इस साल मानसून ने भारत में अजीब तस्वीर पेश की है। जून के अंत तक देश में सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। लेकिन जुलाई शुरू होते ही हालात तेजी से बदल गए। मुंबई और पश्चिमी तट के कई इलाकों में कुछ ही दिनों में इतनी बारिश हुई कि देशभर में बारिश की कमी…
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वर्ल्ड बैंक ने हटाया 45% क्लाइमेट फाइनेंस लक्ष्य, क्या अब जलवायु अनुकूलन के लिए पैसा जुटाना होगा और मुश्किल?
जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए सिर्फ़ लक्ष्य तय करना काफी नहीं होता। उसके लिए पैसा भी चाहिए। बाढ़ से बचाने वाले तटबंध बनाने हों। शहरों को भीषण गर्मी के लिए तैयार करना हो। सूखे का सामना करने वाली खेती विकसित करनी हो। या समुद्र किनारे बसे इलाकों को सुरक्षित बनाना हो। इन सबके लिए…
यूरोप में भी अब भारत जैसी गर्मी, जलवायु परिवर्तन ने जून की हीटवेव को बना दिया और खतरनाक
एक समय था जब भीषण गर्मी की खबरें ज़्यादातर भारत, पाकिस्तान या पश्चिम एशिया से आती थीं। यूरोप की पहचान अपेक्षाकृत ठंडे मौसम वाले महाद्वीप के रूप में होती थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। इस साल जून के आखिरी दिनों में पश्चिमी यूरोप के कई हिस्सों में पड़ी रिकॉर्डतोड़ गर्मी को लेकर आई…
दिल्ली में तापमान 42 डिग्री था… लेकिन शरीर को लगा 51 डिग्री। आखिर ये नया ‘हीट इंडेक्स’ है क्या?
दिल्ली वालों ने पिछले कुछ दिनों में मौसम की खबरों में एक नया आंकड़ा सुना। “फील्स लाइक टेम्परेचर 50 डिग्री के पार पहुंच गया।” कई लोगों ने सोचा, “अरे… थर्मामीटर तो 42 डिग्री दिखा रहा है। फिर 50 डिग्री कहां से आ गया?” दरअसल, यहां कोई नया तापमान नहीं मापा जा रहा। थर्मामीटर अब भी…
भारत में सिर्फ गर्मी नहीं बढ़ रही, उमस भी शरीर को खतरनाक सीमा तक धकेल रही है
गर्मी पड़ती है तो लोग तापमान पूछते हैं। आज कितना पारा पहुंचा? 40 डिग्री?42 डिग्री?45 डिग्री? लेकिन कई बार असली खतरा उस संख्या में छिपा ही नहीं होता। क्योंकि शरीर सिर्फ तापमान नहीं महसूस करता। वह हवा में मौजूद नमी भी महसूस करता है। यही वजह है कि 38 डिग्री की उमस भरी दोपहर कई…
एआई पर खरबों डॉलर का दांव, लेकिन बढ़ती गर्मी और बाढ़ के बीच बनेंगे दुनिया के डेटा सेंटर
दुनिया इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, यानी एआई, के पीछे भाग रही है।तकनीकी कंपनियां नए डेटा सेंटर बना रही हैं।सरकारें डिजिटल अर्थव्यवस्था को भविष्य की ताकत बता रही हैं।और निवेश का पैमाना इतना बड़ा है कि आंकड़े सुनकर हैरानी होती है।लेकिन इस तकनीकी दौड़ के बीच एक नया सवाल सामने आया है।अगर भविष्य डेटा सेंटरों में…
जापान से एशिया पहुंच रही अमेरिकी एलएनजी, जलवायु पर असर 17 कोयला बिजलीघरों के बराबर: रिपोर्ट
जब एशिया के कई देश ऊर्जा सुरक्षा की बात करते हैं, तो अक्सर उनकी नज़र एलएनजी पर जाती है। इसे कोयले की तुलना में अपेक्षाकृत कम उत्सर्जन वाला ईंधन बताया गया।इसे एनर्जी ट्रांजिशन का एक पुल कहा गया।और इसे ऐसी व्यवस्था के रूप में पेश किया गया जो देशों को धीरे-धीरे रिन्यूएबल एनर्जी की ओर…
महसूस की है ग्लोबल वार्मिंग, कहना है 84% भारतीयों का
गर्मी अब सिर्फ मौसम नहीं रही। वह बातचीत का हिस्सा बन चुकी है। गांव के चौपाल से लेकर शहर के दफ्तर तक, लोग अब सिर्फ यह नहीं कह रहे कि गर्मी बढ़ गई है। वे यह भी कह रहे हैं कि मौसम पहले जैसा नहीं रहा। येल प्रोग्राम ऑन क्लाइमेट चेंज कम्युनिकेशन और सी-वोटर इंटरनेशनल…
धरती पहले से कहीं तेज़ हो रही गर्म, 1.5° C की सीमा अब सिर्फ़ चार साल दूर
कई सालों तक जलवायु परिवर्तन को भविष्य का संकट कहा जाता रहा।एक ऐसा खतरा जो आने वाली पीढ़ियों को झेलना पड़ेगा।लेकिन अब वैज्ञानिक कह रहे हैं कि वह भविष्य दरअसल हमारे वर्तमान में आ चुका है। धरती गर्म हो रही है। और सिर्फ़ गर्म नहीं हो रही, बल्कि पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से गर्म…
एनर्जी सिक्योरिटी के लिए अब आयात नहीं, उत्पादन ज़रूरी
एशिया की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है। नई फैक्ट्रियां बन रही हैं। सड़कें लंबी हो रही हैं। गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है। एयर कंडीशनर, डेटा सेंटर और उद्योगों की बिजली मांग लगातार ऊपर जा रही है। लेकिन इस विकास की एक बड़ी कीमत भी है। एशिया अपनी ऊर्जा का बड़ा हिस्सा बाहर से…