दिल्ली की मंडियों तक पहुंचने वाली गेहूं की हर बोरी सिर्फ अनाज नहीं होती। उसमें एक मौसम छिपा होता है। ठंडी रातें, धुंध वाली सुबहें, जनवरी की ठिठुरन, और फरवरी की हल्की धूप। गेहूं सिर्फ खेत में नहीं उगता, वह मौसम की लय पर उगता है। लेकिन अब यही लय टूट रही है। Climate Trends…
चलिए पढ़ा जाये
El Niño की आहट से डरा मानसून 2026, भारत के सामने सूखा, गर्मी और पानी संकट का खतरा
2026 की गर्मियों में भारत सिर्फ गर्मी से नहीं जूझ रहा।इस बार आसमान भी बेचैन है।समुद्र भी। और मौसम की दुनिया में चल रही हलचल का असर खेतों से लेकर बिजली, पानी, खाद्य सुरक्षा और लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी तक पहुँच सकता है।साल की शुरुआत कमजोर ला नीना से हुई थी। अभी दुनिया ENSO…
अब भारत में बिजली की मांग विकास नहीं, गर्मी तय कर रही है
नौतपा शुरू हो चुका है। वो नौ दिन, जिन्हें उत्तर भारत में हमेशा से साल की सबसे कठिन गर्मी का समय माना जाता था। पुराने लोग बताते थे कि इन दिनों दोपहरें धीमी हो जाती थीं।बाज़ार जल्दी बंद हो जाते थे।लोग घरों में खस की टट्टियाँ लगाते थे।मिट्टी के घड़ों का पानी ठंडक देता था।रातें…
बिजली संकट से देश बच जाए अगर AC की एफिशियंसी दोगुनी हो जाए
भारत में मई की रातें अब पहले जैसी नहीं रही। रात के ग्यारह बजे भी दीवारें गर्म रहती हैं। पंखा चलता रहता है, मगर हवा में राहत नहीं होती। नोएडा की किसी सोसाइटी में इन्वर्टर की बीप सुनाई देती है। लखनऊ के किराए के कमरे में बच्चा करवट बदलता है। अहमदाबाद में कोई बुज़ुर्ग बालकनी…
अब तो रातें भी नहीं ठंडी, क्यों हो गई है भारत की गर्मी और खतरनाक
उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा 48 डिग्री तक पहुंच चुका है। दोपहर की सड़कें खाली हैं। हवा चलती भी है तो जैसे किसी ने हेयर ड्रायर चेहरे पर चला दिया हो। मगर इस बार कहानी सिर्फ दिन की गर्मी की नहीं है। असली डर रात में छुपा है। रात, जो कभी राहत हुआ करती…
कोयले के प्लांट बढ़े, मगर दुनिया ने कम जलाया कोयला
दुनिया अजीब मोड़ पर खड़ी है।एक तरफ नए कोयला बिजलीघर अब भी बन रहे हैं। दूसरी तरफ उन्हीं देशों में कोयले से बनने वाली बिजली घट रही है। यानी प्लांट बढ़ रहे हैं, लेकिन कोयला पहले जितना जल नहीं रहा। यही तस्वीर सामने आई है Global Energy Monitor की नई रिपोर्ट Boom and Bust 2026 में।…
हर नए घर के साथ बढ़ रहा कार्बन संकट
दुनिया इस समय दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ घरों की भारी कमी। दूसरी तरफ महंगी होती बिजली और ईंधन। ऐसे समय में एक नई वैश्विक रिपोर्ट ने साफ कहा है कि अगर इमारतों और घरों को जलवायु के हिसाब से नहीं बदला गया, तो आने वाले सालों में रहने की लागत और बढ़ेगी,…
क्या कोयले पर निर्भरता देश को एक लाख करोड़ डॉलर के जाल में फंसा सकती है?
भारत इस समय दुनिया के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग विस्तारों में से एक के बीच खड़ा है। नई फैक्ट्रियां बन रही हैं। रेलवे नेटवर्क फैल रहा है। शहर ऊंचे हो रहे हैं। और इस पूरी कहानी की रीढ़ है, स्टील। लेकिन इसी स्टील के भीतर एक ऐसा सवाल छिपा है, जो आने वाले दशकों…
इस मच्छर फैक्ट्री में बन रहे हैं डेंगू मलेरिया मारने वाले मच्छर
दुनिया का शायद सबसे अजीब सवाल इस वक्त कोलंबिया के शहर मेडेलीन में पूछा जा रहा है। “क्या इंसानों को बचाने के लिए करोड़ों मच्छर पैदा किए जा सकते हैं?” सुनने में किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लगता है। लेकिन यही सच है। दक्षिण अमेरिकी देश Medellín में एक ऐसी “मच्छर फैक्ट्री” चल रही है,…
हॉर्मूज़ से मिली सीख, ऊर्जा का भविष्य स्थानीय और स्वच्छ ही ठीक
समुद्र कभी सिर्फ पानी नहीं होता।उसके भीतर व्यापार चलता है, राजनीति चलती है, देशों की सांस चलती है।और जब वही समुद्र अचानक बंद हो जाए, तो असर सिर्फ बंदरगाहों पर नहीं पड़ता।रसोई तक पहुंचता है। खेत तक पहुंचता है। बिजली के बिल तक पहुंचता है। इस बार दुनिया ने यही देखा है। मध्य पूर्व में…