जलवायु बदलाव का असर आने वाले कई दशकों तक बना रहेगा, क्योंकि दुनिया पहले ही इतना ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कर चुकी है कि तापमान बढ़ने, समुद्र के स्तर में इजाफे और दूसरे लंबे समय के बदलावों का एक हिस्सा अब तय हो चुका है। लेकिन जलवायु विज्ञान की नई रिपोर्ट कहती है कि कहानी यहीं…
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140 करोड़ खाद्य कामगार, शोषण और बढ़ता जलवायु खतरा
दुनिया का पेट भरने वाली खाद्य व्यवस्था में करीब 140 करोड़ लोग काम करते हैं। इनमें किसान, खेतिहर मजदूर, मछुआरे, फैक्ट्री कर्मचारी, रसोइये, डिलीवरी राइडर और खाद्य सामान बेचने वाले लोग शामिल हैं। लेकिन नई रिपोर्ट के मुताबिक यही कामगार दुनिया के सबसे ज्यादा शोषित श्रमिकों में हैं। कम मजदूरी, असुरक्षित काम, वेतन की चोरी,…
यूरोप में गर्मी-सूखे से अनाज को €3.2 अरब की चोट, भारत में कमजोर मानसून ने बढ़ाई खेती की चिंता
इस साल यूरोप में गर्मी और सूखे ने अनाज की पैदावार का अनुमान जितना घटाया है, उसका हिसाब अब अरबों यूरो में सामने आ रहा है। नई गणना के मुताबिक जून से सितंबर के बीच यूरोप की गेहूं, मक्का और जौ जैसी अनाज फसलों के उत्पादन का अनुमान 16.7 मिलियन टन घटा है। मौजूदा कीमतों…
चरम मौसम बढ़ा रहा दुनिया में खाने-पीने की चीजों की कीमतों का दबाव
जलवायु में बदलाव के साथ बढ़ रही चरम मौसम की घटनाएं अब सिर्फ फसलों और खाद्य उत्पादन को नुकसान नहीं पहुंचा रहीं। इनका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। सूखा, रिकॉर्ड गर्मी और बहुत ज्यादा बारिश की घटनाओं ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कॉफी, मांस, सब्जियों, आलू और…
सवाल बन UN पहुंचीं नेपाल की तबाही: कौन उठाएगा जलवायु संकट का नुकसान?
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले भाषण की शुरुआत विकास, लोकतंत्र और शांति की बात से नहीं की। उन्होंने हिमालय से आई एक चेतावनी की बात की। 26 अगस्त की आपदा में नेपाल के पहाड़ी समुदायों पर बाढ़, मलबे और पानी ने ऐसी तबाही मचाई कि सड़कें, पुल, स्कूल,…
UNGA में जलवायु का एजेंडा: नेपाल की आपदा से Loss and Damage तक, दुनिया की नजर अब COP31 पर
संयुक्त राष्ट्र महासभा का नया सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब जलवायु संकट की कीमत अब केवल तापमान, उत्सर्जन या मौसम के आंकड़ों में नहीं दिखाई देती। नेपाल में पिछले महीने हुई विनाशकारी ग्लेशियर आपदा ने इस बहस को सीधे उन लोगों की जिंदगी और नुकसान से जोड़ दिया है, जो जलवायु संकट…
BRICS में जलवायु अब पर्यावरण का नहीं, अर्थव्यवस्था का सवाल है
जलवायु परिवर्तन पर होने वाली बातचीत में एक सवाल अक्सर सबसे आगे रहता है। एमिशन कितना कम होगा? लेकिन नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद तस्वीर कुछ अलग दिखाई देती है। यहां सवाल सिर्फ एमिशन घटाने का नहीं है। सवाल यह भी है कि अगर जलवायु आपदाएं बढ़ती हैं तो सड़कों,…
जलवायु और साफ हवा पर एक डॉलर का निवेश दे सकता है 15 डॉलर का फायदा
जलवायु परिवर्तन और वायु प्रदूषण को अक्सर दो अलग-अलग समस्याओं की तरह देखा जाता है। एक का संबंध तापमान बढ़ने से जोड़ा जाता है और दूसरे का सांस की बीमारियों से। लेकिन संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट कहती है कि दोनों को साथ लेकर काम करने से देशों को पर्यावरणीय फायदे के साथ बड़ा आर्थिक…
होर्मुज संकट ने छह महीने में बढ़ाया 330 अरब डॉलर से ज्यादा फॉसिल फ्यूल का बिल, भारत पर 22.5 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ
होर्मुज संकट शुरू होने के छह महीने में दुनिया के फॉसिल फ्यूल आयात करने वाले देशों पर 330 अरब डॉलर से ज्यादा का अतिरिक्त खर्च पड़ा है। यानी मार्च से अगस्त 2026 के बीच देशों को हर महीने औसतन करीब 55 अरब डॉलर ज्यादा चुकाने पड़े। Centre for Research on Energy and Clean Air (CREA) की…
बचपन पर गर्मी की मार. 56 करोड़ बच्चे हर साल झेल रहे खतरनाक ह्यूमिड हीट का एक अतिरिक्त महीना
गर्मी सबके लिए एक जैसी नहीं होती। किसी के लिए यह असहज मौसम है, तो किसी के लिए यह शरीर पर गंभीर दबाव डाल सकती है। लेकिन बच्चों के लिए खतरा और बड़ा है। Vrije Universiteit Brussel (VUB) के नेतृत्व में हुई नई रिसर्च के मुताबिक, दुनिया में 56 करोड़ तक बच्चे, यानी 0 से…