संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की मानें तो पृथ्वी “रेड अलर्ट” पर है। वजह है दुनिया भर की सरकारों का अपने जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को पूरा करने में विफल होना।उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) की रिपोर्ट के बाद 2021 को “मेक या ब्रेक ईयर” के रूप में वर्णित किया। इस रिपोर्ट…
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चीन ने फिर किया हैरान, ऑफशोर विंड एनर्जी के मामले में 2020 को किया अपने नाम
चीन दुनिया को हैरान करने से नहीं पीछे हटता। जब हम और आप कोविड से डरे सहमे लॉक डाउन में अपने और अपने प्रियजनों की कुशलता और स्वास्थ्य के लिए आशंकित थे, चीन के ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति रची जा रही थी।दरअसल चीन ने अकेले साल 2020 में दुनिया की कुल अपतटीय पवन ऊर्जा, या…
क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत पौधारोपण ख़राब प्लैनिंग का शिकार, ज़्यादातर बेकार
हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि भारतीय शहरों में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत किए गए पौधारोपण, योजनाबद्ध तरीके से न किये जाने के कारण अप्रभावी हैं। ज्यादातर मामलों में, या तो वृक्षारोपण अभियान ने प्रमुख प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट को अपवर्जित रखा या ऐसी प्रजातियों का इस्तेमाल किया…
इस वजह से भारत में नहीं बन रहा जलवायु परिवर्तन एक सियासी मुद्दा!
निशान्त कभी सोचा है कोई मुद्दा सियासी कब बनता है? बात आगे बढे उससे पहले ज़रा समझ लेते हैं कि सियासत या राजनीति का मतलब होता क्या है और आख़िर मुद्दा किसे कहते हैं। तो जनाब ऐसा है कि जब किसी बात से सत्ता हासिल की जाये और फिर उस सत्ता का इस्तमाल उसी बात…
भारत की $500 बिलियन रिन्यूएबल एनेर्जी मार्किट पर दुनिया लगा रही है दांव
इस ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो भारत के रिन्यूएबल एनेर्जी और ग्रिड प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए ग्लोबल निवेशकों का एक बड़ा पूल तैयार है। वजह है भारत में इस क्षेत्र की असीमित संभावनाएं और अनुकूल परिस्थितियां जिनके चलते यहाँ सौर ऊर्जा टैरिफ में रिकॉर्ड गिरावट के साथ-साथ सोलर मॉड्यूल की लागत में कमी, कम ब्याज दर, और…
दुनिया में ग्रीन रिकवरी के लिए कैटेलिस्ट बनेगा अमेरिका
ग्रीन स्टीमुलस इंडेक्स की ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो कोविड महामारी के दौरान और अमेरिका में बिडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद अब ऐसा माना जा सकता है कि दुनिया भर में ग्रीन रिकवरी की शुरुआत अमेरिका के नेतृत्व में हो सकती है। नेतृत्व से ज़्यादा यहाँ अमेरिका की भूमिका उत्प्रेरक या कैटेलिस्ट की होने वाली…
अनुकरणीय है ब्राज़ील के लोगों की जलवायु परिवर्तन को लेकर जागरूकता
जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में हार और जीत का फ़ैसला अगर कुछ करता है तो वो है जन सहभागिता और जन जागरूकता। अकेले सरकारें कुछ नहीं कर सकती जब तक आप और हम इस मुद्दे पर सरकार का साथ ण दें या सरकार पर सही फैसले लेने का दबाव न बनायें। ऐसा इसलिए…
उत्तराखंड की 85 फ़ीसद आबादी प्राक्रतिक आपदा से खतरे के मुहाने पर: रिपोर्ट
काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (CEEW) द्वारा जारी एक स्वतंत्र विश्लेषण के अनुसार, उत्तराखंड में 85 प्रतिशत से अधिक जिले, जहाँ नौ करोड़ से अधिक लोगों के घर हैं, अत्यधिक बाढ़ और इसके संबंधित घटनाओं के हॉटस्पॉट हैं। यही नहीं, उत्तराखंड में चरम बाढ़ की घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता 1970 के बाद से चार गुना बढ़ गई है। इसी तरह, भूस्खलन, बादल फटने, ग्लेशियल झील…
‘मेडिसिन की पढाई में शामिल हो जलवायु परिवर्तन’
भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े 3000 से ज्यादा पेशेवर लोगों को शामिल कर जलवायु परिवर्तन पर किये गये अब तक के सबसे बड़े सर्वे से जाहिर हुआ है कि देश के स्वास्थ्य सेक्टर को भारत में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये कदम उठाने और उनकी पैरवी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिये। क्लाइमेट…