विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य हासिल करने के लिये भारत को न्यायसंगत एनेर्जी ट्रांज़िशन को जन सरोकार का मुद्दा भी बनाना चाहिये। इस ट्रांज़िशन के लिये क्लाइमेट फाइनेंसिंग को भी कई गुना बढ़ाना होगा। ग्लोबल फाइनेंस आर्किटेक्चर और ग्रीन क्लाइमेट फंड में निजी वित्त का प्रवाह बनाया जाना चाहिए। …
Category: जीवाश्म ईंधन
जीवाश्म ईंधन से जुड़ी उधारी पड़ रही है नेट ज़ीरो उम्मीदों पर भारी
वैश्विक मामलों के थिंकटैंक ओडीआई की एक ताजा रिसर्च में यह बात सामने आई है कि निम्न और मध्यम आमदनी वाले देशों में जीवाश्म ईंधन के खनन से संबंधित कर्ज के कुचक्र से वैश्विक स्तर पर एनेर्जी ट्रांज़िशन को खतरा उत्पन्न हो रहा है। कर्ज का बोझ पड़ने पर यह देश तेल तथा गैस के…
नए निवेश की जगह एनटीपीसी पुरानी, फंसी हुई कोयला बिजली परियोजनाओं का करे अधिग्रहण और पुनरुद्धार
पुराने हो चुके और फंसे हुए थर्मल पावर प्लांट्स के रणनीतिक अधिग्रहण और फिर रिवाइवल या पुनरुद्धार से राज्य के स्वामित्व वाली भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक, NTPC, बैंकों को अपनी बैलेंस शीट सुधारने में मदद कर सकती है।यह निष्कर्ष है इंस्टिट्यूट फॉर एनर्जी इकनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (आईईईएफए) की ताज़ा रिपोर्ट का, जिसमें 6.1GW की…
जी20 देशों में रिन्यूबल एनेर्जी बना रही है पैठ
पैरिस समझौते के बाद से पवन और सौर ऊर्जा के कारण जी20 देशों में कोयले से बनने वाली बिजली की हिस्सेदारी में गिरावट आयी है। चौथे वार्षिक ग्लोबल इलेक्ट्रिसिटी रीव्यू के डेटा के ताजा विश्लेषण में यह दावा किया गया है। ऊर्जा थिंक टैंक एम्बर ने इस विश्लेषण को प्रकाशित किया है। हालांकि यह बदलाव…
झारखण्ड का अधिकांश कोयला कारोबार कार्यबल चाहता है क्षमता संवर्धन: अध्ययन
जीवाश्म ईंधन से स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की तरफ बढ़ते रुझान और नेटजीरो लक्ष्यों के प्रति भारत की संकल्पबद्धता के बीच एक ताजा अध्ययन में झारखंड में कोयला कारोबार से जुड़े कामगारों को लेकर एक विस्तृत अध्ययन किया गया है। हर तीन में से एक कोयला कामगार खेती को रोजगार के अपने वैकल्पिक साधन के तौर…
IFC ने की नई कोयला परियोजनाओं की फंडिंग बंद करने की घोषणा
विश्व बैंक की निजी क्षेत्र की शाखा, अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) ने साफ कर दिया है कि वह नई कोयला परियोजनाओं में निवेश का समर्थन नहीं करेगी।IFC बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को धन देता है जो बदले में बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं को उधार देते हैं। IFC ने कथित तौर पर भारत में…
कोयला बिजली: नए निवेशों की रफ्तार धीमी, पुराने प्लांटों को बंद करने पर स्थिति असपष्ट
ग्लोबल एनेर्जी मॉनिटर के नौवें वार्षिक सर्वे की मानें तो भविष्य में अपने कोयले के इस्तेमाल को लेकर भारत वैश्विक स्तर पर मिले जुले संकेत भेजता रहा है। कोल प्लांट पाइप लाइन पर होने वाले इस सर्वे के मुताबिक़ जहां एक ओर नयी कोयला बिजली परियोजनाओं की कमीशनिंग बीते वर्षों में अपने निचले स्तर पर रही है, वहीं नई परियोजनाओं के लिए प्लान भी बन रहे हैं और पुराने कम आउटपुट और एफ़िशियेन्सी वाले प्लांटों को बंद करने की कोई स्पष्ट योजना नहीं दिख रही। रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत ने 2022 में केवल 3.5 गीगावाट (GW) नई कोयला बिजली क्षमता पर खर्च किया है। 2020 में होने वाली महामारी की मंदी को छोड़ दें तो, यह 2014 के उच्च…
अगले सात साल में दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन मार्केट होगा भारत
एक नए अध्ययन से पता चला है कि देश में कार्बन एमिशन कम करने की गतिविधियों पर होने वाले खर्चे में 28 फीसद की कमी आयी है। इतना ही नहीं, विशेषज्ञों का मानना है साल 2030 तक भारत दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन बाज़ार बन जाएगा।दरअसल साल 2020-21 में लागू किए गए इस कार्बन मार्केट…
पेट्रोल, डीज़ल, बिजली के दाम बढ़ना तय
कैम्ब्रिज इकोनोमेट्रिक्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जीवाश्म-ईंधन से संबंधित चीजों, जैसे परिवहन और घरेलू ऊर्जा, ने अप्रैल और मई 2022 के बीच भारत की वार्षिक मुद्रास्फीति दर में लगभग 20% का योगदान दिया। उस समय भारत के वार्षिक मुद्रास्फीति की दर (सीपीआई) 7 से 8% के बीच थी।रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी 2021…
इस स्टील कंपनी की दोहरी नीति की हो रही है आलोचना
लक्जमबर्ग स्थित आर्सेलर मित्तल कम्पनी को अगली मई में होने जा रही अपनी वार्षिक सभा में मुश्किल सवालों का सामना करने के लिये तैयार रहना चाहिये। उसे जवाब देना होगा कि वह जापान की कम्पनी निपॉन स्टील (एएम/एनएस इंडिया) के साथ मिलकर भारत में स्टील बनने के लिए कोयला आधारित ब्लास्ट फरनेस क्यों लगा रही…