अमूमन सस्ती चीज़ों पर हम ध्यान नहीं देते लेकिन अब क्यूंकि पिछले साल से मौत सस्ती हो गयी है, हम उस पर ध्यान दे रहे हैं। मौत को सस्ता किया है कोविड 19 ने। इतना सस्ता कि महज़ कुछ दिनों में ही लोग बीमार हो कर इस दुनिया को छोड़ चले गये। न इलाज मिला…
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प्रदूषण से जुड़ी ख़बरें
देश के इन प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण लॉकडाउन के बावजूद भी बेलगाम
अन्य प्रमुख शहरों के विपरीत कोलकाता में 2019 से 2021 के बीच, मार्च से मई तक, वायु गुणवत्ता में दिखा सुधार पिछले साल से कोविड की मार झेल रहे देश में अगर कुछ अच्छा हुआ तो वो था आसमान का कुछ साफ़ होना और प्रदूषण के स्तर के कम होने का आभास। आभास इसलिए क्योंकि…
एयर क्वालिटी मोनिटरिंग में ये सस्ते सेंसर बनेंगे गेम चेंजर
पायलट अध्ययन से ज़ाहिर है कि रेगुलेटरी ग्रेड के मॉनिटर्स के साथ लगाये गये कम कीमत के सेंसर ने अपेक्षाकृत 85 प्रतिशत से ज्यादा दक्षता से काम कियादेश में प्रदूषण की बढ़ती मार के बीच पूरे भारत में इसके स्तरों पर नजर रखने के लिये जरूरी नेटवर्क के विस्तार की बहुत ज्यादा जरूरत महसूस की…
आंशिक लॉक डाउन का वायु प्रदूषण स्तरों पर नहीं हुआ ख़ास असर, प्रदूषण स्तर को ट्रैक करना ज़रूरी
पिछले साल की ही तरह, इस साल भी कुछ महीनों से, देश के कुछ हिस्से कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन में रहे हैं। लेकिन इस बार इन पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन का कोई ख़ास साकारात्मक असर नहीं दिखा। वजह रही शायद इनकी टाइमिंग। वायरस की विभीषिका के बाद लॉक…
बड़े प्रदूषकों की नेट ज़ीरो योजनायें वास्तविकता कम जुमलेबाज़ी ज़्यादा
जैसे-जैसे जलवायु संकट के प्रभाव और अधिक स्पष्ट होते जा रहे हैं, दुनिया भर के लोग, महिलाओं और युवाओं के साथ, इन प्रभावों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लेकिन जवाब में, दुनिया के बड़े प्रदूषक और सरकारें अपने द्वारा उत्पन्न पर्यावरण संकट के समाधान के रूप में अपनी “नेट ज़ीरो एमिशन” योजना को दिखा रहे…
नहीं थम रही कोयले की चाहत, दोगुने से ज़्यादा हुआ ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया का स्कोप 3 एमिशन
आप जब यह रिपोर्ट पढ़ रहे हैं, उस वक़्त दुनिया भर के कोयला उत्पादक सक्रिय रूप से 2.2 बिलियन टन प्रति वर्ष की दर से नई खदान परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। यह दर मौजूदा उत्पादन स्तरों से 30% की वृद्धि है। यह चिंताजनक तथ्य सामने आया है ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर (GEM) की ताज़ा…
क्या अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने जीवाश्म ईंधन युग के अंत की शुरुआत घोषित कर दी है?
जीवाश्म ईंधन पर अंकुश लगाने की अब तक की सबसे बड़ी चेतावनी देते हुए ऊर्जा क्षेत्र की शीर्ष वैश्विक निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने साफ़ कर दिया है कि अगर दुनिया मध्य शताब्दी तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन के स्तर तक पहुंचना चाहती है तो निवेशकों को तेल, गैस और कोयले की आपूर्ति परियोजनाओं में…
इस स्विस बैंक से जुड़े कोयला संयंत्रों की वजह से रोज़ 51 मौतें होंगी
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के नए शोध के अनुसार, HSBC बैंक के स्वामित्व हिस्सेदारी वाली कंपनियों द्वारा निर्मित और नियोजित नए कोयला संयंत्रों से प्रति वर्ष वायु प्रदूषण अनुमानित 18,700 मौतों का कारण बनेगा। दूसरे शब्दों में, हर रोज़ लगभग 51 लोगों की मौतों का कारण बनेंगे ये संयंत्र।इन कोयला संयंत्रों…
क्या मौजूदा एलपीजी सब्सिडी व्यवस्था से गरीबों को हो रहा है नुकसान?
जहाँ लाखों भारतीय तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) (एलपीजी) की कीमत में रिकॉर्ड वृद्धि के लिए सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार LPG सब्सिडी नीति के डिजाइन में बदलाव नहीं करती है तो गरीब परिवारों को LPG समर्थन से, संपन्न उपभोक्ताओं की तुलना में, 2 गुना…
‘अब नहीं बनेंगे नए कोयला बिजली घर’
आज जारी अध्ययन के मुताबिक भारत की कुल ऊर्जा क्षमता के 50% हिस्से का उत्पादन कर रहे राज्य और कंपनियां अब कोई नया कोयला बिजली घर नहीं बनाने का व्यक्त कर रही हैं संकल्प दिल्ली स्थित जलवायु संवाद संगठन क्लाइमेट ट्रेंड्स द्वारा किए गए एक ताजा अध्ययन के मुताबिक भारत में मौजूदा स्थापित ऊर्जा उत्पादन…