राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की वायु गुणवत्ता के सम्पूर्ण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के खतरे को कम करने के लिए एक व्यापक नीति तैयार की है। इस नीति में उद्योगों, वाहनों/परिवहन, निर्माण…
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वायु प्रदूषण से जुडी कहानियाँ
सिर्फ़ सर्दियों में नहीं, गर्मियों में भी वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या
जहां आमतौर पर यह माना जाता है कि वायु प्रदूषण सर्दियों के दौरान होने वाली समस्या है, वहीं 10 शहरों के गर्मियों के दौरान जुटाये गए सरकारी डाटा पर नज़र डालें तो पता चलता है कि गर्मियों के महीनों में पीएम2.5 और पीएम10 के प्रति माह स्तर इन ज्यादातर महीनों में क्रमशः 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की…
भ्रूण ने किया अपनी सरकार के खिलाफ़ जलवायु निष्क्रियता का मुक़दमा
जहां भारत में बड़े अपने तजुर्बों से नसीहत देते हैं कि कोर्ट-कचहरी और मुकदमेबाज़ी से बचना चाहिए, वहीं कोरिया से, इस नसीहत के ठीक उलट, एक हैरान करने वाली ख़बर आ रही है। दरअसल कोरिया में एक बीस हफ़्ते के भ्रूण ने अपनी सरकार की नीतियों के खिलाफ़ मुकदमा किया है। वादी का कहना है…
भारत में 184 बिलियन डॉलर के कार्बन सघन स्टील उत्पाद निवेश दांव पर
दुनिया में स्टील और लोहे के डीकार्बनाइजेशन सम्बन्धी प्रयासों पर नजर रखने वाली संस्था ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर ने अपनी नयी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि वैश्विक स्टील निर्माता इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) के मुकाबले ब्लास्ट फर्नेस (बीएफ) आधारित क्षमता का अधिक निर्माण कर रहे हैं। यह तुलनात्मक रूप से अधिक स्वच्छ और पर्यावरण के…
इस RWA’ संगठन ने नगर निगम चुनाव से पहले रखी बेहतर हवा और गवर्नेंस की मांग
देश के तमाम नागरिक संगठनों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए दिल्ली नगर निगम के आसन्न चुनाव से पहले देश की राजधानी के यूनाइटेड रेजिडेंट्स ज्वाइंट एक्शन (ऊर्जा) ने नगर निगम की नयी सरकार के लिये अपनी मांगों की सूची जारी की है। ऊर्जा देश की राजधानी के 2500 से ज्यादा रेजिडेंट्स वेलफेयर…
दुनिया की हर छठी मौत के लिए प्रदूषण था ज़िम्मेदार: द लांसेट
वर्ष 2019 में 90 लाख लोगों की मौत का कारण बना वायु प्रदूषण, बीते चार सालों में स्थिति में मामूली सुधार वर्ष 2019 में प्रदूषण करीब 90 लाख लोगों की मौत के लिये जिम्मेदार था। यह दुनिया भर में होने वाली हर छठी मौत के बराबर है। वास्तव में इस संख्या में वर्ष 2015 में…
कोयले की किल्लत नहीं, खराब प्रबन्धन से पैदा हुआ बिजली संकट: विशेषज्ञ
भारत इस वक्त ग्लोबल वार्मिंग की जबर्दस्त मार सहने को मजबूर है। भीषण गर्मी के कारण तापमान बढ़ने से बिजली की खपत में वृद्धि के फलस्वरूप देश के विभिन्न राज्यों में बिजली संकट भी उत्पन्न हो गया है। इसे कोयले की कमी से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली…
93 फ़ीसद भारतीय ले रहे हैं मौत की सांस
एक ताज़ा जारी वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, 93 प्रतिशत भारतीय ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां वायु प्रदूषण का स्तर डब्ल्यूएचओ के मानकों से अधिक है। इस रिपोर्ट से पता चला है कि इसके परिणामस्वरूप भारत में जीवन प्रत्याशा लगभग 1.5 वर्ष कम हो गई है। इस तथ्य का खुलासा अमेरिका के हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट (HEI) द्वारा जारी…
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तीन साल: प्रदूषण से अब भी बुरा हाल
देश के 132 शहरों में पार्टिकुलेट मैटर के स्तर को 20-30% तक कम करने के इरादे से पूरे भारत में आज से ठीक तीन साल पहले राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) लागू किया गया। लेकिन इस लागू किए जाने के तीन साल बाद, डाटा से, पता चलता है कि ज़मीनी स्तर पर प्रगति या तो बहुत कम हुई है या…
इस राज्य में अब एक क्लिक से मिलेगी प्रदूषण नियंत्रण योजनाओं की हर जानकारी
औद्योगिक और आर्थिंक रूप से देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्य महाराष्ट्र के 18 नॉन अटेनमेंट शहरों के लिये प्रदूषण से निपटने के उद्देश्य से बनायी गयी कार्ययोजनाओं से सम्बन्धित विभिन्न जानकारियों को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने के मकसद से क्लाइमेट ट्रेंड्स और रेस्पाइरर लिविंग साइंसेज द्वारा बनाये गये एक डैशबोर्ड की आज शुरुआत की गयी।…