नई स्टडी में अमेरिका के 27 कमर्शियल किचन की निगरानी, गैस और प्रोपेन वाले किचन में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और गर्मी का स्तर कई जगह स्वास्थ्य मानकों से ऊपर मिला रेस्टोरेंट के किचन में काम करने वाले कर्मचारियों को सिर्फ लंबे समय तक गर्मी में काम करने की समस्या नहीं है। गैस और प्रोपेन से चलने…
चलिए पढ़ा जाये
जलवायु का कुछ नुकसान अब टलना मुश्किल, लेकिन कितना बड़ा होगा यह आज के फैसलों पर निर्भर
जलवायु बदलाव का असर आने वाले कई दशकों तक बना रहेगा, क्योंकि दुनिया पहले ही इतना ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कर चुकी है कि तापमान बढ़ने, समुद्र के स्तर में इजाफे और दूसरे लंबे समय के बदलावों का एक हिस्सा अब तय हो चुका है। लेकिन जलवायु विज्ञान की नई रिपोर्ट कहती है कि कहानी यहीं…
140 करोड़ खाद्य कामगार, शोषण और बढ़ता जलवायु खतरा
दुनिया का पेट भरने वाली खाद्य व्यवस्था में करीब 140 करोड़ लोग काम करते हैं। इनमें किसान, खेतिहर मजदूर, मछुआरे, फैक्ट्री कर्मचारी, रसोइये, डिलीवरी राइडर और खाद्य सामान बेचने वाले लोग शामिल हैं। लेकिन नई रिपोर्ट के मुताबिक यही कामगार दुनिया के सबसे ज्यादा शोषित श्रमिकों में हैं। कम मजदूरी, असुरक्षित काम, वेतन की चोरी,…
यूरोप में गर्मी-सूखे से अनाज को €3.2 अरब की चोट, भारत में कमजोर मानसून ने बढ़ाई खेती की चिंता
इस साल यूरोप में गर्मी और सूखे ने अनाज की पैदावार का अनुमान जितना घटाया है, उसका हिसाब अब अरबों यूरो में सामने आ रहा है। नई गणना के मुताबिक जून से सितंबर के बीच यूरोप की गेहूं, मक्का और जौ जैसी अनाज फसलों के उत्पादन का अनुमान 16.7 मिलियन टन घटा है। मौजूदा कीमतों…
सितंबर में हर दिन औसतन 2,493 रूफटॉप सोलर प्लांट, यूपी देश में सबसे आगे
उत्तर प्रदेश में सोलर पैनल अब सिर्फ बड़े सोलर पार्कों की कहानी नहीं रह गए हैं। सितंबर 2026 में प्रदेश में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए। यानी पूरे महीने में औसतन हर दिन 2,493 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सितंबर में हुई मासिक स्थापना के मामले में उत्तर…
चरम मौसम बढ़ा रहा दुनिया में खाने-पीने की चीजों की कीमतों का दबाव
जलवायु में बदलाव के साथ बढ़ रही चरम मौसम की घटनाएं अब सिर्फ फसलों और खाद्य उत्पादन को नुकसान नहीं पहुंचा रहीं। इनका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। सूखा, रिकॉर्ड गर्मी और बहुत ज्यादा बारिश की घटनाओं ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कॉफी, मांस, सब्जियों, आलू और…
सवाल बन UN पहुंचीं नेपाल की तबाही: कौन उठाएगा जलवायु संकट का नुकसान?
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले भाषण की शुरुआत विकास, लोकतंत्र और शांति की बात से नहीं की। उन्होंने हिमालय से आई एक चेतावनी की बात की। 26 अगस्त की आपदा में नेपाल के पहाड़ी समुदायों पर बाढ़, मलबे और पानी ने ऐसी तबाही मचाई कि सड़कें, पुल, स्कूल,…
UNGA में जलवायु का एजेंडा: नेपाल की आपदा से Loss and Damage तक, दुनिया की नजर अब COP31 पर
संयुक्त राष्ट्र महासभा का नया सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब जलवायु संकट की कीमत अब केवल तापमान, उत्सर्जन या मौसम के आंकड़ों में नहीं दिखाई देती। नेपाल में पिछले महीने हुई विनाशकारी ग्लेशियर आपदा ने इस बहस को सीधे उन लोगों की जिंदगी और नुकसान से जोड़ दिया है, जो जलवायु संकट…
नेपाल की भयावह हिमालयी आपदा के पीछे जलवायु परिवर्तन की कितनी भूमिका? वैज्ञानिक विश्लेषण ने खोली पहाड़ की बदलती कहानी
26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास लांगटांग लिरुंग पर्वत से बर्फ और चट्टान का एक विशाल हिस्सा टूटकर नीचे आया। इसके बाद पानी, बर्फ और मलबे की एक विनाशकारी धारा ने नीचे की बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस आपदा में 1,300 से अधिक लोगों की मौत हुई और 5,000 से ज्यादा…
समुद्र 100 दिन तक रिकॉर्ड गर्म रहा तो कौन चुकाएगा कीमत ?
अगर किसी शहर में लगातार 100 दिनों तक तापमान रिकॉर्ड स्तर पर बना रहे, तो हम इसे बड़ी खबर मानेंगे। लेकिन यही बात जब महासागर के साथ होती है, तो उसका असर हमारी नजर से काफी हद तक बाहर रहता है। 2026 में दुनिया के महासागर कुछ ऐसी ही असाधारण गर्मी से गुजर रहे हैं।…