अप्रैल की दोपहर है। सड़क पर हवा चल रही है, लेकिन ठंडक नहीं, जैसे किसी ने गर्म हवा को ही पंखे पर चढ़ा दिया हो। इसी बीच एक आंकड़ा आता है, जो इस गर्मी को सिर्फ एहसास नहीं, एक सच्चाई बना देता है। 28 अप्रैल 2026 को AQI.in के रियल टाइम डेटा के मुताबिक, दुनिया…
Category: जलवायु परिवर्तन
बढ़ता जाएगा जानवरों के घर पर मौसम के वार
जंगल हमेशा से बदलते रहे हैं। मौसम भी। लेकिन अब जो बदल रहा है, वह रफ्तार है, और पैटर्न है। अब खतरा धीरे-धीरे बढ़ती गर्मी का नहीं, बल्कि एक के बाद एक आने वाले झटकों का है। जर्नल Nature Ecology & Evolution में प्रकाशित एक नई स्टडी इसी बदलती तस्वीर को सामने लाती है। जर्मनी…
सोलर की जीत पक्की, फंडिंग की जंग बाकी
शाम ढल चुकी है। शहर रोशनी से भर गया है। कहीं सोलर से आई बिजली है, कहीं अब भी कोयले से। लेकिन इस रोशनी के पीछे एक और कहानी चल रही है, जो अक्सर दिखाई नहीं देती। यह कहानी है पैसे की। Institute for Energy Economics and Financial Analysis की एक नई रिपोर्ट इस छिपी…
धूप में लोकतंत्र, पसीने में फैसला
चेन्नई के एक बूथ पर सुबह के नौ बजे हैं। बूथ अधिकारी की कमीज़ पीठ से चिपकी हुई है। बाहर कतार में खड़े लोग छाया ढूंढ रहे हैं, जहां छाया है ही नहीं। हवा में नमी इतनी है कि पसीना सूखता नहीं, बस शरीर पर ठहर जाता है। यह सिर्फ गर्मी नहीं है। यह वही…
हॉर्मुज़ की हलचल से खेतों तक पहुंचा संकट. उर्वरक निर्भरता पर बड़ा सवाल
रातों-रात कुछ नहीं बदलता। लेकिन दुनिया की सबसे अहम समुद्री गलियों में अगर हलचल बढ़ जाए, तो उसका असर चुपचाप खेतों तक पहुंच जाता है। इसी कड़ी में एक नई रिपोर्ट ने भारत के उर्वरक सिस्टम की एक गहरी कमजोरी की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट कहती है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर…
ईरान तनाव से एशिया की ऊर्जा चिंता बढ़ी
रिन्यूएबल एनर्जी की ओर तेज़ी से बढ़ना अब आर्थिक मजबूरी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे ऊर्जा बाज़ार पर दिखने लगा है। ईरान के आसपास हालात बिगड़ने और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के रास्ते को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल और गैस की कीमतों में तेज़ उछाल आया है। ऊर्जा अर्थशास्त्र पर काम…
चीन का नया पांच साल का प्लान. क्लाइमेट लीडर भी, कोयले का सहारा भी
बीजिंग में हर साल होने वाली एक बैठक दुनिया की ऊर्जा और क्लाइमेट राजनीति का रुख तय करती है. यह बैठक है National People’s Congress की. यहीं से निकलता है चीन का पाँच साल का रोडमैप. और इस बार जो दस्तावेज सामने आया है, वह एक दिलचस्प कहानी कहता है. एक तरफ साफ ऊर्जा का…
कोयला खत्म, कहानी नहीं. नेयवेली की खदानों में शुरू हुआ दूसरा जीवन
मयूरी सिंह तमिलनाडु के कड्डालोर ज़िले में नेयवेली के आसपास का इलाका आज भी उस इंडस्ट्रियल दौर की कहानी सुनाता है जिसने कई दशकों तक भारत की एनर्जी व्यवस्था को चलाया। दूर तक फैले खुले गड्ढे, सीढ़ीनुमा मिट्टी के ढलान, और मशीनों से तराशी हुई ज़मीन यह याद दिलाती है कि लिग्नाइट माइनिंग ने इस…
सिमट रहे हैं चरागाह, मंडरा रहा है मवेशियों की दुनिया पर जलवायु संकट
राजस्थान के किसी गांव की सुबह सोचिए.चरवाहा अपने मवेशियों को लेकर निकलता है.घास पहले जितनी घनी नहीं.हवा सूखी है.और गर्मी कुछ ज़्यादा लग रही है. यह सिर्फ एक मौसम का उतार.चढ़ाव नहीं.नई वैज्ञानिक स्टडी कहती है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो इस सदी के अंत तक दुनिया के 36 से 50 प्रतिशत…
दुनिया में रिन्यूएबल्स की रफ्तार तेज़, मगर अमीर देशों में कम है क्रेज़
दुनिया भर में हवा और सूरज से बिजली बनाने की रफ्तार पहले से कहीं तेज हो गई है। लेकिन इस तेज़ी की कहानी में एक अहम मोड़ है। नेतृत्व अब अमीर देशों के हाथ में नहीं, बल्कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के पास जाता दिख रहा है। ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर (GEM) की Global Wind and Solar 2025…