Skip to content
Menu
Climate कहानी
  • आइए, आपका स्वागत है!
  • बुनियादी बातें
  • चलिए पढ़ा जाये
  • आपकी कहानी
  • सम्पर्क
  • शब्दकोश
Climate कहानी

Category: वायु प्रदूषण

वायु प्रदूषण से जुडी कहानियाँ

धीमी पड़ी एमिशन की रफ्तार, क्या भारत एनर्जी ट्रांजिशन के मोड़ पर है

Posted on March 26, 2026

भारत की अर्थव्यवस्था के साथ एमिशन के तेजी से बढ़ने का जो पुराना पैटर्न रहा है, उसमें 2025 एक अलग संकेत लेकर आया है। Centre for Research on Energy and Clean Air के विश्लेषण, जिसे Lauri Myllyvirta और Anubha Bhardwaj ने तैयार किया है, के अनुसार 2025 में भारत के कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन में वृद्धि…

Continue Reading

कार्बन कैप्चर का खेल, धरती के लिए फेल

Posted on October 6, 2025

सोचिए, अगर घर में आग लगी हो और हम धुएं को खिड़की से बाहर निकालने की मशीन खरीद लें, पर आग बुझाने की कोशिश ही न करें, तो क्या घर बचेगा? यही हाल है कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (CCS) तकनीक का, जिस पर अब एशिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ दांव लगाने की सोच रही हैं।…

Continue Reading

बीमारियों का बोझ घट सकता है एक-तिहाई, ‘हेल्थ बेनिफिट असेसमेंट डैशबोर्ड’ ने खोला राज़ 

Posted on September 30, 2025

बरसात का मौसम ख़त्म होते ही राजधानी में एक अहम चर्चा हुई। क्लाइमेट ट्रेंड्स और आईआईटी दिल्ली ने मिलकर एक वर्कशॉप का आयोजन किया, जहाँ पहली बार ऐसा टूल लॉन्च हुआ जो हवा की गुणवत्ता और जनता की सेहत के बीच सीधा रिश्ता सामने रखता है। इसका नाम है हेल्थ बेनिफिट असेसमेंट डैशबोर्ड। यह डैशबोर्ड पाँचवीं…

Continue Reading

अब AI सुनेगी, समझेगी हवा को…

Posted on July 2, 2025

IIT Kanpur और IBM की साझेदारी से उत्तर प्रदेश में AI बनाएगी साफ़ सांसों के नक्शे हम अक्सर हवा को महसूस तो करते हैं, पर क्या हम उसे सुन और समझ पाते हैं? न हमें धुएं की चीख़ सुनाई देती है, न उसमें घुले ज़हरीले कणों की फुसफुसाहट।कभी शिकायत करते हैं कि दम घुट रहा…

Continue Reading

पार्टिकुलेट मैटर से आगे की है बढ़ते शहरी वायु प्रदूषण की कहानी  

Posted on June 25, 2024

एक नए विश्लेषण में शहरी वायु प्रदूषण से निपटने के लिए पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) से आगे देखने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है। जबकि बातचीत में अक्सर पीएम स्तर हावी रहते हैं, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और ओज़ोन जैसे प्रदूषक प्रमुख भारतीय शहरों में वायु गुणवत्ता चुनौतियों में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। …

Continue Reading

वाराणसी: 2023 में वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने वाला इकलौता भारतीय शहर 

Posted on April 1, 2024

एक उल्लेखनीय उपलब्धि में, भारत के अपेक्षाकृत अधिक प्रदूषित सिंधु-गंगा के मैदानी क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद, मंदिरों की नगरी वाराणसी साल 2022-23 और 2023-24 दोनों के सर्दियों के महीनों के दौरान पीएम 2.5 स्तरों के लिए राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रही।  इस उपलब्धि के साथ वाराणसी प्रमुख भारतीय शहरों के बीच पर्यावरणीय प्रगति का एक चमकदार उदाहरण बनकर खड़ा हो गया है।…

Continue Reading

इस साल रिकॉर्ड स्‍तर पर था फोस्सिल फ्यूल जनित कार्बन एमिशन 

Posted on December 6, 2023

फोस्सिल फ्यूल से वैश्विक स्‍तर पर होने वाले एमिशन में वर्ष 2023 में एक बार फिर उछाल आया है और अब यह रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंच गया है। ग्‍लोबल कार्बन प्रोजेक्‍ट की विज्ञान टीम के एक नये शोध में यह बात सामने आयी है।ग्‍लोबल कार्बन बजट के सालाना अनुमान के मुताबिक वर्ष 2023 में 36.8 बिलियन टन कार्बन डाई ऑक्‍साइड (सीओ2) के एमिशन का अनुमान…

Continue Reading

प्रदूषण और बर्थ डिफ़ेक्ट्स: सिर्फ़ सर्दियों में नहीं, साल भर जनसहभागिता के साथ कार्यवाही ज़रूरी

Posted on November 18, 2023

दीपमाला पाण्डेय आजकल उत्तर भारत में एयर पोल्यूशन, एक्यूआई, स्मोग टावर,पराली, औड ईवन फॉर्मूला आदि काफ़ी चर्चा में है। पिछले कुछ सालों से हर साल सर्दियों में यह सब शब्द चर्चा का केंद्र बनने लगते हैं और एक दो महीने में फिर इनकी चर्चा कम होने लगती है। प्रदूषण को एक सीज़न की तरह या…

Continue Reading

अब मासिक धर्म चक्र तक पर असर डाल रहा है वायु प्रदूषण। त्वरित जलवायु कार्यवाही अब नहीं तो कब?

Posted on October 27, 2023

राखी गंगवार सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन अमेरिका में एमोरी यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बचपन में वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने और लड़कियों को पहली बार मासिक धर्म होने की उम्र के बीच एक संबंध पाया है। यह शोध एनवायर्नमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव्स नाम के जर्नल में प्रकाशित हुआ है…

Continue Reading

बिना सख़्त नियमों के ग्रीन हाइड्रोजन का विकास बढ़ा सकता है कार्बन उत्‍सर्जन  

Posted on October 26, 2023

ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को रफ्तार देते हुए हाल ही में भारत सरकार ने 400 करोड़ रुपये की लागत वाला एक आर एण्‍ड डी (अनुसंधान एवं विकास) रोडमैप पेश किया है। साथ ही, भारत ने साल 2030 तक सालाना पांच मिलियन मैट्रिक टन (एमएमटी) ग्रीन हाइड्रोजन के उत्‍पादन का लक्ष्‍य भी रखा है। लेकिन इस बीच…

Continue Reading
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • …
  • 8
  • Next

क्लाइमेट की कहानी, मेरी ज़बानी

©2026 Climate कहानी | WordPress Theme: EcoCoded