भारत की अर्थव्यवस्था के साथ एमिशन के तेजी से बढ़ने का जो पुराना पैटर्न रहा है, उसमें 2025 एक अलग संकेत लेकर आया है। Centre for Research on Energy and Clean Air के विश्लेषण, जिसे Lauri Myllyvirta और Anubha Bhardwaj ने तैयार किया है, के अनुसार 2025 में भारत के कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन में वृद्धि…
Category: वायु प्रदूषण
वायु प्रदूषण से जुडी कहानियाँ
कार्बन कैप्चर का खेल, धरती के लिए फेल
सोचिए, अगर घर में आग लगी हो और हम धुएं को खिड़की से बाहर निकालने की मशीन खरीद लें, पर आग बुझाने की कोशिश ही न करें, तो क्या घर बचेगा? यही हाल है कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (CCS) तकनीक का, जिस पर अब एशिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ दांव लगाने की सोच रही हैं।…
बीमारियों का बोझ घट सकता है एक-तिहाई, ‘हेल्थ बेनिफिट असेसमेंट डैशबोर्ड’ ने खोला राज़
बरसात का मौसम ख़त्म होते ही राजधानी में एक अहम चर्चा हुई। क्लाइमेट ट्रेंड्स और आईआईटी दिल्ली ने मिलकर एक वर्कशॉप का आयोजन किया, जहाँ पहली बार ऐसा टूल लॉन्च हुआ जो हवा की गुणवत्ता और जनता की सेहत के बीच सीधा रिश्ता सामने रखता है। इसका नाम है हेल्थ बेनिफिट असेसमेंट डैशबोर्ड। यह डैशबोर्ड पाँचवीं…
अब AI सुनेगी, समझेगी हवा को…
IIT Kanpur और IBM की साझेदारी से उत्तर प्रदेश में AI बनाएगी साफ़ सांसों के नक्शे हम अक्सर हवा को महसूस तो करते हैं, पर क्या हम उसे सुन और समझ पाते हैं? न हमें धुएं की चीख़ सुनाई देती है, न उसमें घुले ज़हरीले कणों की फुसफुसाहट।कभी शिकायत करते हैं कि दम घुट रहा…
पार्टिकुलेट मैटर से आगे की है बढ़ते शहरी वायु प्रदूषण की कहानी
एक नए विश्लेषण में शहरी वायु प्रदूषण से निपटने के लिए पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) से आगे देखने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है। जबकि बातचीत में अक्सर पीएम स्तर हावी रहते हैं, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और ओज़ोन जैसे प्रदूषक प्रमुख भारतीय शहरों में वायु गुणवत्ता चुनौतियों में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। …
वाराणसी: 2023 में वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने वाला इकलौता भारतीय शहर
एक उल्लेखनीय उपलब्धि में, भारत के अपेक्षाकृत अधिक प्रदूषित सिंधु-गंगा के मैदानी क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद, मंदिरों की नगरी वाराणसी साल 2022-23 और 2023-24 दोनों के सर्दियों के महीनों के दौरान पीएम 2.5 स्तरों के लिए राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रही। इस उपलब्धि के साथ वाराणसी प्रमुख भारतीय शहरों के बीच पर्यावरणीय प्रगति का एक चमकदार उदाहरण बनकर खड़ा हो गया है।…
इस साल रिकॉर्ड स्तर पर था फोस्सिल फ्यूल जनित कार्बन एमिशन
फोस्सिल फ्यूल से वैश्विक स्तर पर होने वाले एमिशन में वर्ष 2023 में एक बार फिर उछाल आया है और अब यह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट की विज्ञान टीम के एक नये शोध में यह बात सामने आयी है।ग्लोबल कार्बन बजट के सालाना अनुमान के मुताबिक वर्ष 2023 में 36.8 बिलियन टन कार्बन डाई ऑक्साइड (सीओ2) के एमिशन का अनुमान…
प्रदूषण और बर्थ डिफ़ेक्ट्स: सिर्फ़ सर्दियों में नहीं, साल भर जनसहभागिता के साथ कार्यवाही ज़रूरी
दीपमाला पाण्डेय आजकल उत्तर भारत में एयर पोल्यूशन, एक्यूआई, स्मोग टावर,पराली, औड ईवन फॉर्मूला आदि काफ़ी चर्चा में है। पिछले कुछ सालों से हर साल सर्दियों में यह सब शब्द चर्चा का केंद्र बनने लगते हैं और एक दो महीने में फिर इनकी चर्चा कम होने लगती है। प्रदूषण को एक सीज़न की तरह या…
अब मासिक धर्म चक्र तक पर असर डाल रहा है वायु प्रदूषण। त्वरित जलवायु कार्यवाही अब नहीं तो कब?
राखी गंगवार सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन अमेरिका में एमोरी यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बचपन में वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने और लड़कियों को पहली बार मासिक धर्म होने की उम्र के बीच एक संबंध पाया है। यह शोध एनवायर्नमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव्स नाम के जर्नल में प्रकाशित हुआ है…
बिना सख़्त नियमों के ग्रीन हाइड्रोजन का विकास बढ़ा सकता है कार्बन उत्सर्जन
ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को रफ्तार देते हुए हाल ही में भारत सरकार ने 400 करोड़ रुपये की लागत वाला एक आर एण्ड डी (अनुसंधान एवं विकास) रोडमैप पेश किया है। साथ ही, भारत ने साल 2030 तक सालाना पांच मिलियन मैट्रिक टन (एमएमटी) ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन का लक्ष्य भी रखा है। लेकिन इस बीच…