भारत में सौर और पवन ऊर्जा अब सिर्फ दिन में मिलने वाली सस्ती बिजली तक सीमित नहीं रह सकती। एक नई नीलामी और उसके आधार पर किए गए अध्ययन से संकेत मिलता है कि बैटरी स्टोरेज के साथ रिन्यूएबल एनर्जी को कोयले जैसी लगातार और भरोसेमंद बिजली के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा…
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दुनिया की बिजली में घट रही गैस की हिस्सेदारी, सौर ऊर्जा बदल रही ऊर्जा का भविष्य
कभी प्राकृतिक गैस को दुनिया की “साफ़” ऊर्जा का भविष्य बताया जाता था। कोयले से कम प्रदूषण करने वाला ईंधन। एक ऐसा सहारा, जो दुनिया को धीरे-धीरे नवीकरणीय ऊर्जा तक ले जाएगा। लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है। दुनिया की बिजली व्यवस्था में गैस की पकड़ लगातार कमजोर हो रही है। और उसकी जगह…
2030 तक भारत में 70% चौबीस घंटे स्वच्छ बिजली संभव, हर साल 9 हज़ार करोड़ की बचत
अगर भारत की कंपनियाँ हर घंटे के हिसाब से कार्बन-फ्री बिजली खरीदने लगें, तो देश 2030 तक 52 गीगावॉट तक चौबीस घंटे मिलने वाली स्वच्छ बिजली जोड़ सकता है। यह भारत की कुल अनुमानित बिजली मांग का 5% हिस्सा होगा — और उसमें से 70% पूरी तरह स्वच्छ स्रोतों से हासिल किया जा सकेगा। इस…
नीति खुली, राह फिर भी उलझी: ग्रीन एनर्जी की असली कसौटी
भारत में ग्रीन पावर खरीदना अब पहले से कहीं ज़्यादा आसान है—कम से कम कागज़ों पर। 2022 में केंद्र सरकार ने Green Energy Open Access Rules लागू किए, जिनका मक़सद था: कंपनियों को रिन्यूएबल एनर्जी का सीधा रास्ता दिखाना, और देश को 2070 के नेट ज़ीरो लक्ष्य की ओर तेज़ी से ले जाना। अब 100…
क्लीन एनर्जी लक्ष्यों के लिए सरकारी सहयोग ज़रूरी: रिपोर्ट
साल 2030 तक भारत के क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सरकार को ऑफ़शोर विंड एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) और ग्रीन हाइड्रोजन (जीएच2) जैसे क्षेत्रों में मदद बढ़ानी होगी। यह बात एक नई रिपोर्ट में सामने आई है। क्या कहती है रिपोर्ट?सेंटर फॉर स्टडी ऑफ साइंस, टेक्नॉलॉजी एंड पॉलिसी (सीएसटीईपी) और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट…
जलवायु परिवर्तन ने एशिया में बढ़ाई हीटवेव की तीव्रता, बना दिया घातक
निशान्त सक्सेना वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन ग्रुप के एक नए अध्ययन से पता चला है कि जलवायु परिवर्तन ने अप्रैल में पूरे एशिया में अनुभव की गई हीट वेव की तीव्रता को काफ़ी बढ़ा दिया था. अध्ययन ने साफ किया कि इस अवधि में रिकॉर्ड तोड़ तापमान ने अरबों लोगों को प्रभावित किया, मानव-जनित जलवायु परिवर्तन…
क्लीन एनेर्जी ट्रांज़िशन में कर्नाटक और गुजरात सबसे आगे: रिपोर्ट
कर्नाटक और गुजरात ने एक बार फिर क्लीन एनेर्जी ट्रांज़िशन की दिशा में अपना नेतृत्व प्रदर्शित किया है। इस बात का खुलासा हुआ इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (IEEFA) और एम्बर की एक संयुक्त रिपोर्ट में। इस दिशा में यह मूल्यांकन का दूसरा साल है जिसमें अब कुल 21 राज्य शामिल हैं, जो…
जलवायु परिवर्तन और दिव्यांगता: एक अनदेखा संबंध
दीपमाला पाण्डेय साल 2023 में पृथ्वी की औसत भूमि और महासागर की सतह का तापमान 20वीं सदी से 2.12 डिग्री फ़ारेनहाइट (1.18 डिग्री सेल्सियस) अधिक था। यह आंकड़ा साल 1850 से अब तक रिकॉर्ड किया गया उच्चतम वैश्विक तापमान है। इसने, इससे पहले अब तक के सबसे गर्म वर्ष, 2016 को 0.27 डिग्री फ़ारेनहाइट (0.15…
जलवायु परिवर्तन से भारत की संवेदनशीलता और अर्थव्यवस्था पर पड़ता प्रभाव
भारत की विविध भौगोलिक संरचना, जलवायु परिस्थितियों और सामाजिक-आर्थिक कारकों के कारण जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों के प्रति उसकी संवेदनशीलता अधिक है। ये प्रभाव पहले से ही अर्थव्यवस्था और आजीविका को प्रभावित कर रहे हैं, जो विकास और गरीबी उन्मूलन में प्रगति को बाधित कर सकते हैं।उदाहरण के लिए, वर्ष 2021 में, भारत में…