दुनिया की ऊर्जा कहानी में 2025 एक ऐतिहासिक साल बनता दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा थिंक टैंक Ember की नई रिपोर्ट बताती है कि इस साल के पहले नौ महीनों में जितनी नई बिजली की मांग बढ़ी, उतनी ही सौर और पवन ऊर्जा से पूरी हो गई। यानी पहली बार जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन…
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ऊर्जा से जुड़ी कहानियाँ
एनर्जी सेक्टर में अब सबक़ एक है: भरोसा, विविधता और साझेदारी
दुनिया आज शायद अपने सबसे उलझे हुए दौर में है.तेल और गैस के पुराने खतरे तो हैं ही, अब लिथियम, निकल, कोबाल्ट जैसे नए नाम भी उसी लिस्ट में शामिल हो गए हैं.कहीं खदानों में खनिज की कमी है, तो कहीं देशों के बीच भरोसे की.इसी बीच, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की World Energy Outlook…
समंदर से उठी उम्मीद की हवा: 2030 तक तीन गुना बढ़ेगी दुनिया की ऑफशोर विंड क्षमता
जलवायु संकट के इस दौर में, जब ज़मीन पर कई एनर्जी प्रोजेक्ट्स सुस्त पड़ रहे हैं, एक उम्मीद की हवा समंदर से उठ रही है।Ember की नई रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में ऑफशोर विंड पावर 2030 तक तीन गुना बढ़ने की राह पर है, भले ही अमेरिका में हाल की अनिश्चितताओं ने इस सेक्टर…
2032 के बाद नए थर्मल पावर प्रोजेक्ट घाटे का सौदा, रिन्यूएबल भरोसेमंद विकल्प
भारत के बिजली क्षेत्र में एक बड़ा मोड़ आ गया है।नई रिपोर्ट बताती है कि 2032 के बाद अगर देश ने और कोयला बिजलीघर जोड़े, तो वो “घाटे का सौदा” साबित होंगे। क्योंकि तब तक देश की ऊर्जा ज़रूरतें — अगर मौजूदा योजनाएँ पूरी हुईं, सौर, पवन और बैटरी स्टोरेज से ही पूरी की जा…
कोयले पर लगाम की शुरुआत: भारत, चीन और इंडोनेशिया में 2030 तक एमिशन घटने की उम्मीद
शायद पहली बार, एशिया के तीन सबसे बड़े कोयला बाज़ार, भारत, चीन और इंडोनेशिया, एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहाँ कोयले का दौर अपने शिखर पर पहुँचकर घटने की कगार पर है।नई रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ये देश अपनी मौजूदा रफ्तार से स्वच्छ ऊर्जा की तरफ़ बढ़ते रहे, तो 2030 तक पावर सेक्टर से…
रसोई में शुरू हुआ एनर्जी ट्रांज़िशन: बिजली से खाना पकाना अब गैस से सस्ता
भारत में अब रसोई की आग बदलने की बारी है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली से खाना पकाना (ई-कुकिंग) न सिर्फ़ साफ़ और सुविधाजनक है, बल्कि एलपीजी और पीएनजी, दोनों से सस्ता भी है। IEEFA (Institute for Energy Economics and Financial Analysis) द्वारा जारी अध्ययन में बताया गया है कि भारत में ई-कुकिंग का…
एनर्जी सेक्टर में उगा रिन्यूबल का सूरज‘: सूर्य घर योजना’ से रफ्तार तो बढ़ी, पर राह अभी लंबी है
भारत में अब छतें सिर्फ़ बारिश नहीं, सूरज भी पकड़ रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्या घर योजना (PMSGY) ने देश के रेज़िडेंशियल रूफटॉप सोलर सेक्टर को नई दिशा दी है। लॉन्च के महज़ एक साल में 4,946 मेगावॉट क्षमता स्थापित की जा चुकी है, और अब तक ₹9,280 करोड़ (लगभग 1.05 बिलियन डॉलर) की सब्सिडी जारी…
मैदान में तेल का खेल: FIFA, ICC का आरामको से मेल
दुनिया के सबसे बड़े खेल संगठन, जो लाखों-करोड़ों लोगों की धड़कनों से जुड़े हैं, FIFA, ICC और Formula 1, आज कठघरे में खड़े हैं। वजह है उनकी अरबों डॉलर की डील्स सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के साथ। लंदन से आई खबर बताती है कि दस प्रमुख मानवाधिकार और जलवायु संगठनों ने इन स्पोर्ट्स बॉडीज़…
रिन्यूबल एनर्जी को लेकर फैली भ्रांतियाँ टूट रहीं, ताज़ा रिपोर्ट में सामने आए तथ्य
रिन्यूबल एनर्जी को लेकर अब भी कई पुराने मिथक लोगों की सोच पर हावी हैं-जैसे कि सोलर और विंड एनर्जी महँगी है, भरोसेमंद नहीं है या फिर पर्यावरण के लिए खतरनाक साबित होती है। लेकिन ज़ीरो कार्बन एनालिटिक्स (ZCA) की नई रिपोर्ट ने इन धारणाओं को तथ्यों के साथ खारिज किया है। रिपोर्ट कहती है…
2030 तक भारत में 70% चौबीस घंटे स्वच्छ बिजली संभव, हर साल 9 हज़ार करोड़ की बचत
अगर भारत की कंपनियाँ हर घंटे के हिसाब से कार्बन-फ्री बिजली खरीदने लगें, तो देश 2030 तक 52 गीगावॉट तक चौबीस घंटे मिलने वाली स्वच्छ बिजली जोड़ सकता है। यह भारत की कुल अनुमानित बिजली मांग का 5% हिस्सा होगा — और उसमें से 70% पूरी तरह स्वच्छ स्रोतों से हासिल किया जा सकेगा। इस…