जलवायु संकट के इस दौर में, जब ज़मीन पर कई एनर्जी प्रोजेक्ट्स सुस्त पड़ रहे हैं, एक उम्मीद की हवा समंदर से उठ रही है।Ember की नई रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में ऑफशोर विंड पावर 2030 तक तीन गुना बढ़ने की राह पर है, भले ही अमेरिका में हाल की अनिश्चितताओं ने इस सेक्टर…
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गर्मी अब सिर्फ़ मौसम नहीं, बीमारी बन गई है: लैंसेट रिपोर्ट की चेतावनी
जलवायु संकट अब भविष्य का खतरा नहीं रहा, वो आज की हकीकत बन चुका है, जिसका असर हमारे शरीर, सांस, और जेब, तीनों पर एक साथ पड़ रहा है। Lancet Countdown on Health and Climate Change की 2025 रिपोर्ट बताती है कि हर साल बढ़ती गर्मी, प्रदूषण और जलवायु अस्थिरता अब सीधे तौर पर लोगों…
2032 के बाद नए थर्मल पावर प्रोजेक्ट घाटे का सौदा, रिन्यूएबल भरोसेमंद विकल्प
भारत के बिजली क्षेत्र में एक बड़ा मोड़ आ गया है।नई रिपोर्ट बताती है कि 2032 के बाद अगर देश ने और कोयला बिजलीघर जोड़े, तो वो “घाटे का सौदा” साबित होंगे। क्योंकि तब तक देश की ऊर्जा ज़रूरतें — अगर मौजूदा योजनाएँ पूरी हुईं, सौर, पवन और बैटरी स्टोरेज से ही पूरी की जा…
कोयले पर लगाम की शुरुआत: भारत, चीन और इंडोनेशिया में 2030 तक एमिशन घटने की उम्मीद
शायद पहली बार, एशिया के तीन सबसे बड़े कोयला बाज़ार, भारत, चीन और इंडोनेशिया, एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहाँ कोयले का दौर अपने शिखर पर पहुँचकर घटने की कगार पर है।नई रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ये देश अपनी मौजूदा रफ्तार से स्वच्छ ऊर्जा की तरफ़ बढ़ते रहे, तो 2030 तक पावर सेक्टर से…
रसोई में शुरू हुआ एनर्जी ट्रांज़िशन: बिजली से खाना पकाना अब गैस से सस्ता
भारत में अब रसोई की आग बदलने की बारी है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली से खाना पकाना (ई-कुकिंग) न सिर्फ़ साफ़ और सुविधाजनक है, बल्कि एलपीजी और पीएनजी, दोनों से सस्ता भी है। IEEFA (Institute for Energy Economics and Financial Analysis) द्वारा जारी अध्ययन में बताया गया है कि भारत में ई-कुकिंग का…
किसानों की अनुकूलन को मदद कम, सब्सिडी ज़्यादा
दुनिया भर में छोटे किसान – जो आधी से ज़्यादा खाद्य कैलोरी पैदा करते हैं – जलवायु संकट की मार झेल रहे हैं।लेकिन उनकी मदद के लिए जितनी रकम चाहिए, दुनिया उतना पैसा किसी और चीज़ पर नहीं, बल्कि हानिकारक कृषि सब्सिडियों पर खर्च कर रही है। नए विश्लेषण के मुताबिक, छोटे किसानों के जलवायु…
ग्लोबल वार्मिंग भिगो रहा भारत को, इस साल का मॉनसून रहा बेपरवाह
बारिश अब वैसी नहीं रही जैसी पहले हुआ करती थी। कभी सूखा पड़ता है, तो कभी आसमान जैसे खुलकर बरस पड़ता है। भारत में इस साल का मॉनसून भी कुछ ऐसा ही रहा। 45% इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, और पूरे देश में औसतन 108% वर्षा, यानि “सामान्य से ज़्यादा” मॉनसून। भारत मौसम विभाग (IMD)…
2035 तक 28 करोड़ नई नौकरियाँ और 1.3 ट्रिलियन डॉलर का अवसर: रिपोर्ट
जब दुनिया जलवायु आपदाओं की बढ़ती लागत से जूझ रही है, उस बीच Systemiq और 20 अग्रणी अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा जारी नई रिपोर्ट ने दिखाया है कि जलवायु और प्रकृति आधारित रेज़िलिएंस (resilience) में निवेश केवल जीवन बचाने का नहीं, बल्कि एक बड़े आर्थिक अवसर का सवाल भी है। Returns on Resilience शीर्षक वाली यह…
कार्बन बॉर्डर टैक्स: भारत के लिए राहत के संकेत, पर अनिश्चितता बरकरार
यूरोपीय संघ (EU) के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज़्म (CBAM) को लेकर भारत और यूरोप के बीच महीनों से जारी तनाव के बीच, एक नई स्टडी ने तस्वीर का एक संतुलित पक्ष दिखाया है। ब्रसेल्स स्थित थिंक टैंक Sandbag की नई रिपोर्ट के अनुसार, CBAM के शुरुआती चरण में भारतीय निर्यातकों पर पड़ने वाला वित्तीय असर…
57 कम गर्म दिन: पेरिस समझौते की वो उम्मीद, जो अब भी ज़िंदा है
दुनिया की गर्मी बढ़ चुकी है। मौसम अब सिर्फ़ बदलता नहीं – चेतावनी देता है।लेकिन इसी बेचैनी के बीच एक नई स्टडी ने उम्मीद की झलक दी है। अगर देश पेरिस समझौते (Paris Agreement) के तहत तय अपने वादों को पूरा करते हैं और इस सदी के अंत तक तापमान वृद्धि को लगभग 2.6°C तक…