इस नए विश्लेषण के मुताबिक, 2025 के मुकाबले 2026 में दिल्ली का औसत एक्यूआई 15.8% गिरा, लेकिन रोज़ाना के एक्यूआई का मध्य मान 14.1% बढ़ गया। पराली जलाने की घटनाओं में मामूली कमी के बीच मौसम के आँकड़े भी हवा में सुधार की पूरी वजह नहीं बताते। दिल्ली की हवा के आँकड़े इस साल एक…
चलिए पढ़ा जाये
भारत में ग्रीन कवर 5.6% घटा, गर्मियों की तपिश बढ़ने का खतरा
स्टडी के मुताबिक, 2001 से 2025 के बीच ग्रीन कवर वाले क्षेत्र का हिस्सा 36.95% से घटकर 31.35% रह गया। वनस्पति वाले और नॉन-ग्रीन इलाकों के गर्मियों के औसत तापमान में 1 से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर दर्ज किया गया। भारत में ग्रीन कवर में लंबे समय से आ रही गिरावट और कम…
कमज़ोर मॉनसून के बाद अल नीनो की मार, रबी की फसलों पर बढ़ा खतरा
इस साल सामान्य से 13% कम बारिश, सर्दियों में भी गर्मी बढ़ने का अनुमान। कम मिट्टी की नमी और घटते जल भंडार से खेती पर दबाव बढ़ने की आशंका। भारत में 2026 का मॉनसून कम बारिश के साथ विदा हुआ है। जून से सितंबर के बीच देश में सामान्य से 13% कम बारिश दर्ज की…
साँसों का सवाल, 32 में 2 का हाल
सेहत के स्कोरकार्ड पर भारत की जलवायु योजना को मिले 32 में सिर्फ़ 2 अंकयह पर्चा जाँचा है ग्लोबल क्लाइमेट एंड हेल्थ अलायंस (GCHA) ने। यह 300 से ज़्यादा स्वास्थ्य पेशेवर संगठनों और स्वास्थ्य से जुड़े नागरिक संगठनों का गठबंधन है। आज, 14 अक्टूबर 2026 को, उसने हेल्दी NDC स्कोरकार्ड जारी किया। सवाल सीधा है:…
कमर्शियल किचन कामगारों पर प्रदूषण और गर्मी का खतरा, 70% रसोई में गाइडलाइन से ज्यादा एक्सपोजर
नई स्टडी में अमेरिका के 27 कमर्शियल किचन की निगरानी, गैस और प्रोपेन वाले किचन में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और गर्मी का स्तर कई जगह स्वास्थ्य मानकों से ऊपर मिला रेस्टोरेंट के किचन में काम करने वाले कर्मचारियों को सिर्फ लंबे समय तक गर्मी में काम करने की समस्या नहीं है। गैस और प्रोपेन से चलने…
जलवायु का कुछ नुकसान अब टलना मुश्किल, लेकिन कितना बड़ा होगा यह आज के फैसलों पर निर्भर
जलवायु बदलाव का असर आने वाले कई दशकों तक बना रहेगा, क्योंकि दुनिया पहले ही इतना ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कर चुकी है कि तापमान बढ़ने, समुद्र के स्तर में इजाफे और दूसरे लंबे समय के बदलावों का एक हिस्सा अब तय हो चुका है। लेकिन जलवायु विज्ञान की नई रिपोर्ट कहती है कि कहानी यहीं…
140 करोड़ खाद्य कामगार, शोषण और बढ़ता जलवायु खतरा
दुनिया का पेट भरने वाली खाद्य व्यवस्था में करीब 140 करोड़ लोग काम करते हैं। इनमें किसान, खेतिहर मजदूर, मछुआरे, फैक्ट्री कर्मचारी, रसोइये, डिलीवरी राइडर और खाद्य सामान बेचने वाले लोग शामिल हैं। लेकिन नई रिपोर्ट के मुताबिक यही कामगार दुनिया के सबसे ज्यादा शोषित श्रमिकों में हैं। कम मजदूरी, असुरक्षित काम, वेतन की चोरी,…
यूरोप में गर्मी-सूखे से अनाज को €3.2 अरब की चोट, भारत में कमजोर मानसून ने बढ़ाई खेती की चिंता
इस साल यूरोप में गर्मी और सूखे ने अनाज की पैदावार का अनुमान जितना घटाया है, उसका हिसाब अब अरबों यूरो में सामने आ रहा है। नई गणना के मुताबिक जून से सितंबर के बीच यूरोप की गेहूं, मक्का और जौ जैसी अनाज फसलों के उत्पादन का अनुमान 16.7 मिलियन टन घटा है। मौजूदा कीमतों…
सितंबर में हर दिन औसतन 2,493 रूफटॉप सोलर प्लांट, यूपी देश में सबसे आगे
उत्तर प्रदेश में सोलर पैनल अब सिर्फ बड़े सोलर पार्कों की कहानी नहीं रह गए हैं। सितंबर 2026 में प्रदेश में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए। यानी पूरे महीने में औसतन हर दिन 2,493 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सितंबर में हुई मासिक स्थापना के मामले में उत्तर…
चरम मौसम बढ़ा रहा दुनिया में खाने-पीने की चीजों की कीमतों का दबाव
जलवायु में बदलाव के साथ बढ़ रही चरम मौसम की घटनाएं अब सिर्फ फसलों और खाद्य उत्पादन को नुकसान नहीं पहुंचा रहीं। इनका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। सूखा, रिकॉर्ड गर्मी और बहुत ज्यादा बारिश की घटनाओं ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कॉफी, मांस, सब्जियों, आलू और…