हर साल मानसून के साथ असम में बाढ़ की खबरें भी आने लगती हैं। नदियां उफान पर होती हैं, गांव डूब जाते हैं, लाखों लोगों को घर छोड़कर राहत शिविरों में जाना पड़ता है। आम तौर पर इसकी वजह भारी बारिश को माना जाता है। लेकिन नई ब्रीफिंग बताती है कि अब असम की बाढ़…
Category: जलवायु विज्ञान
जलवायु विज्ञान से जुडी कहानियाँ
क्या यूरोप का कार्बन टैक्स भारत के लिए खतरा नहीं? क्या बन सकता है अवसर भी? नई रिपोर्ट ने बदली बहस की दिशा
यूरोपीय संघ (EU) के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) को लेकर भारत में पिछले कुछ वर्षों से लगातार चिंता जताई जाती रही है। सरकार से लेकर उद्योग जगत तक, यह आशंका रही कि यूरोप का यह नया कार्बन टैक्स भारतीय इस्पात उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को कमजोर कर देगा और निर्यात महंगा हो जाएगा। लेकिन…
दवा की अगली बड़ी खोज कहीं जंगल में तो नहीं छिपी?
उष्णकटिबंधीय जंगल बचाना क्यों है हमारी सेहत का भी सवाल जब भी जंगलों की बात होती है, चर्चा अक्सर ऑक्सीजन, जैव विविधता या जलवायु परिवर्तन तक सीमित रह जाती है। लेकिन एक नया विश्लेषण बताता है कि उष्णकटिबंधीय जंगल केवल पृथ्वी के फेफड़े ही नहीं हैं, बल्कि भविष्य की जीवनरक्षक दवाओं का सबसे बड़ा भंडार…
ग्रीन स्टील नहीं होगी महंगी, अगर स्वच्छ बिजली और ग्रीन हाइड्रोजन बढ़ें साथ-साथ: नई रिपोर्ट
स्टील बनाना दुनिया के सबसे प्रदूषणकारी औद्योगिक कामों में से एक है। भारत जैसे देश के लिए चुनौती और भी बड़ी है। एक तरफ़ तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को स्टील चाहिए, दूसरी तरफ़ कार्बन उत्सर्जन भी घटाना है। लेकिन क्या ग्रीन स्टील बनाना बहुत महंगा पड़ेगा? TransitionZero की नई रिपोर्ट कहती है, शायद नहीं। अगर…
दिल्ली में तापमान 42 डिग्री था… लेकिन शरीर को लगा 51 डिग्री। आखिर ये नया ‘हीट इंडेक्स’ है क्या?
दिल्ली वालों ने पिछले कुछ दिनों में मौसम की खबरों में एक नया आंकड़ा सुना। “फील्स लाइक टेम्परेचर 50 डिग्री के पार पहुंच गया।” कई लोगों ने सोचा, “अरे… थर्मामीटर तो 42 डिग्री दिखा रहा है। फिर 50 डिग्री कहां से आ गया?” दरअसल, यहां कोई नया तापमान नहीं मापा जा रहा। थर्मामीटर अब भी…
एआई पर खरबों डॉलर का दांव, लेकिन बढ़ती गर्मी और बाढ़ के बीच बनेंगे दुनिया के डेटा सेंटर
दुनिया इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, यानी एआई, के पीछे भाग रही है।तकनीकी कंपनियां नए डेटा सेंटर बना रही हैं।सरकारें डिजिटल अर्थव्यवस्था को भविष्य की ताकत बता रही हैं।और निवेश का पैमाना इतना बड़ा है कि आंकड़े सुनकर हैरानी होती है।लेकिन इस तकनीकी दौड़ के बीच एक नया सवाल सामने आया है।अगर भविष्य डेटा सेंटरों में…
धरती पहले से कहीं तेज़ हो रही गर्म, 1.5° C की सीमा अब सिर्फ़ चार साल दूर
कई सालों तक जलवायु परिवर्तन को भविष्य का संकट कहा जाता रहा।एक ऐसा खतरा जो आने वाली पीढ़ियों को झेलना पड़ेगा।लेकिन अब वैज्ञानिक कह रहे हैं कि वह भविष्य दरअसल हमारे वर्तमान में आ चुका है। धरती गर्म हो रही है। और सिर्फ़ गर्म नहीं हो रही, बल्कि पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से गर्म…
बदलती सर्दियां, सिकुड़ते दाने, भारत के गेहूं पर बढ़ता जलवायु संकट
दिल्ली की मंडियों तक पहुंचने वाली गेहूं की हर बोरी सिर्फ अनाज नहीं होती। उसमें एक मौसम छिपा होता है। ठंडी रातें, धुंध वाली सुबहें, जनवरी की ठिठुरन, और फरवरी की हल्की धूप। गेहूं सिर्फ खेत में नहीं उगता, वह मौसम की लय पर उगता है। लेकिन अब यही लय टूट रही है। Climate Trends…
कटते जंगल, टूटती बारिश, और अमेज़न का डरावना मोड़
अमेज़न के जंगल को अक्सर “धरती के फेफड़े” कहा जाता है। लेकिन अब वैज्ञानिक कह रहे हैं कि ये फेफड़े सिर्फ कमजोर नहीं हो रहे, बल्कि एक ऐसे मोड़ के करीब पहुंच रहे हैं जहां से वापसी मुश्किल हो सकती है। जर्नल Nature में प्रकाशित एक नई स्टडी “Deforestation-induced drying lowers Amazon climate threshold” के…
बीमारी की भाषा में क्लाइमेट की बात, दोगुना असर
जलवायु परिवर्तन को समझाने के कई तरीके हैं। तापमान, कार्बन, ग्लेशियर, समुद्र। लेकिन एक नई स्टडी कहती है कि अगर आप क्लाइमेट को “सेहत” की भाषा में समझाते हैं, तो लोग सिर्फ समझते नहीं, प्रतिक्रिया भी देते हैं। Wellcome Trust के लिए Climate Opinion Research Exchange द्वारा किए गए एक बड़े अध्ययन में पाया गया…