जिस जानवर को सदियों से रेगिस्तान में जीने का प्रतीक माना जाता रहा, अब वही बढ़ती गर्मी के आगे संघर्ष करता दिखाई दे रहा है। अफ्रीका के कुछ हिस्सों से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक Horn of Africa और North Africa में पड़ रही भीषण गर्मी, लंबे सूखे, पानी की कमी और सूखते चरागाहों का…
चलिए पढ़ा जाये
सिर्फ़ गर्मी नहीं, जलवायु परिवर्तन ने भड़काई फ्रांस और स्पेन की विनाशकारी जंगल की आग
फ्रांस और स्पेन में इस साल लगी भीषण जंगल की आग कोई सामान्य प्राकृतिक घटना नहीं थी।वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों की वजह से हो रहे जलवायु परिवर्तन ने इन आगों के लिए अनुकूल मौसम बनने की संभावना फ्रांस में कम से कम दोगुनी और स्पेन में 20 गुना से अधिक बढ़ा दी। यह…
अब सिर्फ़ टैरिफ की नहीं, जलवायु की भी बात कर रहे हैं व्यापार समझौते, नई वैश्विक पहल में दिखा बदलता रुझान
दुनिया में जलवायु परिवर्तन पर बातचीत अब सिर्फ़ संयुक्त राष्ट्र के मंचों और COP सम्मेलनों तक सीमित नहीं रह गई है। अब इसकी झलक व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौतों में भी दिखाई देने लगी है। यानी देश अब सिर्फ़ यह तय नहीं कर रहे कि किन वस्तुओं पर शुल्क कम होगा या व्यापार कैसे बढ़ेगा।…
ग्रीन स्टील नहीं होगी महंगी, अगर स्वच्छ बिजली और ग्रीन हाइड्रोजन बढ़ें साथ-साथ: नई रिपोर्ट
स्टील बनाना दुनिया के सबसे प्रदूषणकारी औद्योगिक कामों में से एक है। भारत जैसे देश के लिए चुनौती और भी बड़ी है। एक तरफ़ तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को स्टील चाहिए, दूसरी तरफ़ कार्बन उत्सर्जन भी घटाना है। लेकिन क्या ग्रीन स्टील बनाना बहुत महंगा पड़ेगा? TransitionZero की नई रिपोर्ट कहती है, शायद नहीं। अगर…
दुनिया में फिर बढ़ रही है भूख, जलवायु संकट और महंगाई ने करोड़ों लोगों की थाली से छीना पौष्टिक भोजन
भूख सिर्फ़ तब नहीं होती जब थाली खाली हो। कई बार थाली भरी होती है, लेकिन उसमें वह खाना नहीं होता जिसकी शरीर को ज़रूरत है।यही वजह है कि दुनिया में खाद्य सुरक्षा की तस्वीर अब पहले से कहीं ज़्यादा जटिल होती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र की नई State of Food Security and Nutrition…
सौर और पवन ऊर्जा हुई 100 गीगावाट पार, अब बिजली ग्रिड पर असली परीक्षा का वार
13 जुलाई को भारत के सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों ने कुछ समय के लिए 103.7 गीगावाट बिजली उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया। इसके दो दिन बाद, 15 जुलाई को यह उपलब्धि फिर दोहराई गई। उस दिन उत्पादन पहले 102.42 गीगावाट और फिर 100.9 गीगावाट तक पहुंचा। उसी दोपहर कुछ मिनटों के लिए देश…
चल पड़ी पहली हाइड्रोजन ट्रेन … मगर मंज़िल महज़ रेलवे नहीं
अगर मैं आपसे पूछूं कि भारत ने हाइड्रोजन ट्रेन क्यों बनाई, तो शायद पहला जवाब होगा. ताकि डीज़ल की जगह एक साफ़ ईंधन इस्तेमाल हो सके। जवाब सही है। लेकिन पूरी कहानी नहीं। असल सवाल यह है कि जब भारतीय रेलवे का लगभग पूरा ब्रॉडगेज नेटवर्क पहले ही बिजली से चलने लगा है, तो फिर…
क्यों हो रही है मुंबई में इतनी तेज़ बारिश? सिर्फ़ अल नीनो नहीं, जलवायु परिवर्तन भी बड़ी वजह
इस साल मानसून ने भारत में अजीब तस्वीर पेश की है। जून के अंत तक देश में सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। लेकिन जुलाई शुरू होते ही हालात तेजी से बदल गए। मुंबई और पश्चिमी तट के कई इलाकों में कुछ ही दिनों में इतनी बारिश हुई कि देशभर में बारिश की कमी…
वर्ल्ड बैंक ने हटाया 45% क्लाइमेट फाइनेंस लक्ष्य, क्या अब जलवायु अनुकूलन के लिए पैसा जुटाना होगा और मुश्किल?
जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए सिर्फ़ लक्ष्य तय करना काफी नहीं होता। उसके लिए पैसा भी चाहिए। बाढ़ से बचाने वाले तटबंध बनाने हों। शहरों को भीषण गर्मी के लिए तैयार करना हो। सूखे का सामना करने वाली खेती विकसित करनी हो। या समुद्र किनारे बसे इलाकों को सुरक्षित बनाना हो। इन सबके लिए…
यूरोप में भी अब भारत जैसी गर्मी, जलवायु परिवर्तन ने जून की हीटवेव को बना दिया और खतरनाक
एक समय था जब भीषण गर्मी की खबरें ज़्यादातर भारत, पाकिस्तान या पश्चिम एशिया से आती थीं। यूरोप की पहचान अपेक्षाकृत ठंडे मौसम वाले महाद्वीप के रूप में होती थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। इस साल जून के आखिरी दिनों में पश्चिमी यूरोप के कई हिस्सों में पड़ी रिकॉर्डतोड़ गर्मी को लेकर आई…