रिन्यूएबल एनर्जी की ओर तेज़ी से बढ़ना अब आर्थिक मजबूरी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे ऊर्जा बाज़ार पर दिखने लगा है। ईरान के आसपास हालात बिगड़ने और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के रास्ते को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल और गैस की कीमतों में तेज़ उछाल आया है। ऊर्जा अर्थशास्त्र पर काम…
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मिडिल ईस्ट युद्ध और LNG दांव. दक्षिण एशिया के सामने $107 अरब का सवाल
दुनिया के ऊर्जा बाज़ार इस समय अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव, ईरान पर अमेरिकी और इज़राइली हमलों और होरमुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग बाधाओं ने तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई को एक बार फिर अनिश्चित बना दिया है। इसी बीच एक नई रिपोर्ट चेतावनी देती है कि…
सस्ती यूरिया की भारी कीमत. बढ़ता खर्च, बिगड़ती मिट्टी
₹1 लाख करोड़ से ऊपर पहुँची यूरिया सब्सिडी, गैस आयात पर बढ़ती निर्भरता पर उठे सवाल भारत में उर्वरक सब्सिडी लंबे समय से किसानों के लिए राहत का बड़ा साधन रही है। लेकिन अब यही व्यवस्था सरकार के बजट, मिट्टी की सेहत और ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बढ़ा रही है। एक नई फैक्टशीट के अनुसार…
जब युद्ध गैस के बाज़ार को बदल देता है
मिडिल ईस्ट संकट से अमेरिकी LNG कंपनियों की कमाई कैसे बढ़ रही है दुनिया में युद्ध सिर्फ़ मोर्चों पर नहीं लड़ा जाता.कई बार उसका सबसे गहरा असर उन बाज़ारों में दिखाई देता है जहाँ ऊर्जा का कारोबार होता है. मिडिल ईस्ट में हालिया संघर्ष ने यही दिखाया है. मिसाइलें गिर रही हैं. समुद्री रास्ते बंद…
चीन का नया पांच साल का प्लान. क्लाइमेट लीडर भी, कोयले का सहारा भी
बीजिंग में हर साल होने वाली एक बैठक दुनिया की ऊर्जा और क्लाइमेट राजनीति का रुख तय करती है. यह बैठक है National People’s Congress की. यहीं से निकलता है चीन का पाँच साल का रोडमैप. और इस बार जो दस्तावेज सामने आया है, वह एक दिलचस्प कहानी कहता है. एक तरफ साफ ऊर्जा का…
कोयला खत्म, कहानी नहीं. नेयवेली की खदानों में शुरू हुआ दूसरा जीवन
मयूरी सिंह तमिलनाडु के कड्डालोर ज़िले में नेयवेली के आसपास का इलाका आज भी उस इंडस्ट्रियल दौर की कहानी सुनाता है जिसने कई दशकों तक भारत की एनर्जी व्यवस्था को चलाया। दूर तक फैले खुले गड्ढे, सीढ़ीनुमा मिट्टी के ढलान, और मशीनों से तराशी हुई ज़मीन यह याद दिलाती है कि लिग्नाइट माइनिंग ने इस…
सिर्फ धुआँ नहीं, मौसम भी बढ़ा रहा शहरों की हवा में ज़हर
भारत के बड़े शहरों में बढ़ते प्रदूषण को अक्सर सिर्फ उत्सर्जन का नतीजा माना जाता है। गाड़ियों का धुआँ, उद्योगों का धुआँ, कूड़ा जलाना। मगर एक नई स्टडी बताती है कि कहानी इससे कहीं ज़्यादा जटिल है। दरअसल कई शहरों में हवा की गुणवत्ता सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि कितना प्रदूषण निकल…
पश्चिम एशिया संकट के बीच 100% इलेक्ट्रिफिकेशन के करीब भारतीय रेलवे
दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध की आहट से ऊर्जा बाज़ार फिर अस्थिर हो रहे हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच टकराव ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि तेल और गैस पर निर्भर दुनिया कितनी असुरक्षित है। भारत भी इससे अलग नहीं है। देश अपनी…
तेल-गैस के प्रोजेक्ट अब 15 साल में चालू, इंडस्ट्री के गोल्डन पीरियड से तीन गुना स्लो
तेल और गैस इंडस्ट्री कभी स्पीड के लिए जानी जाती थी। खोज हुई, डेवलपमेंट प्लान बना, चार पांच साल में प्रोडक्शन शुरू। अब औसत समय 15 साल से ऊपर चला गया है। की मार्च 2026 में जारी नई रिपोर्ट बताती है कि 2025 में जिन ऑयल और गैस फील्ड्स ने प्रोडक्शन शुरू किया, उन्हें खोज…
भारी निवेश के बावजूद 2030 के लक्ष्य के लिए ईवी सेक्टर में एकीकृत निवेश ढांचा ज़रूरी
सड़क पर इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ दिख रही हैं.तीन पहिया ईवी ने शहरों की लास्ट माइल डिलीवरी बदल दी है.प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारें अब स्टेटस सिंबल भी हैं. लेकिन कागज़ पर रखे आंकड़े एक अलग कहानी कहते हैं. Institute for Energy Economics and Financial Analysis यानी IEEFA की 25 फरवरी 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार 2020 से…