एक नए अध्ययन से पता चला है कि देश में कार्बन एमिशन कम करने की गतिविधियों पर होने वाले खर्चे में 28 फीसद की कमी आयी है। इतना ही नहीं, विशेषज्ञों का मानना है साल 2030 तक भारत दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन बाज़ार बन जाएगा।दरअसल साल 2020-21 में लागू किए गए इस कार्बन मार्केट…
Category: जीवाश्म ईंधन
पेट्रोल, डीज़ल, बिजली के दाम बढ़ना तय
कैम्ब्रिज इकोनोमेट्रिक्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जीवाश्म-ईंधन से संबंधित चीजों, जैसे परिवहन और घरेलू ऊर्जा, ने अप्रैल और मई 2022 के बीच भारत की वार्षिक मुद्रास्फीति दर में लगभग 20% का योगदान दिया। उस समय भारत के वार्षिक मुद्रास्फीति की दर (सीपीआई) 7 से 8% के बीच थी।रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी 2021…
इस स्टील कंपनी की दोहरी नीति की हो रही है आलोचना
लक्जमबर्ग स्थित आर्सेलर मित्तल कम्पनी को अगली मई में होने जा रही अपनी वार्षिक सभा में मुश्किल सवालों का सामना करने के लिये तैयार रहना चाहिये। उसे जवाब देना होगा कि वह जापान की कम्पनी निपॉन स्टील (एएम/एनएस इंडिया) के साथ मिलकर भारत में स्टील बनने के लिए कोयला आधारित ब्लास्ट फरनेस क्यों लगा रही…
साफ ऊर्जा अपनाने से सालाना 19.5 बिलियन डॉलर बचा सकता है भारत
भारत ने वर्ष 2025 तक 76 गीगावॉट यूटिलिटी स्केल सौर और पवन बिजली उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। इससे भारत 19.5 बिलियन डॉलर (1588 बिलियन रुपए) बचा सकता है। ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर के ताजा अध्ययन में यह बात सामने आई है। ग्लोबल सोलर पावर ट्रैकर और ग्लोबल विंड पावर ट्रैकर के आंकड़ों के हिसाब से भारत को…
इस स्टील निर्माता ने पेश की सस्टेनेबिलिटी के लिए ज़िम्मेदारी की नज़ीर
देश की पूरी स्टील इंडस्ट्री को प्रेरणा देते हुए, भारत के अग्रणी स्टील निर्माताओं में से एक, जेएसडब्ल्यू स्टील, ResponsibleSteel™ का सदस्य बन गया है। ResponsibleSteel™ जिम्मेदारी से प्राप्त और उत्पादित स्टील के लिए एकमात्र वैश्विक मल्टी-स्टेखोल्डर स्टैंडर्ड और सर्टिफिकेशन पहल है। यह एक तरह का संगठन है जिसमें दुनिया भर के 130 स्टील उद्योग से जुड़े संस्थान शामिल हैं। जेएसडब्ल्यू स्टील 22 अरब अमेरिकी डॉलर के जेएसडब्ल्यू समूह का प्रमुख व्यवसाय है, और इनोवेशन, डिजिटलीकरण…
बीते 17 सालों में कोयला बिजली उत्पादन को नहीं मिला सार्वजनिक बैंकों की फंडिंग का ख़ास साथ
सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी (सीएफए) की नई रिपोर्ट ‘द कोल टेल : ट्रैकिंग इन्वेस्टमेंट्स इन कोल फायर्ड थर्मल पावर प्लांट्स इन इंडिया’ ने देश में कोयले से चलने वाले बिजली घरों को दी गई वित्तीय सहायता का खुलासा करते हुए बताया है कि साल 2005 से 2022 के बीच भारत में 84 राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं ने 1000 मेगा वाट या उससे ज्यादा की क्षमता…
नहीं हुआ कोयला बिजली का वित्तपोषण, 2021 में मिली रिन्यूबल एनेर्जी को तरजीह
साल 2021 में कोयले और रिन्यूबल स्त्रोतों से जुड़ी ऊर्जा परियोजनाओं की एक एनालिसिस से पता चलता है कि साल 2021 में कोयला बिजली परियोजनाओं के लिए कोई नया वित्तपोषण नहीं किया गया था। इतना ही नहीं, 2021 में नई ऊर्जा परियोजनाओं के लिए कुल वित्तपोषण, वित्त वर्ष 2017 के स्तर की तुलना में 60% कम था। क्लाइमेट ट्रेंड्स और सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबल (सीएफए) द्वारा…
कार्बन एमिशन को कम करने के लिए फौरन उठाने होंगे कदम: अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी
जलवायु परिवर्तन से गंभीर प्रभावों से बचने के लिए दुनिया को कोयले के जलने से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने के लिए तेजी से आगे आना चाहिए। ऐसा कुछ करने के लिए ज़रूरी है कि कोयले के स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों के लिए बड़े पैमाने पर वित्तपोषण को तेजी से बढ़ाया जाए और…
कार्बन एमिशन: इन देशों की अगर बड़ी भागीदारी, तो ये दिखा भी रहे उतनी ही ज़िम्मेदारी
इस बात में दो राय नहीं कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस एमिशन में वृद्धि हुई है, लेकिन पिछले दशक के औसत के मुक़ाबले यह बहुत कम मात्रा में हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का तो मानना है कि रिन्यूबल बिजली उत्पादन और इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से बढ़ते चलन ने एमिशन की इस वृद्धि के पैमाने…
इस साल रिकॉर्ड ऊंचाई पर रहा CO2 एमिशन
साल 2022 ख़त्म होने को आ गया मगर अब भी वैश्विक स्तर पर कार्बन एमिशन रिकॉर्ड लेवेल पर है। इस बात की जानकारी मिलती है ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट साइंस टीम से, जिसका कहना है कि वर्ष 2022 में वैश्विक स्तर पर कार्बन का एमिशन रिकॉर्ड ऊंचाई पर बना रहा। इसमें गिरावट के कोई निशान नहीं हैं जबकि वैश्विक तापमान में…