Skip to content
Menu
Climate कहानी
  • आइए, आपका स्वागत है!
  • बुनियादी बातें
  • चलिए पढ़ा जाये
  • आपकी कहानी
  • सम्पर्क
  • शब्दकोश
Climate कहानी

चलिए पढ़ा जाये

फैशन का काला सच: कोयले से बनते कपड़े, मज़दूरों की मजबूरी

Posted on September 30, 2025

सोचो, एक छोटा सा कमरा है। खिड़की बंद है, बाहर सूरज तप रहा है और अंदर भट्ठी जैसी गर्मी है। पसीने से तरबतर मज़दूर रंगाई की मशीन के पास खड़ा है। धुएं की गंध उसकी साँसों में घुल चुकी है। यही है वो हकीकत, जिसे फैशन इंडस्ट्री बड़ी चतुराई से अपने चमकते-दमकते शो-रूम्स और विज्ञापनों के पीछे छुपा…

Continue Reading

बीमारियों का बोझ घट सकता है एक-तिहाई, ‘हेल्थ बेनिफिट असेसमेंट डैशबोर्ड’ ने खोला राज़ 

Posted on September 30, 2025

बरसात का मौसम ख़त्म होते ही राजधानी में एक अहम चर्चा हुई। क्लाइमेट ट्रेंड्स और आईआईटी दिल्ली ने मिलकर एक वर्कशॉप का आयोजन किया, जहाँ पहली बार ऐसा टूल लॉन्च हुआ जो हवा की गुणवत्ता और जनता की सेहत के बीच सीधा रिश्ता सामने रखता है। इसका नाम है हेल्थ बेनिफिट असेसमेंट डैशबोर्ड। यह डैशबोर्ड पाँचवीं…

Continue Reading

न्यूयॉर्क क्लाइमेट समिट में चीन का पहला ‘एब्सॉल्यूट कट’ वादा, लेकिन उम्मीद से कमजोर

Posted on September 25, 2025

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की मेज़बानी में हुई क्लाइमेट समिट में 100 से अधिक देशों ने 2035 के लिए अपने नए जलवायु लक्ष्य पेश किए। इस मौके पर चीन ने भी अपनी पहली एब्सॉल्यूट एमिशन कटौती योजना की घोषणा की, लेकिन इसे विश्लेषकों ने “कमज़ोर और पहले से तय रफ्तार” बताया। चीन…

Continue Reading

पेरिस समझौते से और दूर ले जा रही है दुनिया की फॉसिल फ्यूल योजनाएँ: नया रिपोर्ट

Posted on September 22, 2025

स्टॉकहोम से जारी हुई एक बड़ी रिपोर्ट ने साफ कहा है कि पेरिस समझौते के 10 साल बाद भी सरकारें अब भी पुराने रास्ते पर चल रही हैं। 2025 का प्रोडक्शन गैप रिपोर्ट बताता है कि 2030 तक दुनिया भर की सरकारें जितना कोयला, तेल और गैस निकालने की योजना बना रही हैं, वो 1.5…

Continue Reading
Solar and WInd

रिन्यूबल एनर्जी को लेकर फैली भ्रांतियाँ टूट रहीं, ताज़ा रिपोर्ट में सामने आए तथ्य

Posted on September 18, 2025

रिन्यूबल एनर्जी को लेकर अब भी कई पुराने मिथक लोगों की सोच पर हावी हैं-जैसे कि सोलर और विंड एनर्जी महँगी है, भरोसेमंद नहीं है या फिर पर्यावरण के लिए खतरनाक साबित होती है। लेकिन ज़ीरो कार्बन एनालिटिक्स (ZCA) की नई रिपोर्ट ने इन धारणाओं को तथ्यों के साथ खारिज किया है। रिपोर्ट कहती है…

Continue Reading

सूखा और सैलाब के बीच झूलती दुनिया: WMO की रिपोर्ट ने खोली पानी के चक्र की सच्चाई

Posted on September 17, 2025

पानी, ज़िंदगी का सबसे बुनियादी जरिया, अब पहले से कहीं ज़्यादा अनिश्चित हो चला है। कभी इतना कम कि धरती फटने लगे, कभी इतना ज़्यादा कि शहर डूब जाएं। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की ताज़ा स्टेट ऑफ ग्लोबल वॉटर रिसोर्सेज रिपोर्ट 2024 ने साफ़ कर दिया है कि दुनिया का जल चक्र पहले से…

Continue Reading

पेट्रोल-डीज़ल से ज़्यादा, हमारी साँसें महंगी पड़ रही हैं

Posted on September 17, 2025

एक नई ग्लोबल रिपोर्ट, Cradle to Grave: The Health Toll of Fossil Fuels and the Imperative for a Just Transition ने साफ़ कह दिया है, फॉसिल फ्यूल सिर्फ़ जलवायु संकट की वजह नहीं हैं, ये हमारी सेहत को गर्भ से बुढ़ापे तक नुकसान पहुँचा रहे हैं। सोचिए, पेट्रोल, कोयला, गैस—ये कहानी सिर्फ़ धुएं या कार्बन…

Continue Reading

आइस को बचाने के जुगाड़ नहीं, असली इलाज चाहिए: नई स्टडी में चेतावनी

Posted on September 12, 2025

दुनिया भर में आर्कटिक और अंटार्कटिक की बर्फ़ तेज़ी से पिघल रही है। इस संकट को रोकने के लिए कई “जुगाड़ू आइडिया” सामने आए हैं—कहीं समुद्र के नीचे पर्दे (sea curtains) लगाने की बात हो रही है ताकि गर्म पानी बर्फ़ तक न पहुँचे, कहीं बर्फ़ मोटी करने के लिए समुद्र का पानी पंप करने…

Continue Reading

सिर्फ “दुनिया की फैक्ट्री” नहीं, बल्कि “दुनिया की ग्रीन फैक्ट्री” बन रहा है चीन

Posted on September 12, 2025

चीन अब सिर्फ “दुनिया की फैक्ट्री” नहीं, बल्कि “दुनिया की ग्रीन फैक्ट्री” भी बनता जा रहा है। ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि चीनी कंपनियों ने विदेशों में क्लीन-टेक्नोलॉजी यानी बैटरी, सोलर, विंड टर्बाइन और इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली फैक्ट्रियों में 227 अरब डॉलर से ज़्यादा का निवेश कर दिया है। अगर ऊपरी अनुमान देखें तो ये रकम 250 अरब डॉलर तक पहुँचती…

Continue Reading

रसोई से मंडी तक हाहाकार: टमाटर-प्याज़-आलू पर मौसम की मार

Posted on August 31, 2025

दिल्ली की आज़ादपुर मंडी की तंग गलियों में कदम रखते ही आपको सब्ज़ियों की गंध और गहमागहमी का शोर सुनाई देगा। ठेलेवाले दाम लगाते हैं, खरीदार झुंझलाते हैं—“भाई, ये टमाटर इतना महंगा क्यों?” दुकानदार कंधे उचकाता है, “साहब, बारिश ने सब चौपट कर दिया, माल ही नहीं आ रहा।” यानी दामों के पीछे की असली…

Continue Reading
  • Previous
  • 1
  • …
  • 3
  • 4
  • 5
  • 6
  • 7
  • 8
  • 9
  • …
  • 58
  • Next

क्लाइमेट की कहानी, मेरी ज़बानी

©2026 Climate कहानी | WordPress Theme: EcoCoded