ऊर्जा क्षेत्र की देश की अग्रिणी सार्वजनिक गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियां (एनबीएफसी) पीएफसी और आरईसी नई प्रौद्योगिकियों (पवन बिजली सौर ऊर्जा बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक वाहन आदि) के हिसाब से खुद को पर्याप्त रूप से बदल नहीं पाई हैं जिसके चलते इनके विकास और मुनाफ़ा कमाने की दर ठहरी हुई है। दरअसल ये दोनों ही…
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भारत यक़ीनन पूरा करेगा अपना एनेर्जी इंडेपेंडेंस का लक्ष्य: अमेरिकी ऊर्जा विभाग
साल 2047 तक भारत अपना ऊर्जा स्वतंत्रता का सपना सच कर सकता है, यह मानना है अमेरिकी ऊर्जा विभाग का। दरअसल अमेरिकी ऊर्जा विभाग के लॉरेंस बर्कले नेशनल लेबोरेटरी (बर्कले लैब) द्वारा जारी पाथ्वेज़ टु आत्मनिर्भर भारत नाम के एक नए अध्ययन के अनुसार भारत में सस्ती होती क्लीन एनेर्जी टेक्नोलोजी और रिन्यूबल और लिथियम के क्षेत्र में तेज़ विकास के मिश्रित प्रभाव से लागत प्रभावी एनेर्जी इंडिपेंडेंस का सपना हो सकता है साकार। भारत के तीन सबसे अधिक ऊर्जा गहन क्षेत्रों (बिजली, परिवहन…
कार्बन बाज़ारों के विकास के लिए उन्हें समझना ज़रूरी: विशेषज्ञ
दुनिया में कार्बन बाजार पिछले करीब दो दशकों से मौजूद हैं और इनके उभार का सिलसिला अब भी जारी है। भारत के घरेलू कार्बन मार्केट की दिशा में हुए हाल के नीतिगत घटनाक्रमों को देखते हुए कारोबार जगत में इस बात को लेकर दिलचस्पी बढ़ी है कि इन घटनाक्रमों का उनके कार्य संचालन पर क्या…
हीटवेव के लिये हो रही है ज़मीन तैयार
डॉ सीमा जावेद फ़रवरी का महीना शुरू होते ही मौसम ने अपने तेवर बदलने शुरू कर दिये। हालाँकि कड़कती ठंड से अचानक मिली राहत से लोग खुश हैं मगर इस तरह अचानक मौसम का बदला मिज़ाज, पिछले साल (2022) में पड़ी जानलेवा गर्मी की याद दिला रहा है। जब जलवायु परिवर्तन की ऐसी मार दिखी के मार्च में पारा 40 के पार…
यूपी में स्थानीय जलवायु कार्यवाही की यह इन्द्रधनुषी रणनीति है ख़ास
मनोज सिंह और आशीष तिवारी साल 2019 में, संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन महासचिव ने तीन स्तरों पर सतत विकास गोल (एसडीजी) के लक्ष्य हासिल करने के लिए एक दशक भर की कार्रवाई का आह्वान किया था। इस आह्वान में शामिल थे अधिक संसाधन और बेहतर समाधान प्रदान करने के लिए बेहतर नेतृत्व के साथ वैश्विक कार्रवाई; प्रभावी नीतियाँ, बजट, सशक्त संस्थान…
दिल्ली हो सकती है पूरी तरह से रिन्यूबल एनेर्जी पर निर्भर, अगर…
रिन्यूएबल एनर्जी नामक पत्रिका में हाल ही में प्रकाशित एक लेख से इस बात की प्रबल संभावना जाहिर हुई है कि दिल्ली वर्ष 2050 तक जीवाश्म ईंधन से छुटकारा पाकर 100% अक्षय ऊर्जा पर निर्भरता का लक्ष्य हासिल कर सकती है। अपनी तरह के इस पहले शोध में दिल्ली जैसे उत्तर भारतीय महानगर में 100% अक्षय ऊर्जा प्रणालियों…
‘पराली जलाने की समस्या के समाधान में लगेंगे 4-5 साल’
साल का वो समय आ चुका है जब धान की कटाई और पराली जलाने का मौसम शुरू हो रहा है। और ऐसा होने के साथ ही दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में वायु प्रदूषण पर बहस फिर से जोर पकड़ रही है। मगर इस बार जो बात हमेशा से अलग है और जिसके चलते इन क्षेत्रों…
प्रश्न जलवायु का, उत्तर प्रदेश में!
निशान्त जब ग्लासगो में प्रधान मंत्री मोदी ने COP 26 के दौरान जलवायु परिवर्तन के खिलाफ़ वैश्विक जंग के संदर्भ में अंग्रेज़ी के शब्द LIFE के अक्षरों में छिपे एक मंत्र ‘लाइफ़स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ का उल्लेख किया था, तब वो महज़ उनके चिर-परिचित अंदाज़ वाला शब्दों का खेल नहीं था।सोचने बैठिए तो पता चलेगा कि…
पाकिस्तान के हालात और जलवायु परिवर्तन रहेगा संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च-स्तरीय 77वें सत्र का केंद्रीय मुद्दा
संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च-स्तरीय 77वें सत्र के लिए एकत्र हुए दुनिया के शीर्ष नेताओं से संयुक्त राष्ट्र के मुखिया अंटोनियो गुतेरस ने साफ तौर पर अपील की है कि वह धरती का तापमान कम करने कि दिशा में फौरन कदम उठाएँ और इस धरती को डूबने से बचाएं। गुतेरस का यह बयान बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान…
अब चीता लाएगा पारिस्थितिकी के अच्छे दिन
निशान्त दुनिया के जिस सबसे तेज़ जानवर को साल 1952 में भारत में विलुप्त घोषित किया गया, उसी जानवर का सत्तर साल बाद मध्य प्रदेश के श्योपुर ज़िले में कुनो-पालपुर नेशनल पार्क (केएनपी) में एक नया घर मिलेगा। और इसी के साथ देश कि पारिस्थितिकी के शुरू होंगे अच्छे दिन। यहाँ जिस जानवर की बात…