एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में, दुनिया भर के 46.3 मिलियन से अधिक डॉक्टरों और हेल्थ प्रोफेशनल्स ने COP28 के मनोनीत अध्यक्ष सुल्तान अहमद अल-जबर को एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में एक “न्यायसंगत, बराबरदारी वाले और सभी के लिए स्वास्थ्य सुनिश्चित करने वाले” भविष्य के लिए फ़ोसिल फ्यूल को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने…
चलिए पढ़ा जाये
मानसून 2023 – देश के 73% हिस्से में बारिश सामान्य लेकिन जिलेवार आंकड़े असामान्य
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2023 के एक जिला स्तर पर किए गए एक व्यापक विश्लेषण में भारत के वार्षिक मानसून मौसम पैटर्न में देश भर में वर्षा पैटर्न में चरम विषमता सामने आयी है। दरअसल क्लाइमेट ट्रेंड्स और कार्बन कॉपी द्वारा किए गए इस विश्लेषण में कहा गया गौ कि जहां एक ओर दावा किया गया है…
भारत पहुँचने वाला है भूजल कमी के टिपिंग पॉइंट पर, जल संरक्षण में दिव्यांग बच्चे निभा सकते हैं निर्णायक भूमिका
दीपमाला पाण्डेय जल जीवन है। यह पढ़ने में बेहद आम सी बात लग सकती है लेकिन बड़ी गहरी बात है। हमारा शरीर 70 प्रतिशत पानी से बना है। हमारी पृथ्वी पर उसी अनुपात में पानी है। बिना खाने के हम फिर भी रह सकते हैं, लेकिन बिना पानी के हमारा जीना कुछ ही समय में…
अब मासिक धर्म चक्र तक पर असर डाल रहा है वायु प्रदूषण। त्वरित जलवायु कार्यवाही अब नहीं तो कब?
राखी गंगवार सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन अमेरिका में एमोरी यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बचपन में वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने और लड़कियों को पहली बार मासिक धर्म होने की उम्र के बीच एक संबंध पाया है। यह शोध एनवायर्नमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव्स नाम के जर्नल में प्रकाशित हुआ है…
बिना सख़्त नियमों के ग्रीन हाइड्रोजन का विकास बढ़ा सकता है कार्बन उत्सर्जन
ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को रफ्तार देते हुए हाल ही में भारत सरकार ने 400 करोड़ रुपये की लागत वाला एक आर एण्ड डी (अनुसंधान एवं विकास) रोडमैप पेश किया है। साथ ही, भारत ने साल 2030 तक सालाना पांच मिलियन मैट्रिक टन (एमएमटी) ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन का लक्ष्य भी रखा है। लेकिन इस बीच…
साल 2030 तक सड़कों पर होंगी दस गुना इलैक्ट्रिक कारें: वर्ल्ड एनेर्जी आउटलूक 2023
ऊर्जा जगत में साल 2030 तक बहुत कुछ बदलने वाला है। और यह बदलाव होगा मौजूदा नीतियों के चलते। वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक की ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो आने वाले कुछ सालों में सड़कों पर लगभग 10 गुना अधिक इलेक्ट्रिक कारें होंगी, और रिन्यूबल एनेर्जी सोरसेज़ दुनिया के ऊर्जा स्रोतों का लगभग आधा हिस्सा बनाएंगे।…
सस्टेनेबिलिटी और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों की पत्रकारों में बेहतर समझ ज़रूरी
जिस रफ्तार से जलवायु परिवर्तन और सस्टेनेबिलिटी जैसे मुद्दों की प्रासंगिकता बढ़ रही है और आमजन में उसके प्रति रुचि बढ़ रही है, उसके चलते अब पत्रकारों पर ज़िम्मेदारी बढ़ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन विषयों पर जानकारी को सटीक और जिम्मेदारी से प्रसारित करने में मीडिया कर्मियों की ख़ास जिम्मेदारी है. और इस…
विंड एनेर्जी इंडस्ट्री में 2027 तक भरपूर नौकरियों की उम्मीद
ग्लोबल विंड ऑर्गेनाइजेशन (जीडब्ल्यूओ) और ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल (जीडब्ल्यूईसी) की एक ताजा रिपोर्ट में वर्ष 2027 तक अनुमानित पवन ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण, स्थापना, संचालन और रखरखाव जैसे कार्यों के लिए जरूरी टेक्निशियंस की तादाद के बारे में पूर्वानुमान लगाया गया है। यह रिपोर्ट स्थानीय और राष्ट्रीय सरकारों के सामने अक्षय ऊर्जा के विकास…
कभी किसी दिव्याँग बच्चे की नज़र से भी देखिये जलवायु परिवर्तन
दीपमाला पाण्डेय जलवायु परिवर्तन एक ऐसी हक़ीक़त है जिससे अब हम सब धीरे धीरे वाकिफ हो रहे हैं। अब अपने जीवन पर हम उसके असर भी देख रहे हैं। कभी भीषण गर्मी, तो कभी जानलेवा बरसात और बाढ़, तो कभी हिमाचल प्रदेश जैसी त्रासदी। सिक्किम में हुई बादल फटने की घटना को भी वैज्ञानिक जलवायु…
भीषण गर्मी से आपके बच्चे का बुढ़ापा हो सकता है ख़राब
इस नए शोध की मानें तो जलवायु परिवर्तन और भीषण गर्मी आपके बच्चे का बुढ़ापा खराब कर सकती है। अगर आप कल की किसी ऐसी संभावना से बचना चाहते हैं तो आपको आज कुछ करना होगा। जलवायु परिवर्तन तो प्रकृतिक प्रक्रिया है और वो हमारे विकास के साथ होती रहेगी। लेकिन उसकी गति को अगर…