हर साल मानसून के साथ असम में बाढ़ की खबरें भी आने लगती हैं। नदियां उफान पर होती हैं, गांव डूब जाते हैं, लाखों लोगों को घर छोड़कर राहत शिविरों में जाना पड़ता है। आम तौर पर इसकी वजह भारी बारिश को माना जाता है। लेकिन नई ब्रीफिंग बताती है कि अब असम की बाढ़…
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भीषण गर्मी से जूझ रहा रेगिस्तान का जहाज़, अफ्रीका में ऊंटों पर बढ़ा जलवायु संकट का असर
जिस जानवर को सदियों से रेगिस्तान में जीने का प्रतीक माना जाता रहा, अब वही बढ़ती गर्मी के आगे संघर्ष करता दिखाई दे रहा है। अफ्रीका के कुछ हिस्सों से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक Horn of Africa और North Africa में पड़ रही भीषण गर्मी, लंबे सूखे, पानी की कमी और सूखते चरागाहों का…
हर नए घर के साथ बढ़ रहा कार्बन संकट
दुनिया इस समय दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ घरों की भारी कमी। दूसरी तरफ महंगी होती बिजली और ईंधन। ऐसे समय में एक नई वैश्विक रिपोर्ट ने साफ कहा है कि अगर इमारतों और घरों को जलवायु के हिसाब से नहीं बदला गया, तो आने वाले सालों में रहने की लागत और बढ़ेगी,…
बढ़ता जाएगा जानवरों के घर पर मौसम के वार
जंगल हमेशा से बदलते रहे हैं। मौसम भी। लेकिन अब जो बदल रहा है, वह रफ्तार है, और पैटर्न है। अब खतरा धीरे-धीरे बढ़ती गर्मी का नहीं, बल्कि एक के बाद एक आने वाले झटकों का है। जर्नल Nature Ecology & Evolution में प्रकाशित एक नई स्टडी इसी बदलती तस्वीर को सामने लाती है। जर्मनी…
धूप में लोकतंत्र, पसीने में फैसला
चेन्नई के एक बूथ पर सुबह के नौ बजे हैं। बूथ अधिकारी की कमीज़ पीठ से चिपकी हुई है। बाहर कतार में खड़े लोग छाया ढूंढ रहे हैं, जहां छाया है ही नहीं। हवा में नमी इतनी है कि पसीना सूखता नहीं, बस शरीर पर ठहर जाता है। यह सिर्फ गर्मी नहीं है। यह वही…
इंफ्रा बूम जारी, बीमा की नहीं कोई तैयारी
भारत इस समय अपने इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास के सबसे आक्रामक विस्तार के दौर में है. सड़कें, बंदरगाह, सुरंगें, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, शहरों का विस्तार. सब कुछ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. लेकिन इसी रफ्तार के साथ एक सवाल भी उभर रहा है. क्या इन अरबों रुपये की परिसंपत्तियां जलवायु झटकों के लिए वास्तव में सुरक्षित हैं….
वायनाड त्रासदी: जलवायु परिवर्तन की नज़र से
केरल के वायनाड ज़िले में, ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, डेढ़ सौ से ज़्यादा भरी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में अपनी जान गंवा चुके हैं। वायनाड जिला लगातार मॉनसून बारिश के कारण हुए भूस्खलन से बर्बादी का सामना कर रहा है। 30 जुलाई की शुरुआती घंटों में, कई जगह हुए भूस्खलन ने जिले के कई…
आधा गिलास: जीवन का आधार या दिव्यांगता का कारण?
दीपमाला पाण्डेय पानी जीवन का आधार है। यह एक सरल सत्य है जिसे हम अक्सर भूल जाते हैं। अमूमन मेहमानों के घर आने पर सबसे पहले पानी पिलाना हमारी परंपरा भी है और आजकल तो मौसम की जरूरत भी है। अक्सर यह देखा गया है कि पानी पूरा गिलास पिया नहीं जाता और वह जूठा…
सर्दियों में अंकित को गिरने का आदी मत होने दीजिये
दीपमाला पाण्डेय दो दिन पहले की बात है। कुछ बच्चों से पता चला कि आठ साल का अंकित स्कूल आते समय रास्ते में गिर गया। अंकित को वैसे भी चलने में समस्या है। पूछ ताछ करने पर पता चला कि ठंड की वजह से उसके पैर अचानक से मुड़ जाते हैं और इसी वजह से…
जलवायु एवं पर्यावरण कार्यकर्ताओं के खिलाफ बढ़ रही है ऑनलाइन और ऑफलाइन नफ़रत
जहां एक ओर जलवायु से जुड़ी चिंताएँ बढ़ रही हैं और सरकारों की प्राथमिकता में यह विषय शामिल हो रहा है, वहीं एक परेशान वाले घटनाक्रम में पता चल रहा है कि जलवायु संरक्षण के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं और संगठनों के खिलाफ हिंसा एक आम चलन बनती जा रही है।इस बात का पता…