लंदन से आई एक ताज़ा रिपोर्ट ने वैश्विक ऊर्जा जगत में हलचल मचा दी है. Ember नाम के एक स्वतंत्र ऊर्जा थिंक-टैंक ने बताया कि अब बैटरी इतनी सस्ती हो चुकी है कि दिन में बनी सोलर बिजली को स्टोर करके रात में भी आसानी से दिया जा सकता है. यानी सोलर अब सिर्फ ‘डेलाइट’…
Category: जीवाश्म ईंधन
2024 की गर्मी ने बिजली की भूख बढ़ाई. हीटवेव की वजह से 9% तक बढ़ी पावर डिमांड
भारत की 2024 की गर्मियाँ एक कड़वी याद बनकर रह गईं. चारों तरफ तपता आसमान. झुलसाती हवाएँ और ऐसा तापमान कि दिन भी तंदूर जैसे लगने लगे. पर इस बार गर्मी सिर्फ पसीना नहीं निकाल रही थी. ये देश की बिजली व्यवस्था की भी परीक्षा ले रही थी. नई रिपोर्ट बताती है कि हीटवेव ने…
ग्लोबल कार्बन बजट रिपोर्ट ने चेताया, 1.5°C की सीमा अब लगभग पार
जब पूरी दुनिया जलवायु संकट से निपटने के नए रास्ते तलाश रही है, ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट की नई रिपोर्ट ने एक बार फिर चेतावनी दी है। वर्ष 2025 में जीवाश्म ईंधनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) एमिशन में 1.1% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह 38.1 अरब टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। रिपोर्ट कहती है कि ऊर्जा…
सोलर और विंड ने थाम दी कोयले की रफ्तार, पहली बार जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन में नहीं कोई बढ़ोतरी
दुनिया की ऊर्जा कहानी में 2025 एक ऐतिहासिक साल बनता दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा थिंक टैंक Ember की नई रिपोर्ट बताती है कि इस साल के पहले नौ महीनों में जितनी नई बिजली की मांग बढ़ी, उतनी ही सौर और पवन ऊर्जा से पूरी हो गई। यानी पहली बार जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन…
डेढ़ साल से चीन का कार्बन एमिशन लगभग स्थिर, आगे गिरावट के आसार
दुनिया के सबसे बड़े कार्बन एमिटर चीन में आखिरकार हवा का रुख बदल रहा है। मार्च 2024 से लगातार 18 महीनों से चीन का कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) एमिशन या तो स्थिर है या मामूली गिरावट पर। अब 2025 की तीसरी तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि यह रुझान कायम है। एमिशन में कोई बढ़ोतरी नहीं…
2032 के बाद नए थर्मल पावर प्रोजेक्ट घाटे का सौदा, रिन्यूएबल भरोसेमंद विकल्प
भारत के बिजली क्षेत्र में एक बड़ा मोड़ आ गया है।नई रिपोर्ट बताती है कि 2032 के बाद अगर देश ने और कोयला बिजलीघर जोड़े, तो वो “घाटे का सौदा” साबित होंगे। क्योंकि तब तक देश की ऊर्जा ज़रूरतें — अगर मौजूदा योजनाएँ पूरी हुईं, सौर, पवन और बैटरी स्टोरेज से ही पूरी की जा…
कोयले पर लगाम की शुरुआत: भारत, चीन और इंडोनेशिया में 2030 तक एमिशन घटने की उम्मीद
शायद पहली बार, एशिया के तीन सबसे बड़े कोयला बाज़ार, भारत, चीन और इंडोनेशिया, एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहाँ कोयले का दौर अपने शिखर पर पहुँचकर घटने की कगार पर है।नई रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ये देश अपनी मौजूदा रफ्तार से स्वच्छ ऊर्जा की तरफ़ बढ़ते रहे, तो 2030 तक पावर सेक्टर से…
कार्बन बॉर्डर टैक्स: भारत के लिए राहत के संकेत, पर अनिश्चितता बरकरार
यूरोपीय संघ (EU) के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज़्म (CBAM) को लेकर भारत और यूरोप के बीच महीनों से जारी तनाव के बीच, एक नई स्टडी ने तस्वीर का एक संतुलित पक्ष दिखाया है। ब्रसेल्स स्थित थिंक टैंक Sandbag की नई रिपोर्ट के अनुसार, CBAM के शुरुआती चरण में भारतीय निर्यातकों पर पड़ने वाला वित्तीय असर…
57 कम गर्म दिन: पेरिस समझौते की वो उम्मीद, जो अब भी ज़िंदा है
दुनिया की गर्मी बढ़ चुकी है। मौसम अब सिर्फ़ बदलता नहीं – चेतावनी देता है।लेकिन इसी बेचैनी के बीच एक नई स्टडी ने उम्मीद की झलक दी है। अगर देश पेरिस समझौते (Paris Agreement) के तहत तय अपने वादों को पूरा करते हैं और इस सदी के अंत तक तापमान वृद्धि को लगभग 2.6°C तक…
कार्बन कैप्चर का खेल, धरती के लिए फेल
सोचिए, अगर घर में आग लगी हो और हम धुएं को खिड़की से बाहर निकालने की मशीन खरीद लें, पर आग बुझाने की कोशिश ही न करें, तो क्या घर बचेगा? यही हाल है कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (CCS) तकनीक का, जिस पर अब एशिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ दांव लगाने की सोच रही हैं।…