुल कोयला उत्पादन का 56 प्रतिशत कोयला उत्पादित होता है।इस ज़िले की देश के कोयला उत्पादन में भूमिका के दृष्टिगत, इंटरनेशनल फॉरम फॉर एनवायरनमेंट , सस्टेनेबिलिटी, एंड टेक्नालजी या iForest ने एक मूल्यांकन किया…

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पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भारत में फिलहाल हरित वित्त प्रवाह जरूरत का सिर्फ एक चौथाई

Posted on August 10, 2022

भारत में हरित निवेश प्रवाह को ट्रैक करने के अपने तरह के एक पहले प्रयास को प्रस्तुत करती एक ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो फिलहाल देश में इस निवेश के प्रवाह की दशा और दिशा चिंताजनक है।दरअसल क्लाइमेट पॉलिसी इनिशिएटिव (सीपीआई इंडिया) की इस नई रिपोर्ट में इस दिशा में एक अपडेट जारी किया है…

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केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने दी देश के एनडीसी को मंजूरी, प्रधानमंत्री के ‘पंचामृत’ को जलवायु लक्ष्यों में किया परिवर्तित

Posted on August 3, 2022

भारत अब अपने सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता को 2030 तक 45 प्रतिशत तक कम करने के लिए प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मलेन (यूएनएफसीसीसी) को सूचना दिए जाने के लिए भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान या  अपडेटेड  नैशनली डिटर्मिण्ड कोंट्रीब्यूशन्स (एनडीसी)…

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भारत के नेट ज़ीरो लक्ष्य हासिल करने में क्लीनटेक स्टार्टअप्स निभा सकते हैं अहम भूमिका

Posted on July 26, 2022

बात दुनिया के स्टार्टअप इकोसिस्टम या समुदाय के आकार की हो तो भारत अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। फिलहाल जनवरी 2022 तक भारत में 61,000 से अधिक स्टार्टअप कंपनियों को मान्यता दी गई है और उन्हें पंजीकृत किया गया है। लेकिन अगर भारत को नेट ज़ीरो के संदर्भ में अपने 2030 के लक्ष्य को हासिल करना…

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आयातित ऊर्जा पर निर्भरता का खामियाज़ा भुगत रहा है यूरोप, आत्मनिर्भरता टाल सकती थी ऊर्जा संकट

Posted on July 13, 2022

प्रधान मंत्री मोदी जिस आत्मनिर्भरता की मदद से देश के विकास की बात करते हैं, अगर उस आत्मनिर्भरता का पाठ यूरोप ने पढ़ा होता तो आज वो इस मुश्किल में न फंसा होता। यूरोप के तमाम विकसित देश अक्सर भारत जैसे विकासशील देशों पर अधिक कार्बन एमिशन का आरोप लगाते हैं और उम्मीद करते हैं…

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सिर्फ बाज़ार-आधारित खाद्य सुरक्षा के लिए नहीं है प्रकृति, मूल्य शृंखला में 50 से अधिक घटक हैं मौजूद

Posted on July 11, 2022

जिस तरह से राजनीतिक और आर्थिक निर्णयों में प्रकृति को महत्व दिया जाता है, वह वैश्विक जैव विविधता संकट का न सिर्फ एक प्रमुख घटक है बल्कि इसे संबोधित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। यह कहना है दुनिया के 82 शीर्ष वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का एक चार साल के मूल्यांकन के बाद। आईपीबीईएस की…

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क्लाइमेट की कहानी, मेरी ज़बानी

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