शायद पहली बार, एशिया के तीन सबसे बड़े कोयला बाज़ार, भारत, चीन और इंडोनेशिया, एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहाँ कोयले का दौर अपने शिखर पर पहुँचकर घटने की कगार पर है।नई रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ये देश अपनी मौजूदा रफ्तार से स्वच्छ ऊर्जा की तरफ़ बढ़ते रहे, तो 2030 तक पावर सेक्टर से…
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कार्बन बॉर्डर टैक्स: भारत के लिए राहत के संकेत, पर अनिश्चितता बरकरार
यूरोपीय संघ (EU) के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज़्म (CBAM) को लेकर भारत और यूरोप के बीच महीनों से जारी तनाव के बीच, एक नई स्टडी ने तस्वीर का एक संतुलित पक्ष दिखाया है। ब्रसेल्स स्थित थिंक टैंक Sandbag की नई रिपोर्ट के अनुसार, CBAM के शुरुआती चरण में भारतीय निर्यातकों पर पड़ने वाला वित्तीय असर…
57 कम गर्म दिन: पेरिस समझौते की वो उम्मीद, जो अब भी ज़िंदा है
दुनिया की गर्मी बढ़ चुकी है। मौसम अब सिर्फ़ बदलता नहीं – चेतावनी देता है।लेकिन इसी बेचैनी के बीच एक नई स्टडी ने उम्मीद की झलक दी है। अगर देश पेरिस समझौते (Paris Agreement) के तहत तय अपने वादों को पूरा करते हैं और इस सदी के अंत तक तापमान वृद्धि को लगभग 2.6°C तक…
कार्बन कैप्चर का खेल, धरती के लिए फेल
सोचिए, अगर घर में आग लगी हो और हम धुएं को खिड़की से बाहर निकालने की मशीन खरीद लें, पर आग बुझाने की कोशिश ही न करें, तो क्या घर बचेगा? यही हाल है कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (CCS) तकनीक का, जिस पर अब एशिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ दांव लगाने की सोच रही हैं।…
मैदान में तेल का खेल: FIFA, ICC का आरामको से मेल
दुनिया के सबसे बड़े खेल संगठन, जो लाखों-करोड़ों लोगों की धड़कनों से जुड़े हैं, FIFA, ICC और Formula 1, आज कठघरे में खड़े हैं। वजह है उनकी अरबों डॉलर की डील्स सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के साथ। लंदन से आई खबर बताती है कि दस प्रमुख मानवाधिकार और जलवायु संगठनों ने इन स्पोर्ट्स बॉडीज़…
फैशन का काला सच: कोयले से बनते कपड़े, मज़दूरों की मजबूरी
सोचो, एक छोटा सा कमरा है। खिड़की बंद है, बाहर सूरज तप रहा है और अंदर भट्ठी जैसी गर्मी है। पसीने से तरबतर मज़दूर रंगाई की मशीन के पास खड़ा है। धुएं की गंध उसकी साँसों में घुल चुकी है। यही है वो हकीकत, जिसे फैशन इंडस्ट्री बड़ी चतुराई से अपने चमकते-दमकते शो-रूम्स और विज्ञापनों के पीछे छुपा…
पेरिस समझौते से और दूर ले जा रही है दुनिया की फॉसिल फ्यूल योजनाएँ: नया रिपोर्ट
स्टॉकहोम से जारी हुई एक बड़ी रिपोर्ट ने साफ कहा है कि पेरिस समझौते के 10 साल बाद भी सरकारें अब भी पुराने रास्ते पर चल रही हैं। 2025 का प्रोडक्शन गैप रिपोर्ट बताता है कि 2030 तक दुनिया भर की सरकारें जितना कोयला, तेल और गैस निकालने की योजना बना रही हैं, वो 1.5…
पेट्रोल-डीज़ल से ज़्यादा, हमारी साँसें महंगी पड़ रही हैं
एक नई ग्लोबल रिपोर्ट, Cradle to Grave: The Health Toll of Fossil Fuels and the Imperative for a Just Transition ने साफ़ कह दिया है, फॉसिल फ्यूल सिर्फ़ जलवायु संकट की वजह नहीं हैं, ये हमारी सेहत को गर्भ से बुढ़ापे तक नुकसान पहुँचा रहे हैं। सोचिए, पेट्रोल, कोयला, गैस—ये कहानी सिर्फ़ धुएं या कार्बन…
बाउंसर बन चुकी है गर्मी: क्रिकेट पर मंडराता जलवायु संकट
IPL के एक तिहाई मैच ऐसी गर्मी में खेले गए जो खिलाड़ियों की सेहत के लिए ख़तरनाक मानी जाती है IPL 2025 के मैच तो लोगों ने खूब देखे होंगे, लेकिन अब जो रिपोर्ट आई है, वो चिंता बढ़ाने वाली है। रिपोर्ट कहती है कि इस साल IPL के करीब आधे मैच ऐसे मौसम में…
आपका सादा खाना भी काफ़ी ‘ओइली’ है!
क्या आप जानते हैं कि आपका सादा खाना भी काफ़ी ‘ओइली’ है?नहीं, हम घी या सरसों तेल की बात नहीं कर रहे—हम बात कर रहे हैं उस कच्चे तेल की जिसकी कीमत इज़राइल-ईरान जैसे युद्धों से तय होती है, और जिसकी लत में डूबी है आज की पूरी खाद्य प्रणाली। आज चावल से लेकर चिप्स…