ऊर्जा जगत में साल 2030 तक बहुत कुछ बदलने वाला है। और यह बदलाव होगा मौजूदा नीतियों के चलते। वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक की ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो आने वाले कुछ सालों में सड़कों पर लगभग 10 गुना अधिक इलेक्ट्रिक कारें होंगी, और रिन्यूबल एनेर्जी सोरसेज़ दुनिया के ऊर्जा स्रोतों का लगभग आधा हिस्सा बनाएंगे।…
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सस्टेनेबिलिटी और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों की पत्रकारों में बेहतर समझ ज़रूरी
जिस रफ्तार से जलवायु परिवर्तन और सस्टेनेबिलिटी जैसे मुद्दों की प्रासंगिकता बढ़ रही है और आमजन में उसके प्रति रुचि बढ़ रही है, उसके चलते अब पत्रकारों पर ज़िम्मेदारी बढ़ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन विषयों पर जानकारी को सटीक और जिम्मेदारी से प्रसारित करने में मीडिया कर्मियों की ख़ास जिम्मेदारी है. और इस…
विंड एनेर्जी इंडस्ट्री में 2027 तक भरपूर नौकरियों की उम्मीद
ग्लोबल विंड ऑर्गेनाइजेशन (जीडब्ल्यूओ) और ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल (जीडब्ल्यूईसी) की एक ताजा रिपोर्ट में वर्ष 2027 तक अनुमानित पवन ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण, स्थापना, संचालन और रखरखाव जैसे कार्यों के लिए जरूरी टेक्निशियंस की तादाद के बारे में पूर्वानुमान लगाया गया है। यह रिपोर्ट स्थानीय और राष्ट्रीय सरकारों के सामने अक्षय ऊर्जा के विकास…
कभी किसी दिव्याँग बच्चे की नज़र से भी देखिये जलवायु परिवर्तन
दीपमाला पाण्डेय जलवायु परिवर्तन एक ऐसी हक़ीक़त है जिससे अब हम सब धीरे धीरे वाकिफ हो रहे हैं। अब अपने जीवन पर हम उसके असर भी देख रहे हैं। कभी भीषण गर्मी, तो कभी जानलेवा बरसात और बाढ़, तो कभी हिमाचल प्रदेश जैसी त्रासदी। सिक्किम में हुई बादल फटने की घटना को भी वैज्ञानिक जलवायु…
भीषण गर्मी से आपके बच्चे का बुढ़ापा हो सकता है ख़राब
इस नए शोध की मानें तो जलवायु परिवर्तन और भीषण गर्मी आपके बच्चे का बुढ़ापा खराब कर सकती है। अगर आप कल की किसी ऐसी संभावना से बचना चाहते हैं तो आपको आज कुछ करना होगा। जलवायु परिवर्तन तो प्रकृतिक प्रक्रिया है और वो हमारे विकास के साथ होती रहेगी। लेकिन उसकी गति को अगर…
कोयले से अगर दुनिया बना रही दूरी तो रोज़ 100 खदानकर्मियों की बढ़ भी रही मजबूरी
कोयले से दूरी यूं तो ज़रूरी है, लेकिन उससे नजदीकी बहुतों की मजबूरी भी है। मसलन उन मजदूरों की को कोयला खदानों में काम करते हैं। लेकिन कोयला खदानें बंद होने की योजनाओं और बाजार में सस्ती सौर तथा पवन ऊर्जा को हाथोंहाथ लिए जाने की वजह से कोयला खदानकर्मियों को निकट भविष्य में अपने रोजगार…
पिघलते ग्लेशियरों की निगरानी ज़रूरी, वरना आज सिक्किम, कल….
बीते हफ्ते, सिक्किम में दक्षिण लोनाक झील पर बहुत भारी बारिश हुई। इसके चलते झील के पानी ने अपना किनारा छोड़ दिया। सब कुछ इतना अचानक हुआ कि झील के पानी ने चुंगथांग बांध को तोड़ दिया। और इसके बाद तबाही का ऐसा दौर आया कि फिलहाल चालीस से ज़्यादा लोगों की मौत की खबर है, तमाम लोग गायब हैं, अनगिनत…
सावधान! रिवर इंटरलिंकिंग परियोजनाओं से बदल सकता है मॉनसून का पैटर्न
हाल ही में नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित एक शोध लेख ने भारत में प्रस्तावित रिवर इंटरलिंकिंग परियोजनाओं के मानसून पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। शोधकर्ताओं ने जलवायु मॉडलिंग का प्रयोग करते हुए पाया कि गंगा, ब्रह्मपुत्र, महानदी और गोदावरी जैसी प्रमुख नदियों के जल के अंतर्बेसिन हस्तांतरण या…
भारत ने 2023 की पहली छमाही में सौर ऊर्जा उत्पादन की वैश्विक वृद्धि में किया 12% का योगदान
ऊर्जा थिंक टैंक एम्बर द्वारा आज प्रकाशित एक रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत ने यूरोपीय संघ के समान, 2023 की पहली छमाही में सौर ऊर्जा उत्पादन में वैश्विक वृद्धि में 12% का योगदान दिया। रिपोर्ट में जनवरी से जून 2023 तक, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में, 78 देशों में बिजली…
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय फंडिंग में भारत, नेपाल की उपेक्षा: रिपोर्ट
एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि जहां एक ओर भारत और नेपाल में दुनिया भर में वायु प्रदूषण के सबसे खराब प्रदूषण से जूझ रहे हैं, वहीं इन देशों की इस समस्या से निपटने में मदद करने के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं से बेहद कम आर्थिक सहयोग मिलता है. दिल्ली की शुमार दुनिया के कुछ सबसे प्रदूषित…