दुनिया की सड़कों पर एक शांत बदलाव चल रहा है, और अब उसके असर आंकड़ों में साफ दिखने लगे हैं। 2025 में वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों ने मिलकर करीब 1.7 मिलियन बैरल प्रति दिन तेल की खपत टाल दी, जो लगभग ईरान के कुल तेल निर्यात के 70% के बराबर है। यह आकलन ग्लोबल…
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हर 6 में से 1 इंसान हर दिन झेल रहा गर्मी. क्लाइमेट चेंज अब रोज़मर्रा की हकीकत
दिसंबर से फरवरी का समय आमतौर पर दुनिया के कई हिस्सों में ठंड का होता है। लेकिन हाल के महीनों में यह पैटर्न बदलता दिखा है। एक नए वैश्विक विश्लेषण के अनुसार, इस अवधि में बड़ी आबादी ऐसे तापमान में रह रही थी, जिस पर जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट प्रभाव था। अमेरिका स्थित शोध संस्था…
हॉर्मुज़ की हलचल से खेतों तक पहुंचा संकट. उर्वरक निर्भरता पर बड़ा सवाल
रातों-रात कुछ नहीं बदलता। लेकिन दुनिया की सबसे अहम समुद्री गलियों में अगर हलचल बढ़ जाए, तो उसका असर चुपचाप खेतों तक पहुंच जाता है। इसी कड़ी में एक नई रिपोर्ट ने भारत के उर्वरक सिस्टम की एक गहरी कमजोरी की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट कहती है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर…
अब रात में भी उगेगा सूरज? अंतरिक्ष से धूप बेचने की तैयारी
कल्पना कीजिए।रात के 9 बजे हैं। शहर में अंधेरा है। लेकिन किसी सोलर फार्म पर अचानक दिन जैसा उजाला हो जाता है। न कोई सूरज उगा है।न कोई बिजली का बल्ब जला है। यह रोशनी सीधे अंतरिक्ष से आ रही है। सुनने में साइंस फिक्शन लगता है, लेकिन अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में एक स्टार्टअप इसे…
ईरान तनाव से एशिया की ऊर्जा चिंता बढ़ी
रिन्यूएबल एनर्जी की ओर तेज़ी से बढ़ना अब आर्थिक मजबूरी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे ऊर्जा बाज़ार पर दिखने लगा है। ईरान के आसपास हालात बिगड़ने और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के रास्ते को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल और गैस की कीमतों में तेज़ उछाल आया है। ऊर्जा अर्थशास्त्र पर काम…
मिडिल ईस्ट युद्ध और LNG दांव. दक्षिण एशिया के सामने $107 अरब का सवाल
दुनिया के ऊर्जा बाज़ार इस समय अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव, ईरान पर अमेरिकी और इज़राइली हमलों और होरमुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग बाधाओं ने तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई को एक बार फिर अनिश्चित बना दिया है। इसी बीच एक नई रिपोर्ट चेतावनी देती है कि…
सस्ती यूरिया की भारी कीमत. बढ़ता खर्च, बिगड़ती मिट्टी
₹1 लाख करोड़ से ऊपर पहुँची यूरिया सब्सिडी, गैस आयात पर बढ़ती निर्भरता पर उठे सवाल भारत में उर्वरक सब्सिडी लंबे समय से किसानों के लिए राहत का बड़ा साधन रही है। लेकिन अब यही व्यवस्था सरकार के बजट, मिट्टी की सेहत और ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बढ़ा रही है। एक नई फैक्टशीट के अनुसार…
जब युद्ध गैस के बाज़ार को बदल देता है
मिडिल ईस्ट संकट से अमेरिकी LNG कंपनियों की कमाई कैसे बढ़ रही है दुनिया में युद्ध सिर्फ़ मोर्चों पर नहीं लड़ा जाता.कई बार उसका सबसे गहरा असर उन बाज़ारों में दिखाई देता है जहाँ ऊर्जा का कारोबार होता है. मिडिल ईस्ट में हालिया संघर्ष ने यही दिखाया है. मिसाइलें गिर रही हैं. समुद्री रास्ते बंद…
चीन का नया पांच साल का प्लान. क्लाइमेट लीडर भी, कोयले का सहारा भी
बीजिंग में हर साल होने वाली एक बैठक दुनिया की ऊर्जा और क्लाइमेट राजनीति का रुख तय करती है. यह बैठक है National People’s Congress की. यहीं से निकलता है चीन का पाँच साल का रोडमैप. और इस बार जो दस्तावेज सामने आया है, वह एक दिलचस्प कहानी कहता है. एक तरफ साफ ऊर्जा का…
कोयला खत्म, कहानी नहीं. नेयवेली की खदानों में शुरू हुआ दूसरा जीवन
मयूरी सिंह तमिलनाडु के कड्डालोर ज़िले में नेयवेली के आसपास का इलाका आज भी उस इंडस्ट्रियल दौर की कहानी सुनाता है जिसने कई दशकों तक भारत की एनर्जी व्यवस्था को चलाया। दूर तक फैले खुले गड्ढे, सीढ़ीनुमा मिट्टी के ढलान, और मशीनों से तराशी हुई ज़मीन यह याद दिलाती है कि लिग्नाइट माइनिंग ने इस…