मृणमय चटराज नेपाल को जलवायु न्याय चाहिए। बिल्कुल चाहिए।जिस देश का वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में हिस्सा करीब 0.1 फीसदी है, अगर वही बदलती जलवायु की भारी कीमत चुका रहा है, तो दुनिया के बड़े प्रदूषक देशों से सवाल पूछना उसका हक है।लेकिन नेपाल की हालिया तबाही के बाद एक दूसरा सवाल भी पूछना पड़ेगा।…
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सिर्फ़ गर्मी नहीं, जलवायु परिवर्तन ने भड़काई फ्रांस और स्पेन की विनाशकारी जंगल की आग
फ्रांस और स्पेन में इस साल लगी भीषण जंगल की आग कोई सामान्य प्राकृतिक घटना नहीं थी।वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों की वजह से हो रहे जलवायु परिवर्तन ने इन आगों के लिए अनुकूल मौसम बनने की संभावना फ्रांस में कम से कम दोगुनी और स्पेन में 20 गुना से अधिक बढ़ा दी। यह…
यूरोप में भी अब भारत जैसी गर्मी, जलवायु परिवर्तन ने जून की हीटवेव को बना दिया और खतरनाक
एक समय था जब भीषण गर्मी की खबरें ज़्यादातर भारत, पाकिस्तान या पश्चिम एशिया से आती थीं। यूरोप की पहचान अपेक्षाकृत ठंडे मौसम वाले महाद्वीप के रूप में होती थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। इस साल जून के आखिरी दिनों में पश्चिमी यूरोप के कई हिस्सों में पड़ी रिकॉर्डतोड़ गर्मी को लेकर आई…
एआई पर खरबों डॉलर का दांव, लेकिन बढ़ती गर्मी और बाढ़ के बीच बनेंगे दुनिया के डेटा सेंटर
दुनिया इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, यानी एआई, के पीछे भाग रही है।तकनीकी कंपनियां नए डेटा सेंटर बना रही हैं।सरकारें डिजिटल अर्थव्यवस्था को भविष्य की ताकत बता रही हैं।और निवेश का पैमाना इतना बड़ा है कि आंकड़े सुनकर हैरानी होती है।लेकिन इस तकनीकी दौड़ के बीच एक नया सवाल सामने आया है।अगर भविष्य डेटा सेंटरों में…
जापान से एशिया पहुंच रही अमेरिकी एलएनजी, जलवायु पर असर 17 कोयला बिजलीघरों के बराबर: रिपोर्ट
जब एशिया के कई देश ऊर्जा सुरक्षा की बात करते हैं, तो अक्सर उनकी नज़र एलएनजी पर जाती है। इसे कोयले की तुलना में अपेक्षाकृत कम उत्सर्जन वाला ईंधन बताया गया।इसे एनर्जी ट्रांजिशन का एक पुल कहा गया।और इसे ऐसी व्यवस्था के रूप में पेश किया गया जो देशों को धीरे-धीरे रिन्यूएबल एनर्जी की ओर…
महसूस की है ग्लोबल वार्मिंग, कहना है 84% भारतीयों का
गर्मी अब सिर्फ मौसम नहीं रही। वह बातचीत का हिस्सा बन चुकी है। गांव के चौपाल से लेकर शहर के दफ्तर तक, लोग अब सिर्फ यह नहीं कह रहे कि गर्मी बढ़ गई है। वे यह भी कह रहे हैं कि मौसम पहले जैसा नहीं रहा। येल प्रोग्राम ऑन क्लाइमेट चेंज कम्युनिकेशन और सी-वोटर इंटरनेशनल…
इस मच्छर फैक्ट्री में बन रहे हैं डेंगू मलेरिया मारने वाले मच्छर
दुनिया का शायद सबसे अजीब सवाल इस वक्त कोलंबिया के शहर मेडेलीन में पूछा जा रहा है। “क्या इंसानों को बचाने के लिए करोड़ों मच्छर पैदा किए जा सकते हैं?” सुनने में किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लगता है। लेकिन यही सच है। दक्षिण अमेरिकी देश Medellín में एक ऐसी “मच्छर फैक्ट्री” चल रही है,…
कटते जंगल, टूटती बारिश, और अमेज़न का डरावना मोड़
अमेज़न के जंगल को अक्सर “धरती के फेफड़े” कहा जाता है। लेकिन अब वैज्ञानिक कह रहे हैं कि ये फेफड़े सिर्फ कमजोर नहीं हो रहे, बल्कि एक ऐसे मोड़ के करीब पहुंच रहे हैं जहां से वापसी मुश्किल हो सकती है। जर्नल Nature में प्रकाशित एक नई स्टडी “Deforestation-induced drying lowers Amazon climate threshold” के…
बीमारी की भाषा में क्लाइमेट की बात, दोगुना असर
जलवायु परिवर्तन को समझाने के कई तरीके हैं। तापमान, कार्बन, ग्लेशियर, समुद्र। लेकिन एक नई स्टडी कहती है कि अगर आप क्लाइमेट को “सेहत” की भाषा में समझाते हैं, तो लोग सिर्फ समझते नहीं, प्रतिक्रिया भी देते हैं। Wellcome Trust के लिए Climate Opinion Research Exchange द्वारा किए गए एक बड़े अध्ययन में पाया गया…
धूप में लोकतंत्र, पसीने में फैसला
चेन्नई के एक बूथ पर सुबह के नौ बजे हैं। बूथ अधिकारी की कमीज़ पीठ से चिपकी हुई है। बाहर कतार में खड़े लोग छाया ढूंढ रहे हैं, जहां छाया है ही नहीं। हवा में नमी इतनी है कि पसीना सूखता नहीं, बस शरीर पर ठहर जाता है। यह सिर्फ गर्मी नहीं है। यह वही…