पिछले एक दशक में दुनिया भर में कोयले की मांग जिस रफ्तार से बढ़ रही थी, वह अब साफ तौर पर थमती दिख रही है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी IEA की नई Coal Market Report 2025 के मुताबिक, 2015 से 2024 के बीच वैश्विक कोयला मांग की बढ़ोतरी, 2005 से 2014 के मुकाबले आधे से…
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ऊर्जा से जुड़ी कहानियाँ
रिन्यूएबल्स ने नहीं बढ़ाया बिजली बिल, डर की राजनीति पर डेटा भारी
हवा और सूरज से बनने वाली बिजली को लेकर एक दलील अक्सर सुनने को मिलती है. कि ये ऊर्जा भरोसेमंद नहीं है, बैकअप चाहिए, और आखिरकार बिजली महँगी हो जाती है. लेकिन ज़मीन पर मौजूद आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं. दिसंबर 2025 में प्रकाशित ज़ीरो कार्बन एनालिटिक्स की एक नई रिपोर्ट में यह…
भारत की सोलर फैक्ट्रियाँ पकड़ रहीं रफ़्तार, पर आधी क्षमता अब भी ठप
भारत में सोलर मैन्युफैक्चरिंग का माहौल इन दिनों अजीब तरह की दो आवाज़ें सुन रहा है. एक तरफ जश्न, क्योंकि देश ने पहली बार polysilicon और wafer जैसे मुश्किल हिस्सों में भी वास्तविक क्षमता खड़ी करना शुरू किया है. दूसरी तरफ एक चिंता, क्योंकि ये क्षमता अभी अपनी पूरी ताकत से चल ही नहीं पा…
अब सस्ती बैटरी उगाएंगी रात में भी सूरज
लंदन से आई एक ताज़ा रिपोर्ट ने वैश्विक ऊर्जा जगत में हलचल मचा दी है. Ember नाम के एक स्वतंत्र ऊर्जा थिंक-टैंक ने बताया कि अब बैटरी इतनी सस्ती हो चुकी है कि दिन में बनी सोलर बिजली को स्टोर करके रात में भी आसानी से दिया जा सकता है. यानी सोलर अब सिर्फ ‘डेलाइट’…
2024 की गर्मी ने बिजली की भूख बढ़ाई. हीटवेव की वजह से 9% तक बढ़ी पावर डिमांड
भारत की 2024 की गर्मियाँ एक कड़वी याद बनकर रह गईं. चारों तरफ तपता आसमान. झुलसाती हवाएँ और ऐसा तापमान कि दिन भी तंदूर जैसे लगने लगे. पर इस बार गर्मी सिर्फ पसीना नहीं निकाल रही थी. ये देश की बिजली व्यवस्था की भी परीक्षा ले रही थी. नई रिपोर्ट बताती है कि हीटवेव ने…
COP30 में ग्रिड और स्टोरेज पर दुनिया की सबसे बड़ी फंडिंग घोषणाएँ
रिन्यूबल एनर्जी की चर्चाओं में आमतौर पर बात सोलर की होती है, विंड की होती है, नेट जीरो की होती है. लेकिन इस बार COP 30 की चर्चाओं के बीच एक लाइन बार-बार सुनाई दी. “अगर ग्रिड नहीं बढ़ेगा, तो रिन्यूएबल के गीगावॉट भी काम नहीं आएंगे.” इसी चिंता को सामने रखते हुए जर्मनी और…
सोलर और विंड ने थाम दी कोयले की रफ्तार, पहली बार जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन में नहीं कोई बढ़ोतरी
दुनिया की ऊर्जा कहानी में 2025 एक ऐतिहासिक साल बनता दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा थिंक टैंक Ember की नई रिपोर्ट बताती है कि इस साल के पहले नौ महीनों में जितनी नई बिजली की मांग बढ़ी, उतनी ही सौर और पवन ऊर्जा से पूरी हो गई। यानी पहली बार जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन…
एनर्जी सेक्टर में अब सबक़ एक है: भरोसा, विविधता और साझेदारी
दुनिया आज शायद अपने सबसे उलझे हुए दौर में है.तेल और गैस के पुराने खतरे तो हैं ही, अब लिथियम, निकल, कोबाल्ट जैसे नए नाम भी उसी लिस्ट में शामिल हो गए हैं.कहीं खदानों में खनिज की कमी है, तो कहीं देशों के बीच भरोसे की.इसी बीच, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की World Energy Outlook…
समंदर से उठी उम्मीद की हवा: 2030 तक तीन गुना बढ़ेगी दुनिया की ऑफशोर विंड क्षमता
जलवायु संकट के इस दौर में, जब ज़मीन पर कई एनर्जी प्रोजेक्ट्स सुस्त पड़ रहे हैं, एक उम्मीद की हवा समंदर से उठ रही है।Ember की नई रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में ऑफशोर विंड पावर 2030 तक तीन गुना बढ़ने की राह पर है, भले ही अमेरिका में हाल की अनिश्चितताओं ने इस सेक्टर…
2032 के बाद नए थर्मल पावर प्रोजेक्ट घाटे का सौदा, रिन्यूएबल भरोसेमंद विकल्प
भारत के बिजली क्षेत्र में एक बड़ा मोड़ आ गया है।नई रिपोर्ट बताती है कि 2032 के बाद अगर देश ने और कोयला बिजलीघर जोड़े, तो वो “घाटे का सौदा” साबित होंगे। क्योंकि तब तक देश की ऊर्जा ज़रूरतें — अगर मौजूदा योजनाएँ पूरी हुईं, सौर, पवन और बैटरी स्टोरेज से ही पूरी की जा…