फिलहाल जब आप और हम भारत में भीषण गर्मी से त्रस्त हैं, जर्मनी के बॉन शहर में दुनिया भर के तमाम देश देश एक बेहतर कल के लिए अपनी जलवायु प्रतिक्रिया पर चर्चा और सुधार करने के लिए एक साथ आए हैं। दरअसल, ग्लासगो में COP26 के सात महीने बाद, दुनिया भर के देशों ने…
Category: जलवायु परिवर्तन
जलवायु परिवर्तन ने 30 गुना बढ़ाया भारत और पाकिस्तान में समय से पहले हीटवेव का खतरा
भारत और पाकिस्तान में पिछले लंबे समय से चल रही ताप लहर (हीटवेव) की वजह से इंसानी आबादी को बड़े पैमाने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा है और इसने वैश्विक स्तर पर गेहूं की आपूर्ति पर भी असर डाला है। दुनिया के प्रमुख जलवायु वैज्ञानिकों के एक अंतरराष्ट्रीय दल द्वारा किए गए रैपिड एट्रीब्यूशन…
इस साल 175GW के लक्ष्य को हासिल करने में राज्यों का सहयोग होगा निर्णायक
भारत के पास दिसंबर 2022 तक 175 GW क्षमता के स्वच्छ ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य है। फिलहाल अप्रेल का महीना ख़त्म हो रहा है और मार्च 2022 तक कुल 110 GW रिन्युब्ल एनेर्जी क्षमता स्थापित हुई है, जो कि 175 GW लक्ष्य का 63% है।ग्लोबल थिंक टैंक एम्बर की एक नई रिपोर्ट से…
जलवायु संकट : कोई सार्वभौमिक समाधान नहीं, मगर उम्मीद अभी बाक़ी
आईपीसीसी की ताजा रिपोर्ट इस बात की गवाही देती है कि दुनिया प्रदूषण उत्सर्जन न्यूनीकरण के लक्ष्यों को हासिल कर पाने की राह पर नहीं है। इस मार्ग पर आगे बढ़ने के लिये जरूरी है कि प्रयासों को दोगुना किया जाए और नुकसान को जहां तक हो सके, कम किया जाए। नवरोज़ के दुबाष संयुक्त…
सरिस्का के जंगलों कि आग: क्या क्लाइमेट चेंज है इसके लिए ज़िम्मेदार?
बीते कुछ दिनों से राजस्थान के सरिस्का के जंगलों में लगी आग के विज़ुअल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वायरल होते वीडियोज़ के साथ ही एक सवाल भी वायरल हो रहा है कि आखिर क्यों लग रही है जंगलों में आग। क्या उत्तर पश्चिमी भारत में चल रही हीटवेव है इसकी वजह…
अंततः आ गया है विंड और सौर का दौर
दुनिया भर में कुल बिजली उत्पादन में विंड और सोलर का हिस्सा दस फीसद से ज़्यादा, 2015 के बाद से हुआ दोगुनाआज जारी हुई एक रिपोर्ट से पता चलता है कि दुनिया के कुल बिजली उत्पादन में विंड और सोलर एनेर्जी अब कम से कम 10 फीसद की हिस्सेदार है।दरअसल यह दोनों ऊर्जा स्त्रोत पिछले…
वातावरण से कार्बन कैसे हटायेंगे, IPCC रिपोर्ट में वैज्ञानिक बताएँगे
IPCC ने अब तक बढ़ते तापमान के कारणों, चुनौतियों और प्रभावों का विवरण देने वाली रिपोर्ट के दो सेट जारी किए हैंजहाँ एक ओर जलवायु परिवर्तन लगातार अपनी गति पर बढ़ रहा है और स्थिति बिगाड़ रहा है, वहीँ एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र का अंतर सरकारी पैनल (IPCC) जलवायु परिवर्तन पर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट…
ग्रेट बैरियर रीफ़ पर गंभीर ख़तरा, मामला संयुक्त राष्ट्र में पहुंचा
दुनिया की सबसे बड़ी कोरल रीफ़, द ग्रेट बैरियर रीफ, एक बार फिर खबरों में है। और यह खबर बुरी है। ऑस्ट्रेलियाई पर्यावरण समूह क्लाइमेट काउंसिल की ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो औस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास समुद्री तापमान इतना बढ़ गया है कि इससे ग्रेट बैरियर रीफ में एक सामूहिक ब्लीचिंग का भी खतरा बढ़ गया…
जलवायु परिवर्तन की वित्तीय मार के लिए नहीं हैं भारतीय बैंक तैयार
संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित नेट-ज़ीरो बैंकिंग एलायंस में 40 देशों के बैंकों को किया गया सदस्य के रूप में सूचीबद्ध, मगर सूची में नहीं है एक भी भारतीय बैंक जलवायु परिवर्तन का हमारे ऊपर व्यापक असर होता है। और यह नकारात्मक असर सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक भी होता है। भारत जैसे विकासशील…