जी20 देशों के अध्यक्ष के रूप में भारत के पास वैश्विक स्तर पर न्यायसंगत ट्रांज़िशन के वित्तपोषण तथा कई अन्य पहलुओं पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का मौका है। इन पहलुओं में लो कॉस्ट लॉन्ग टर्म रेजीलियंस इन्वेस्टमेंट और जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली क्षति की भरपाई के लिये आमदनी के नए जरिए तलाशने के…
चलिए पढ़ा जाये
तत्काल जलवायु कार्रवाई कर सकती है सभी के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित: संयुक्त राष्ट्र
बात मानव जनित जलवायु परिवर्तन के लिए स्वयं को ऍडाप्ट करने की हो या ग्रीनहाउस गैस एमिशन को कम करने की हो, तो इस बात में कोई दो राय नहीं कि अब हमारे पास इन दोनों ही समस्याओं के समाधान के लिए तमाम व्यावहारिक और प्रभावी विकल्प उपलब्ध हैं। कमी है तो सिर्फ नीतिगत फैसलों…
पानी की बढ़ती कमी के बीच जलवायु और विकास के लक्ष्य हासिल करना मुश्किल
पिछले वर्षों की अभूतपूर्व बाढ़, सूखा और बेतहाशा पानी से होने वाली घटनाएं अप्रत्याशित नहीं, बल्कि मानव द्वारा दशकों से चली आ रही पानी की बदइंतज़ामी से होने वाली सिस्टेमेटिक क्राइसेस का नतीजा हैं। यह कहना है ग्लोबल कमीशन ऑन इक्नोमिक्स ऑफ वॉटर रिपोर्ट का।इस रिपोर्ट के मुताबिक़ पानी का एक टिकाऊ और न्यायपूर्ण भविष्य…
ऊर्जा क्षमता वृद्धि में अगर सौर नंबर वन, तो नंबर दो पर पवन
वैश्विक ऊर्जा थिंक टैंक एम्बर के नए विश्लेषण से पता चलता है कि 2022 में भारत की बिजली क्षमता में वृद्धि का बहुमत (92%) सौर और पवन से चलित था। इस साल, जी20 शिखर सम्मेलन के होने से पहले यह मज़बूत वृद्धि देश के जलवायु नेतृत्व ग्रहण करने के लिए मंच तैयार करती है। कोयला…
क्लीन एनेर्जी को तरजीह दिये बिना पीएफसी/आरईसी का मुनाफ़ा और विकास मुश्किल
ऊर्जा क्षेत्र की देश की अग्रिणी सार्वजनिक गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियां (एनबीएफसी) पीएफसी और आरईसी नई प्रौद्योगिकियों (पवन बिजली सौर ऊर्जा बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक वाहन आदि) के हिसाब से खुद को पर्याप्त रूप से बदल नहीं पाई हैं जिसके चलते इनके विकास और मुनाफ़ा कमाने की दर ठहरी हुई है। दरअसल ये दोनों ही…
भारत यक़ीनन पूरा करेगा अपना एनेर्जी इंडेपेंडेंस का लक्ष्य: अमेरिकी ऊर्जा विभाग
साल 2047 तक भारत अपना ऊर्जा स्वतंत्रता का सपना सच कर सकता है, यह मानना है अमेरिकी ऊर्जा विभाग का। दरअसल अमेरिकी ऊर्जा विभाग के लॉरेंस बर्कले नेशनल लेबोरेटरी (बर्कले लैब) द्वारा जारी पाथ्वेज़ टु आत्मनिर्भर भारत नाम के एक नए अध्ययन के अनुसार भारत में सस्ती होती क्लीन एनेर्जी टेक्नोलोजी और रिन्यूबल और लिथियम के क्षेत्र में तेज़ विकास के मिश्रित प्रभाव से लागत प्रभावी एनेर्जी इंडिपेंडेंस का सपना हो सकता है साकार। भारत के तीन सबसे अधिक ऊर्जा गहन क्षेत्रों (बिजली, परिवहन…
हीट स्ट्रेस के चलते बढ़ेंगी भारत में चरम मौसम घटनाएँ
इस साल प्री-मानसून मौसम की सरगर्मियां काफी पहले शुरू हो गई हैं। मार्च के पहले सप्ताह में ही बारिश और गरज चमक के साथ बौछारें दस्तक देने लगी हैं। इस शुरुआती दौर में 6-8 मार्च के बीच होने वाली गैर मौसम की बारिश और गरज चमक ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के काफी हिस्सों…
तो इन वजहों से रही सर्दियों में गर्मी
तापमान के मालमे में इस साल सर्दियों के मौसम की शुरुआत फ़ीकी रही। पिछले साल नवंबर और दिसंबर में भी कोई ख़ास सर्दियों की बारिश और बर्फबारी की घटना नहीं दर्ज की गयी। नतीजतन, अधिकतम तापमान सामान्य औसत से काफ़ी ऊपर रहा। साल 2008 में 21.46 डिग्री सेल्सियस के पिछले रिकॉर्ड की तुलना में दिसंबर…
सिएरा लियोन की तर्ज़ पर भारत को भी करना चाहिए हीट ऑफिसर की नियुक्ति
निशान्त पूरी दुनिया फिलहाल जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों से जूझ रही है। ऐसे में तमाम देशों के लिए इसके प्रभावों को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाना ज़रूरी होता जा रहा है। इस दिशा में अफ्रीकी देश सिएरा लियोन से एक बेहद सकारात्मक खबर आ रही है। दरअसल सिएरा लियोन ने एक हीट…
अगले सात साल में दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन मार्केट होगा भारत
एक नए अध्ययन से पता चला है कि देश में कार्बन एमिशन कम करने की गतिविधियों पर होने वाले खर्चे में 28 फीसद की कमी आयी है। इतना ही नहीं, विशेषज्ञों का मानना है साल 2030 तक भारत दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन बाज़ार बन जाएगा।दरअसल साल 2020-21 में लागू किए गए इस कार्बन मार्केट…