जंगल हमेशा से बदलते रहे हैं। मौसम भी। लेकिन अब जो बदल रहा है, वह रफ्तार है, और पैटर्न है। अब खतरा धीरे-धीरे बढ़ती गर्मी का नहीं, बल्कि एक के बाद एक आने वाले झटकों का है। जर्नल Nature Ecology & Evolution में प्रकाशित एक नई स्टडी इसी बदलती तस्वीर को सामने लाती है। जर्मनी…
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क्या गर्मी ने भी भड़काया नोएडा में मज़दूरों का गुस्सा?
13 अप्रैल 2026। नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में भीड़ उमड़ी। सेक्टर 60, 62, 84 की सड़कों पर हजारों मजदूर। मांगें साफ थीं, बेहतर वेतन, तय काम के घंटे, ओवरटाइम का हिसाब। चार दिन तक तनाव बढ़ा, हालात बिगड़े, और फिर सरकार ने अंतरिम वेतन वृद्धि की घोषणा की। यह कहानी यहीं तक सुनाई गई। लेकिन…
तेल सप्लाई रुकी, रोशनी नहीं: हॉर्मुज़ संकट के बीच सोलर ने संभाली दुनिया की बिजली
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर आई रुकावट ने दुनिया की ऊर्जा सप्लाई को झकझोर दिया। यह वही रास्ता है जहां से वैश्विक एलएनजी का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे हर संकट में एक पुराना डर लौट आता है, क्या दुनिया फिर से कोयले की तरफ भागेगी? लेकिन इस बार कहानी…
परमाणु ऊर्जा की नई सुबह: भारत ने ‘ईंधन खत्म होने’ के डर को दी चुनौती
तमिलनाडु के कल्पक्कम में समुद्र के किनारे खड़ा एक रिएक्टर, बाहर से देखने पर किसी और पावर प्लांट जैसा ही लगता है। लेकिन 6 अप्रैल 2026 को यहां कुछ ऐसा हुआ, जिसने भारत की ऊर्जा कहानी को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया। Prototype Fast Breeder Reactor ने “पहली क्रिटिकलिटी” हासिल की। आसान भाषा…
समंदर का स्तर चुपचाप बढ़ रहा है, खतरा हमारे शरीर तक पहुंच चुका है
सुबह का वक्त है। किसी तटीय गांव में लोग रोज़ की तरह अपने काम पर निकल रहे हैं। लेकिन अब पानी पहले से थोड़ा और अंदर तक आ चुका है। खेत का किनारा बदल गया है। कुएं का पानी थोड़ा खारा लगने लगा है। और यह बदलाव इतना धीमा है कि दिखता कम है, महसूस…
सोलर की जीत पक्की, फंडिंग की जंग बाकी
शाम ढल चुकी है। शहर रोशनी से भर गया है। कहीं सोलर से आई बिजली है, कहीं अब भी कोयले से। लेकिन इस रोशनी के पीछे एक और कहानी चल रही है, जो अक्सर दिखाई नहीं देती। यह कहानी है पैसे की। Institute for Energy Economics and Financial Analysis की एक नई रिपोर्ट इस छिपी…
धूप में लोकतंत्र, पसीने में फैसला
चेन्नई के एक बूथ पर सुबह के नौ बजे हैं। बूथ अधिकारी की कमीज़ पीठ से चिपकी हुई है। बाहर कतार में खड़े लोग छाया ढूंढ रहे हैं, जहां छाया है ही नहीं। हवा में नमी इतनी है कि पसीना सूखता नहीं, बस शरीर पर ठहर जाता है। यह सिर्फ गर्मी नहीं है। यह वही…
सोलर की दुनिया में कमज़ोर देश आगे, ताकतवर पीछे
दुनिया जब तेल की कीमतों और युद्ध के असर से जूझ रही है, उसी वक्त एक अलग कहानी भी ख़ामोशी से बन रही है। ये कहानी उन देशों की है, जिन्हें हम अक्सर “कमजोर” या “विकासशील” कह देते हैं, लेकिन क्लाइमेट के मोर्चे पर वही देश अब रफ्तार तय कर रहे हैं।Ember की नई रिपोर्ट…
हर घर कुछ कहता है, मगर छिपा कार्बन वहां खामोश रहता है
जब हम नया घर बनाते हैं, तो अक्सर सोचते हैं कि बिजली का बिल कितना आएगा, AC कितना चलेगा, या घर कितना ठंडा रहेगा। लेकिन एक सच्चाई ऐसी भी है, जो घर बनते ही शुरू हो जाती है, और दिखती नहीं। वो है उस घर में “छिपा हुआ कार्बन”। Greentech Knowledge Solutions की एक नई…
क्लाइमेट के मोर्चे पर स्टील सेक्टर फेल. स्कोरकार्ड ने खोली पोल
दुनिया की ऊंची-ऊंची इमारतें, पुल, रेल और फैक्ट्रियां जिस स्टील पर खड़ी हैं, उसी स्टील सेक्टर की क्लाइमेट तैयारी अब सवालों के घेरे में है। क्लाइमेट वाच द्वारा जारी नए “कॉरपोरेट स्कोरकार्ड” ने एक साफ और असहज तस्वीर सामने रखी है, जिसमें दुनिया की 18 बड़ी स्टील कंपनियों में से एक भी ऐसी नहीं है…