दक्षिण एशिया में वायु प्रदूषण का संकट विकासशील देशों के लिए खास तौर से बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। बहु क्षेत्रीय प्रदूषणकारी स्रोतों की व्यापक श्रंखला और उससे जुड़े मसलों की व्यापकता को देखते हुए इनके क्षेत्रीय स्तर पर समुचित समाधान निकालने की जरूरत है। मगर यह एक बहुत बड़ा काम है वायु प्रदूषण को नियंत्रित…
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वायु प्रदूषण से जुडी कहानियाँ
नहीं है भारत के पास वायु को साफ करने के लिए कोई ठोस कार्य योजना: विशेषज्ञ
राष्ट्रीय स्तर की वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग और शहर के एक्शन प्लान साबित हुए हैं अप्रभावी, राज्यों के एक्शन प्लान नहीं किये गये हैं तैयार: लाइफ राष्ट्रीय स्वच्छ वायु योजना (NCAP), जिसे 2019 में 102 प्रदूषित शहरों में वायु में सुधार के लिए शुरू किया गया था, अपने उद्देश्य को पूरा करने में विफल होने की संभावना है, यह कहना है लीगल इनिशिएटिव…
…बच सकती थीं वो दस लाख से ज़्यादा जानें
अमूमन सस्ती चीज़ों पर हम ध्यान नहीं देते लेकिन अब क्यूंकि पिछले साल से मौत सस्ती हो गयी है, हम उस पर ध्यान दे रहे हैं। मौत को सस्ता किया है कोविड 19 ने। इतना सस्ता कि महज़ कुछ दिनों में ही लोग बीमार हो कर इस दुनिया को छोड़ चले गये। न इलाज मिला…
देश के इन प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण लॉकडाउन के बावजूद भी बेलगाम
अन्य प्रमुख शहरों के विपरीत कोलकाता में 2019 से 2021 के बीच, मार्च से मई तक, वायु गुणवत्ता में दिखा सुधार पिछले साल से कोविड की मार झेल रहे देश में अगर कुछ अच्छा हुआ तो वो था आसमान का कुछ साफ़ होना और प्रदूषण के स्तर के कम होने का आभास। आभास इसलिए क्योंकि…
एयर क्वालिटी मोनिटरिंग में ये सस्ते सेंसर बनेंगे गेम चेंजर
पायलट अध्ययन से ज़ाहिर है कि रेगुलेटरी ग्रेड के मॉनिटर्स के साथ लगाये गये कम कीमत के सेंसर ने अपेक्षाकृत 85 प्रतिशत से ज्यादा दक्षता से काम कियादेश में प्रदूषण की बढ़ती मार के बीच पूरे भारत में इसके स्तरों पर नजर रखने के लिये जरूरी नेटवर्क के विस्तार की बहुत ज्यादा जरूरत महसूस की…
आंशिक लॉक डाउन का वायु प्रदूषण स्तरों पर नहीं हुआ ख़ास असर, प्रदूषण स्तर को ट्रैक करना ज़रूरी
पिछले साल की ही तरह, इस साल भी कुछ महीनों से, देश के कुछ हिस्से कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन में रहे हैं। लेकिन इस बार इन पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन का कोई ख़ास साकारात्मक असर नहीं दिखा। वजह रही शायद इनकी टाइमिंग। वायरस की विभीषिका के बाद लॉक…
“यह फैसला दुनिया बदल देगा”
एक ऐतिहासिक फैसले में, हेग की एक अदालत ने आज रॉयल डच शेल ग्रुप को CO2 उत्सर्जन में कटौती करने का आदेश दिया है। शेल को अब अपने, उपभोक्ताओं और आपूर्तिकर्ताओं समेत, कुल कार्बन उत्सर्जन में 2019 के स्तर के मुकाबले 2030 तक 45% तक कटौती करनी होगी।यह अपनी तरह का पहला कानूनी निर्णय है…
इन 11 देशों के धार्मिक संगठनों ने किया जीवाश्म ईंधन कारोबार से हर नाता तोड़ने का ऐलान
दुनिया के 11 देशों के 36 धार्मिक संगठनों ने आज खुद को जीवाश्म ईंधन के कारोबार से अपना हर नाता तोड़ने का ऐलान किया। इन ११ देशों में भारत समेत ब्राज़ील, अर्जेंटीना, फिलीपींस, उगांडा, इटली, स्पेन, स्विटजरलैंड, आयरलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के संगठन शामिल हैं।यह ऐलान जी7 शिखर बैठक को लेकर विभिन्न देशों के नेताओं…
इस स्विस बैंक से जुड़े कोयला संयंत्रों की वजह से रोज़ 51 मौतें होंगी
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के नए शोध के अनुसार, HSBC बैंक के स्वामित्व हिस्सेदारी वाली कंपनियों द्वारा निर्मित और नियोजित नए कोयला संयंत्रों से प्रति वर्ष वायु प्रदूषण अनुमानित 18,700 मौतों का कारण बनेगा। दूसरे शब्दों में, हर रोज़ लगभग 51 लोगों की मौतों का कारण बनेंगे ये संयंत्र।इन कोयला संयंत्रों…
‘अब नहीं बनेंगे नए कोयला बिजली घर’
आज जारी अध्ययन के मुताबिक भारत की कुल ऊर्जा क्षमता के 50% हिस्से का उत्पादन कर रहे राज्य और कंपनियां अब कोई नया कोयला बिजली घर नहीं बनाने का व्यक्त कर रही हैं संकल्प दिल्ली स्थित जलवायु संवाद संगठन क्लाइमेट ट्रेंड्स द्वारा किए गए एक ताजा अध्ययन के मुताबिक भारत में मौजूदा स्थापित ऊर्जा उत्पादन…