कई सालों तक जलवायु परिवर्तन को भविष्य का संकट कहा जाता रहा।एक ऐसा खतरा जो आने वाली पीढ़ियों को झेलना पड़ेगा।लेकिन अब वैज्ञानिक कह रहे हैं कि वह भविष्य दरअसल हमारे वर्तमान में आ चुका है। धरती गर्म हो रही है। और सिर्फ़ गर्म नहीं हो रही, बल्कि पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से गर्म…
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एनर्जी सिक्योरिटी के लिए समुंदर में उगाने होंगे पवन चक्कियों के जंगल
दुनिया लंबे समय तक तेल और गैस की पाइपलाइनों पर टिकी रही। जहाँ ईंधन आता था, वहीं से ताकत आती थी। जहाँ आपूर्ति रुकती थी, वहीं संकट शुरू हो जाता था। लेकिन अब कई देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा समुद्र की तरफ देख रहे हैं। जहाँ लहरों के बीच विशाल पवन चक्कियाँ खड़ी हो रही हैं।…
खेतों में बढ़ती गर्मी छीन रही काम के घंटे, दुनिया की खाद्य सुरक्षा पर नया खतरा
दोपहर की धूप में खेत हमेशा कठिन जगह रहे हैं। लेकिन अब कई देशों में खेत खतरनाक होते जा रहे हैं। क्योंकि गर्मी सिर्फ बढ़ नहीं रही, वह शरीर की काम करने की क्षमता छीन रही है। Energy and Climate Intelligence Unit यानी ECIU की नई analysis के मुताबिक दुनिया भर में बढ़ता heat stress…
बढ़ती गर्मी अब छीन रही फुटबॉल की रफ्तार, 2026 World Cup पर नई चेतावनी
फुटबॉल का खेल सिर्फ पैरों से नहीं खेला जाता। उसमें फेफड़े लगते हैं, सांस लगती है, शरीर की रफ्तार लगती है। 90 मिनट तक लगातार दौड़ते खिलाड़ी सिर्फ गेंद के पीछे नहीं भाग रहे होते, वे अपने शरीर की सीमा को भी धक्का दे रहे होते हैं। लेकिन अब दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल एक…
अब तो रातें भी नहीं ठंडी, क्यों हो गई है भारत की गर्मी और खतरनाक
उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा 48 डिग्री तक पहुंच चुका है। दोपहर की सड़कें खाली हैं। हवा चलती भी है तो जैसे किसी ने हेयर ड्रायर चेहरे पर चला दिया हो। मगर इस बार कहानी सिर्फ दिन की गर्मी की नहीं है। असली डर रात में छुपा है। रात, जो कभी राहत हुआ करती…
धूप में लोकतंत्र, पसीने में फैसला
चेन्नई के एक बूथ पर सुबह के नौ बजे हैं। बूथ अधिकारी की कमीज़ पीठ से चिपकी हुई है। बाहर कतार में खड़े लोग छाया ढूंढ रहे हैं, जहां छाया है ही नहीं। हवा में नमी इतनी है कि पसीना सूखता नहीं, बस शरीर पर ठहर जाता है। यह सिर्फ गर्मी नहीं है। यह वही…
गंगोत्री की जलकथा बदल रही है: बर्फ़ घट रही, बारिश बढ़ रही
उत्तराखंड की ऊँचाइयों में बसी गंगोत्री घाटी, जहाँ से गंगा की धारा जन्म लेती है, देश के करोड़ों लोगों की आस्था और ज़िंदगी का आधार है। सदियों से यहाँ की बर्फ़ और ग्लेशियर का पिघलता पानी मैदानों तक पहुँचकर खेतों को सींचता रहा, बिजलीघरों को चलाता रहा और गंगा की धारा को जीवन देता रहा।…
बॉन सम्मेलन की तैयारी: जलवायु संकट, फाइनेंस और फॉसिल फ्यूल पर दुनिया की नज़र
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की मध्य वर्ष की बैठक (UNFCCC Bonn Climate Conference) सोमवार 16 जून से शुरू हो रही है। 26 जून तक चलने वाली ये बातचीत इस वक्त हो रही है जब हाल ही में मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी कि 2029 से पहले 1.5°C तापमान सीमा के टूटने की…
हिमालय की बर्फ़ खा गया ‘ब्लैक कार्बन’: दो दशक में बढ़ा 4°C तापमान, पानी संकट गहराने का ख़तरा
हिमालय की बर्फ़ तेजी से पिघल रही है। वजह? हमारे चूल्हों से उठता धुआं, खेतों में जलाई जा रही पराली, और गाड़ियों से निकलता धुआं — यानी ‘ब्लैक कार्बन’। दिल्ली की एक रिसर्च संस्था Climate Trends की नई रिपोर्ट बताती है कि पिछले 20 सालों में हिमालयी इलाकों में बर्फ़ की सतह का तापमान औसतन…
नीति खुली, राह फिर भी उलझी: ग्रीन एनर्जी की असली कसौटी
भारत में ग्रीन पावर खरीदना अब पहले से कहीं ज़्यादा आसान है—कम से कम कागज़ों पर। 2022 में केंद्र सरकार ने Green Energy Open Access Rules लागू किए, जिनका मक़सद था: कंपनियों को रिन्यूएबल एनर्जी का सीधा रास्ता दिखाना, और देश को 2070 के नेट ज़ीरो लक्ष्य की ओर तेज़ी से ले जाना। अब 100…